फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Child dies in womb, family members allege negligence, uproar

Sonipat News: गर्भ में बच्चे की मौत, लापरवाही का आरोप लगा परिजनों का हंगामा

Sat, 23 Sep 2023 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 23 Sep 2023 12:58 AM IST
विज्ञापन
Child dies in womb, family members allege negligence, uproar
सोनीपत। गर्भ में बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने नागरिक अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। वे हंगामा करते हुए प्रधान चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर उप चिकित्सा अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की। ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकवीर सिंह से मिलकर जांच के साथ चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। पीएमओ ने उनको शांत करवाते हुए मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ आश्वासन दिया।
विज्ञापन

गांव खेड़ी मनाजात निवासी सुरेश ने बताया कि 20 सितंबर को उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता को डिलिवरी कराने के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। डिलिवरी में कुछ समय बताकर उन्हें घर भेज दिया गया। वीरवार को पत्नी को फिर से प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लेकर पहुंचे तो चिकित्सक ने देखने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर डिलिवरी नहीं करनी है तो वह रेफर कर दें।
विज्ञापन

परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक सामान्य डिलिवरी कराने के लिए बाजार की महंगी दवाएं लिखते रहे। वीरवार शाम को कहने के बावजूद चिकित्सक ने डिलिवरी नहीं कराई। शुक्रवार सुबह डिलिवरी कराई गई, तब तक नवजात की गर्भ में मृत्यु हो चुकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


गर्भ का भीतरी हिस्सा फटने से महिला की हालत गंभीर
सुनीता की पहले दो बार ऑपरेशन से डिलिवरी हो चुकी है। उनकी दो लड़कियां हैं। 12 साल बाद अब सामान्य डिलिवरी कराई गई तो गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी थी। सामान्य डिलिवरी कराए जाने के चक्कर में गर्भ का आंतरिक हिस्सा फट गया। रक्तस्राव ज्यादा होने के चलते सुनीता की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों के हंगामा करने के बाद सुनीता को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। रक्त चढ़ाने के लिए फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया तो परिजनों ने मना कर दिया। इस पर पीएमओ ने चिकित्सक को महिला की जान बचाने के लिए उपचार करने के निर्देश दिए।

वर्जन
गर्भ में बच्चे की मौत का मामला संज्ञान में आया है। गायनी विशेषज्ञ समेत चार चिकित्सकों का बोर्ड गठित कर जांच कराई जाएगी। प्राथमिक रिपोर्ट मंगलवार तक मिल जाएगी। बाहर से दवा मंगाने के लिए सख्त मनाही है। किसी चिकित्सक या नर्सिंग अधिकारी ने बाहर की दवा लिखी है तो कार्रवाई जरूर की जाएगी। मैटर्न व उप चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए जाएंगे कि अस्पताल में 100 फीसदी डिलिवरी हो। स्टाफ होने के बावजूद कहीं कमी आ रही है तो उसको ठीक किया जाएगा। -डॉ. लोकवीर सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed