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Sonipat News: इंश्योरेंस पॉलिसी की एनओसी के नाम पर 13.22 लाख रुपये ठगे
Sun, 14 Jul 2024 10:10 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 14 Jul 2024 10:10 PM IST
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सोनीपत। गोहाना के युवक को झांसे में लेकर साइबर ठगों ने 13.22 लाख रुपये ठग लिये। ठगों ने उनसे इंश्योरेंस पॉलिसी की एनओसी देने के नाम पर ठगी की। साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गोहाना में जींद रोड निवासी सुदीप ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि 27 अप्रैल को उनके पास कॉल आई थी। कॉल रिसीव करते ही दूसरी तरफ से बात कर रहे युवक ने खुद को बीमा लोकपाल आयोग का कर्मी बताया था। उसने उनकी इंश्योरेंस पॉलिस पूरी होने पर उसे बंद करने के लिए एनओसी फीस जमा कराने को कहा था। उसने बताया कि जिस एजेंट ने उनकी एचडीएफसी पॉलिसी की फीस जमा करानी थी उसने आपकी पॉलिसी भारत एएक्सए में करवा दी। अब उन्हें सीधे विभाग के खाते में फीस जमा करानी होगी। उसने कहा कि फीस के साथ जो 18 फीसदी जीएसटी जमा होती है उन्हें वह नहीं देनी है। उसने कहा कि उन्हें शेयर मार्केट में निवेश कर उसके दस्तावेज लगाने है।
आरोपी ने झांसे में लेकर अलग-अलग खातों में उनसे 27 अप्रैल से 11 जून तक 13.22 लाख रुपये की राशि जमा करवा ली। उन्हें बताया गया कि उनके इंश्योरेंस के रुपये उनके खाते में आ जाएंगे। उसने जो दस्तावेज भेजे थे वह वो फर्जी मिले। उसके बाद वह नंबर बंद हो गया। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
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गोहाना में जींद रोड निवासी सुदीप ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि 27 अप्रैल को उनके पास कॉल आई थी। कॉल रिसीव करते ही दूसरी तरफ से बात कर रहे युवक ने खुद को बीमा लोकपाल आयोग का कर्मी बताया था। उसने उनकी इंश्योरेंस पॉलिस पूरी होने पर उसे बंद करने के लिए एनओसी फीस जमा कराने को कहा था। उसने बताया कि जिस एजेंट ने उनकी एचडीएफसी पॉलिसी की फीस जमा करानी थी उसने आपकी पॉलिसी भारत एएक्सए में करवा दी। अब उन्हें सीधे विभाग के खाते में फीस जमा करानी होगी। उसने कहा कि फीस के साथ जो 18 फीसदी जीएसटी जमा होती है उन्हें वह नहीं देनी है। उसने कहा कि उन्हें शेयर मार्केट में निवेश कर उसके दस्तावेज लगाने है।
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आरोपी ने झांसे में लेकर अलग-अलग खातों में उनसे 27 अप्रैल से 11 जून तक 13.22 लाख रुपये की राशि जमा करवा ली। उन्हें बताया गया कि उनके इंश्योरेंस के रुपये उनके खाते में आ जाएंगे। उसने जो दस्तावेज भेजे थे वह वो फर्जी मिले। उसके बाद वह नंबर बंद हो गया। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
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