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Sonipat News: केमिकल रीजेंट खत्म, नहीं हो रहे लिवर-किडनी के टेस्ट
Thu, 07 Sep 2023 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 07 Sep 2023 01:11 AM IST
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सोनीपत। नागरिक अस्पताल में खून की जांच करवाने के लिए आने वाले मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। प्रयोगशाला में केमिकल रीजेंट खत्म होने के कारण तीन दिन से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) नहीं हो रहे।
बीमारी के बारे में पता लगाने के लिए मरीजों को जांच करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। बुधवार को कंप्लीट ब्लड काउंट्स (सीबीसी) जांच मशीन फिर से खराब हो गई है। बीमारी का पता लगाने के लिए लोगों को सैंपल की जांच के लिए जिला प्रयोगशाला की ओर रुख करना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 मरीज आते हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज सामान्य ओपीडी के होते हैं। आंकड़ों के अनुसार इनमें से 50-70 मरीज लिवर और किडनी के होते हैंं। इनकी जांच के लिए डॉक्टर की ओर से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) व किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) लिखा जाता है। अस्पताल की प्रयोगशाला में इन टेस्टों के लिए केमिकल रीजेंट न होने के कारण मशीन तीन दिन से बंद पड़ी है। ऐसे में कुछ मरीजों को बिना जांच करवाए ही लौटना पड़ रहा है और कुछ निजी अस्पतालों से करवाने के लिए मजबूर हैं। मरीज खून जांच कराने के लिए अस्पताल प्रशासन से मिल रहे हैं, लेकिन समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
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अस्पताल में सीबीसी मशीन खराब होने से प्रयोगशाला की व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। खून जांच के लिए लैब में पहुंच रहे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा है। अस्पताल में रोजाना 300 से ज्यादा टेस्ट होते हैं। इस मशीन के खराब होने से मरीजों को जांच रिपोर्ट को लेकर दिक्कत आ रही है। गर्मी का मौसम होने की वजह से ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई है।
200 से 250 रुपये में करवानी पड़ी सीबीसी जांच
सीबीसी जांच के दौरान मरीज में हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, डब्ल्यूबीसी और इंफेक्शन सहित कई प्रकार की कमियों का पता चलता है। अब तीन दिनों से अस्पताल में यह जांच न होने से मरीजों को निजी लैबों में 200 से 250 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। जिन मरीजों के पास पर्ची कटवाने तक के पैसे नहीं थे, वह बिना जांच के लौटने के लिए मजबूर हैं।
केमिकल रीजेंट खत्म होने से एलएफटी व केएफटी नहीं हो रहे। रीजेंट मंगवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है। साथ ही सीबीसी मशीन खराब होने के बाद उसे ठीक करने के लिए इंजीनियर को सूचना भेज दी गई है। -डाॅ. लोकवीर सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, सोनीपत।
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बीमारी के बारे में पता लगाने के लिए मरीजों को जांच करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। बुधवार को कंप्लीट ब्लड काउंट्स (सीबीसी) जांच मशीन फिर से खराब हो गई है। बीमारी का पता लगाने के लिए लोगों को सैंपल की जांच के लिए जिला प्रयोगशाला की ओर रुख करना पड़ रहा है।
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जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 मरीज आते हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज सामान्य ओपीडी के होते हैं। आंकड़ों के अनुसार इनमें से 50-70 मरीज लिवर और किडनी के होते हैंं। इनकी जांच के लिए डॉक्टर की ओर से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) व किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) लिखा जाता है। अस्पताल की प्रयोगशाला में इन टेस्टों के लिए केमिकल रीजेंट न होने के कारण मशीन तीन दिन से बंद पड़ी है। ऐसे में कुछ मरीजों को बिना जांच करवाए ही लौटना पड़ रहा है और कुछ निजी अस्पतालों से करवाने के लिए मजबूर हैं। मरीज खून जांच कराने के लिए अस्पताल प्रशासन से मिल रहे हैं, लेकिन समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
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अस्पताल में सीबीसी मशीन खराब होने से प्रयोगशाला की व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। खून जांच के लिए लैब में पहुंच रहे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा है। अस्पताल में रोजाना 300 से ज्यादा टेस्ट होते हैं। इस मशीन के खराब होने से मरीजों को जांच रिपोर्ट को लेकर दिक्कत आ रही है। गर्मी का मौसम होने की वजह से ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई है।
200 से 250 रुपये में करवानी पड़ी सीबीसी जांच
सीबीसी जांच के दौरान मरीज में हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, डब्ल्यूबीसी और इंफेक्शन सहित कई प्रकार की कमियों का पता चलता है। अब तीन दिनों से अस्पताल में यह जांच न होने से मरीजों को निजी लैबों में 200 से 250 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। जिन मरीजों के पास पर्ची कटवाने तक के पैसे नहीं थे, वह बिना जांच के लौटने के लिए मजबूर हैं।
केमिकल रीजेंट खत्म होने से एलएफटी व केएफटी नहीं हो रहे। रीजेंट मंगवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है। साथ ही सीबीसी मशीन खराब होने के बाद उसे ठीक करने के लिए इंजीनियर को सूचना भेज दी गई है। -डाॅ. लोकवीर सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, सोनीपत।