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Sonipat News: महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व उनकी हत्या के विरोध में सीटू कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस
Thu, 22 Aug 2024 10:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 22 Aug 2024 10:51 PM IST
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सोनीपत। कोलकाता में आरजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या के विरोध में मजदूर संगठन सीआईटीयू से सदस्यों ने वीरवार को शहर में जुलूस निकाला। उन्होंने लघु सचिवालय में तहसीलदार जिवेंद्र मलिक को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पहले आशा, आंगनबाड़ी, क्रैच, मिड डे मील कार्यकर्ता पंचायत भवन में एकत्रित हुई। वहां से जुलूस निकालते हुए गोहाना रोड स्थित लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व सीआईटीयू की प्रधान अनीता, राज्य अध्यक्ष सुरेखा एवं वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने किया।
वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि कुछ दिनों में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार के बाद हत्याओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पताल में महिला डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं हैं तो अन्य स्थानों के हालात क्या होंगे। समाज में कोई भी स्थान महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रहा है। कामकाजी महिलाओं के लिए चुनौतियां और भी ज्यादा हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद विशाखा एक्ट को लागू करते हुए सभी कार्य स्थलों पर यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी का गठन तक नहीं किया गया है। उनकी मांग है कि हत्यारों को कड़ी सजा दी जाए। चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए तुरंत कानून व गाइडलाइन बनाई जाएं। सभी कार्य स्थलों पर यौन हिंसा व उत्पीड़न रोकथाम (पीओएसएच) कानून का क्रियान्वयन किया जाए। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन में अधिवक्ता श्रद्धानंद सोलंकी, शीलकराम मलिक, रामनिवास राणा, सतबीर धनखड़, रणबीर मलिक, सुरजावती, सोना देवी, ऊषा देवी, सुदेश कुमारी, कृष्णा देवी, सविता मलिक, कविता दहिया, सुमन भी मौजूद रहीं।
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वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि कुछ दिनों में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार के बाद हत्याओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पताल में महिला डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं हैं तो अन्य स्थानों के हालात क्या होंगे। समाज में कोई भी स्थान महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रहा है। कामकाजी महिलाओं के लिए चुनौतियां और भी ज्यादा हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद विशाखा एक्ट को लागू करते हुए सभी कार्य स्थलों पर यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी का गठन तक नहीं किया गया है। उनकी मांग है कि हत्यारों को कड़ी सजा दी जाए। चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए तुरंत कानून व गाइडलाइन बनाई जाएं। सभी कार्य स्थलों पर यौन हिंसा व उत्पीड़न रोकथाम (पीओएसएच) कानून का क्रियान्वयन किया जाए। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन में अधिवक्ता श्रद्धानंद सोलंकी, शीलकराम मलिक, रामनिवास राणा, सतबीर धनखड़, रणबीर मलिक, सुरजावती, सोना देवी, ऊषा देवी, सुदेश कुमारी, कृष्णा देवी, सविता मलिक, कविता दहिया, सुमन भी मौजूद रहीं।
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