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Sonipat: अंडर-23 विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में सोना जीतकर लौटे चिराग छिक्कारा का स्वागत, जानें संघर्ष की कहानी

Fri, 01 Nov 2024 02:31 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Fri, 01 Nov 2024 02:31 PM IST
सार

चिराग के पिता दिनेश छिक्कारा ने बताया कि बेटे ने विश्व स्तर पर सोना जीतकर देश, प्रदेश व गांव का नाम रोशन किया है। विश्व विजेता बनने पर परिवार में जश्न का माहौल है। चिराग पहलवान गांव रायपुर स्थित अखाड़ा में अभ्यास करते हैं।

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Chirag Chhikara, who returned after winning gold in the Under-23 World Wrestling Championship
पहलवान चिराग छिक्कारा - फोटो : संवाद

विस्तार

अंडर-23 के विश्व विजेता बनकर लौटे गांव जुआं के पहलवान चिराग छिक्कारा का दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वीरवार को स्वागत किया गया। उन्होंने अल्बानिया की राजधानी तिराना में 21 से 27 अक्तूबर तक आयोजित प्रतियोगिता के 57 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। चिराग के विश्व विजेता बनकर लौटने पर ढोल नगाड़े के साथ फूल व रुपये की माला पहनाकर स्वागत किया गया।

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चाचा वीरेंद्र छिक्कारा ने बताया कि चिराग का विश्व विजेता बनने का सफर संघर्ष से भरा रहा है। चिराग को वर्ष 2016 में जबरदस्ती गांव स्थित अखाड़ा में लेकर गए थे। जिसके बाद चिराग ने प्रशिक्षक संजीत पहलवान से गुर सीखना शुरू किया था। वर्ष 2018 में पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने बताया कि अखाड़ा में अभ्यास के दौरान पसली टूट गई थी। जिसकी वजह से कई महीनों तक अभ्यास से दूर रहना पड़ा था।
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इस साल जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान घुटने में चोट लगी थी। डॉक्टर ने कहा था कि चिराग का खेलना मुश्किल है, लेकिन चिराग ने हार नहीं मानी। वह कड़ी मेहनत व अभ्यास के बाद करीब छह माह बाद मेट पर वापस लौटे और अब विश्व विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया है। दिल्ली स्थित हवाई अड्डे पर सीनियर विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में प्रतिभागिता करने वाले गांव के ही पहलवान अंकित गुलिया का भी फूल माला पहना स्वागत किया गया। 
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चिराग के पिता दिनेश छिक्कारा ने बताया कि बेटे ने विश्व स्तर पर सोना जीतकर देश, प्रदेश व गांव का नाम रोशन किया है। विश्व विजेता बनने पर परिवार में जश्न का माहौल है। चिराग पहलवान गांव रायपुर स्थित अखाड़ा में अभ्यास करते हैं। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में चिराग ने किर्गिस्तान के पहलवान अब्दिमलिक काराचोव को 4-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। चिराग छिक्कारा ने कहा कि विश्व कुश्ती में पदक जीतना तो केवल शुरुआत है, मेरा लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। चिराग को नेवी के प्रशिक्षक कुलदीप सिंह, साई के प्रशिक्षक बलवंत छिक्कारा, रेलवे के प्रशिक्षक राजबीर छिक्कारा, प्रशिक्षक सुरेंद्र, वायु सेना प्रशिक्षक डालमिया, वीरेंद्र छिक्कारा ने बधाई दी।

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