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शिशु संरक्षण दिवस : टीकाकरण व बेहतर देखभाल की वजह से गिरा शिशु मृत्यु दर का ग्राफ

Fri, 07 Nov 2025 01:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 07 Nov 2025 01:59 AM IST
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Child Protection Day: Due to vaccination and better care, the graph of infant mortality rate has fallen.
सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान व नवजात की बेहतर देखभाल के चलते शिशु मृत्यु दर का आंकड़ा गिरा है। यह स्वास्थ्य के हिसाब से अच्छी खबर है। विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में तीन साल में शिशु मृत्यु दर काफी कमी आई है।
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विभाग के अधिकारी इसकी बड़ी वजह अस्पतालों में हर स्तर पर बेहतर सुधार को मान रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में माता और शिशु मृत्युदर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए अभियान चला रखा है। वर्ष 2022-23 के दौरान शिशु मृत्यु दर 72 थी तो वर्ष 2023-24 के दौरान शिशु मृत्यु दर घटकर 49 रह गई।
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इसके बाद विभाग की ओर से जागरूकता अभियान शुरू किया तो वर्ष 2024-25 के दौरान शिशु मृत्यु दर घटकर 30 पर आई। विभाग ने अपनी कार्य योजना बनाकर स्वास्थ्य कर्मियों को शिशु मृत्यु दर और कम करने के लक्ष्य को जल्द पूरा करने के लिए लगा दिया है।
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मातृ व शिशु मृत्यु दर के कारण
मातृ मृत्यु का सबसे अहम कारण गर्भवती महिला के अंदर खून की कमी होना माना गया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर महिलाएं एनीमिया से पीड़ित होती हैं। इससे प्रसव के समय खून की कमी होने से महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। इसके अलावा दूसरे कारणों में प्रसव के समय अधिक रक्त-स्त्राव होना, किसी भी तरह का संक्रमण होना, असुरक्षित गर्भपात होना, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी या अस्थमा जैसी किसी बीमारी से पीड़ित होना है।

आशा कार्यकर्ताओं को सौंप रखी है जिम्मेदारी
शिशु मृत्यु को कम करने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी रखी है। शिशु मृत्यु दर कम करने में भी आशा वर्कर अहम भूमिका निभाएंगी। इस बारे में आशा कार्यकर्ताओं के लिए खास प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए हैं। उनको दिशा-निर्देश दिए हैं कि अपने आस-पास के क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं पर नजर रखना, उनका पंजीकरण करवाना, अगर उनका हीमोग्लोबिन ज्यादा कम है तो उन पर खास ध्यान देना होगा। ऐसी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को डाइट चार्ट तैयार करके देना होगा और उसी के अनुसार उनको खानपान रखने के लिए समझाना जरूरी है। पूरे नौ महीने तक आयरन व कैल्शियम की दवा देना भी जरूरी है।


वर्ष (यू5एमआर 0-5 वर्ष) (आईएमआर 0-1 वर्ष) (एनएमआर 0-1 माह)
2022-23 72 19 14
2023-24 49 11 7
2024-25 30 6 4
नोट: पांच वर्ष से कम मृत्यु दर (यू5एमआर), 1 वर्ष से कम मृत्यु दर(आईएमआर), 1 माह से कम मृत्यु दर (एनएमआर)


आशा कार्यकर्ता और एएनएम गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर ही प्रसव कराने के लिए प्रेरित कर रही हैं। साथ ही समय-समय पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आई है। मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वर्क प्लान बना रखा है। उसी के अनुसार सभी स्वास्थ्य कर्मियों को जिम्मेदारी दे दी गई है।
- डॉ. नीरज यादव, उप सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग
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