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बदला मौसम का मिजाज, दिनभर रुक-रुककर होती रही बारिश, ठिठुरे लोग
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कच्चे क्वार्टर मार्केट में बच्चे को गोद में लेकर बूंदाबांदी से बचने के लिए छाता लेकर जाती महिला?
- फोटो : Sonipat
जिले में बुधवार को मौसम का मिजाज बदल गया और दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। सुबह 7 बजे आसमान बादलों से घिर गया और बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो दोपहर बाद बारिश में बदल गई। दिन भर हुई बारिश से अधिकतम तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो सप्ताह के अंत में बारिश के आसार बने रहेंगे।
जिले के अधिकतर क्षेत्रों में लगातार हुई बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित रहा। सोनीपत में हुई 5 एमएम बारिश में मार्केट व सड़कों पर आवाजाही कम रही। बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलने से लोग ठिठुरते रहे। बारिश के कारण ग्राहकों के न आने पर दुकानदार भी अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाते नजर आए। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया। बरसात की वजह से वायु गुणवत्ता का स्तर में भी काफी सुधार हुआ है। दिन भर 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलती रही। जिसके कारण तापमान में भी गिरावट आई।
मौसम के मिजाज से खिले किसानों के चेहरे
जनवरी माह के पहले सप्ताह में हुई बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। बारिश का सबसे ज्यादा फायदा गेहूं उत्पादक किसानों को हुआ है। जिले में रबी सीजन के अंतर्गत अब तक 1.45 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की गई है। बारिश होने से अब किसानों को गेहूं की एक सिंचाई कम करनी पड़ेगी। इससे जहां सिंचाई का खर्च कम हो गया है, वहीं गेहूं की वृद्धि भी बेहतर होगी। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस बारिश से सब्जियों की फसलों को भी फायदा पहुंचा है। अब तक सूखा पाला सब्जियों की वृद्धि के लिए बाधक बना हुआ था। रबी सीजन की अधिकतर फसलों को बरसात से लाभ हुआ है। हालांकि कृषि विभाग ने किसानों का आह्वान किया है कि वे खेतों में अधिक जलभराव न होने दें। अनुमान लगाया जा रहा है कि बरसात के साथ-साथ तेज हवाएं भी चल सकती है। इससे सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है।
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कहां कितनी हुई बारिश
सोनीपत 5 एमएम
गोहाना 5 एमएम
खरखौदा 5 एमएम
राई 4 एमएम
खानपुर कलां 3 एमएम
जिले मेें दिन भर रुक-रुककर हुई बारिश से रबी की फसलों को फायदा हुआ है। किसानों को मौसम में होने वाले बदलावों के प्रति पहले ही सचेत किया गया था। बारिश से गेहूूं की फसल को सीधा फायदा पहुंचा है। किसानों से आह्वान है कि सप्ताह के अंत तक फसलों पर स्प्रे या सिंचाई ना करें, क्योंकि कुछ दिनों तक बारिश के आसार बने रहेंगे। डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उप निदेशक, सोनीपत
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जिले के अधिकतर क्षेत्रों में लगातार हुई बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित रहा। सोनीपत में हुई 5 एमएम बारिश में मार्केट व सड़कों पर आवाजाही कम रही। बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलने से लोग ठिठुरते रहे। बारिश के कारण ग्राहकों के न आने पर दुकानदार भी अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाते नजर आए। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया। बरसात की वजह से वायु गुणवत्ता का स्तर में भी काफी सुधार हुआ है। दिन भर 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलती रही। जिसके कारण तापमान में भी गिरावट आई।
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मौसम के मिजाज से खिले किसानों के चेहरे
जनवरी माह के पहले सप्ताह में हुई बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। बारिश का सबसे ज्यादा फायदा गेहूं उत्पादक किसानों को हुआ है। जिले में रबी सीजन के अंतर्गत अब तक 1.45 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की गई है। बारिश होने से अब किसानों को गेहूं की एक सिंचाई कम करनी पड़ेगी। इससे जहां सिंचाई का खर्च कम हो गया है, वहीं गेहूं की वृद्धि भी बेहतर होगी। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस बारिश से सब्जियों की फसलों को भी फायदा पहुंचा है। अब तक सूखा पाला सब्जियों की वृद्धि के लिए बाधक बना हुआ था। रबी सीजन की अधिकतर फसलों को बरसात से लाभ हुआ है। हालांकि कृषि विभाग ने किसानों का आह्वान किया है कि वे खेतों में अधिक जलभराव न होने दें। अनुमान लगाया जा रहा है कि बरसात के साथ-साथ तेज हवाएं भी चल सकती है। इससे सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है।
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कहां कितनी हुई बारिश
सोनीपत 5 एमएम
गोहाना 5 एमएम
खरखौदा 5 एमएम
राई 4 एमएम
खानपुर कलां 3 एमएम
जिले मेें दिन भर रुक-रुककर हुई बारिश से रबी की फसलों को फायदा हुआ है। किसानों को मौसम में होने वाले बदलावों के प्रति पहले ही सचेत किया गया था। बारिश से गेहूूं की फसल को सीधा फायदा पहुंचा है। किसानों से आह्वान है कि सप्ताह के अंत तक फसलों पर स्प्रे या सिंचाई ना करें, क्योंकि कुछ दिनों तक बारिश के आसार बने रहेंगे। डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उप निदेशक, सोनीपत