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पहले पेनाल्टी का डर दिखाते फिर मांगते थे रिश्वत
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राई औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी के अंदर रुपयों का थैला सीजीएसटी कर्मी को देते मनोज कालरा
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। सीबीआई ने रोहतक के सीजीएसटी कार्यालय के जिन दो इंस्पेक्टर व दो सुपरिटेंडेंट के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है। वह पहले छापामारी करके मोटी पेनाल्टी लगाने का पहले डर बैठाते थे और उसके बाद जब उनको लगता था कि कंपनी मालिक डर गए हैं तो वह उससे सौदेबाजी करने लगते थे। उनसे कोई कम रुपये लेने के लिए कहता था तो सीजीएसटी के अफसरों तक को हिस्सा देने की बात कहकर रुपये देने का दबाव बनाते थे। यह सब कुछ सीबीआई के मुकदमे में लिखवाया भी गया है कि किस तरह से रुपये देने के लिए दबाव बनाया गया और अफसरों का सहारा लेकर रुपये देने के लिए के लिए कहा गया। जब कंपनी मालिक ने इतने रुपये एक साथ नहीं दे पाने की बात कही तो उससे किश्तों तक में रुपये लेने के लिए तैयार हो गए। इस तरह से बड़ा खेल चल रहा था, जिस पर सीबीआई अब शिकंजा कसने में लगी है।
मोबाइल पर कोड में करते थे बात, वीडियो और ऑडियो रिकार्डिंग बन रही आधार
कंपनी मालिक मनोज कालरा ने एक ऑडियो रिकार्डिंग सीबीआई को सौंपी है। जिसमें मनोज कालरा ने बताया कि जब 6 अगस्त को कंपनी में सीजीएसटी टीम को 9 लाख रुपये देने की बात तय हो गई तो उन्होंने चार लाख रुपये अब व अन्य बाद में देने के लिए कह दिया। जिस पर सीजीएसटी की टीम तैयार हो गई और उसने चार लाख की जगह तीन लाख रुपये एक बैग में रखकर टीम को दे दिए। मनोज कालरा ने बताया कि उसके बाद रात में लगभग 10.30 बजे सुपरिटेंडेंट गुरविंदर सिंह सोहल का उनके पास फोन आया। वह चार की जगह तीन लाख रुपये होने की बात करता है, लेकिन उसके लिए कोड इस्तेमाल करता है। मनोज कालरा के अनुसार गुरविंदर बोलता है कि वह सामान तीन किलो ही निकला है। इस पर मनोज कालरा कहते हैं कि तीन लाख ही डाले थे, मैं मिलता हूं मंगलवार को। आवाज ठीक नहीं आने के कारण फोन कट जाता। वहीं कंपनी के अंदर सीजीएसटी टीम के आने से लेकर थैला देने तक के अलावा शुक्रवार को बहालगढ़ में गाड़ी से उतरकर भागते हुए सुपरिटेंडेंट के खेत में रुपये फेंकते हुए सब कुछ सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
2017 में सीबीआई सेंट्रल एक्साइज के तीन कर्मी पकड़ चुकी, मनोज के यहां भी 2018 में मारा था छापा
सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए यहां पहली बार कार्रवाई नहीं की है, बल्कि यहां फरवरी 2017 में इस तरह ही सेंट्रल एक्साइज में तैनात दो सुपरिटेंडेंट व एक इंस्पेक्टर को पकड़ा गया था। उस समय भी राई औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में 9 लाख रुपये की रिश्वत लेने के लिए पहुंचे थे। उस समय भी तीन लाख रुपये देने के लिए बुलाया गया था और सीबीआई चंडीगढ़ की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया था। वहीं मनोज कालरा बताते हैं कि उनकी कंपनी में 2018 में सीजीएसटी की टीम ने छापा मारा था और उस समय भी इन इंस्पेक्टरों में एक टीम में शामिल था। मनोज कालरा ने बताया कि उस समय उन्होंने कोई रुपया नहीं दिया था और इस कारण ही अब उनको धमकाया गया था।
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भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों की वजह से पलायन कर जाएंगे व्यापारी: संजय सिंगला
जिला व्यापार मंडल के प्रधान संजय सिंगला ने कहा कि राई औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी मनोज कालरा को सीजीएसटी ने जिस तरह से प्रताड़ित किया है और उसके बावजूद उसने हिम्मत दिखाई सीबीआई को शिकायत कर भ्रष्टाचार कम करने के लिए कदम बढ़ाए हैं। उसको देखते हुए व्यापार मंडल उनको सम्मानित करेगा। इसके साथ ही प्रधान संजय सिंगला ने सीएम मनोहर लाल से अपील करते हुए कहा कि इस तरह से भ्रष्टाचारी अधिकारियों के कारण व्यापारी पलायन करने को मजबूर होगा, जिनको सरकार भय मुक्त माहौल बनाकर दे।
ऐसे भ्रष्टाचारी अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए
कंपनी मालिक मनोज कालरा ने कहा कि अगर वह हिम्मत नहीं दिखाते तो भ्रष्टाचार के कारण काफी उद्यमियों को उत्पीड़न झेलना पड़ सकता था। लेकिन हिम्मत दिखाकर सीबीआई में शिकायत दी। मनोज कालरा ने कहा कि इस तरह से भ्रष्टाचारी अधिकारियों के कारण उद्यमी मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न झेल रहे हैं, जिसको सीएम मनोहर लाल को खत्म करना होगा। इसके लिए ऐसे भ्रष्टाचार करने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है, जिससे कोई भी इस तरह की हरकत नहीं कर सके।
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मोबाइल पर कोड में करते थे बात, वीडियो और ऑडियो रिकार्डिंग बन रही आधार
कंपनी मालिक मनोज कालरा ने एक ऑडियो रिकार्डिंग सीबीआई को सौंपी है। जिसमें मनोज कालरा ने बताया कि जब 6 अगस्त को कंपनी में सीजीएसटी टीम को 9 लाख रुपये देने की बात तय हो गई तो उन्होंने चार लाख रुपये अब व अन्य बाद में देने के लिए कह दिया। जिस पर सीजीएसटी की टीम तैयार हो गई और उसने चार लाख की जगह तीन लाख रुपये एक बैग में रखकर टीम को दे दिए। मनोज कालरा ने बताया कि उसके बाद रात में लगभग 10.30 बजे सुपरिटेंडेंट गुरविंदर सिंह सोहल का उनके पास फोन आया। वह चार की जगह तीन लाख रुपये होने की बात करता है, लेकिन उसके लिए कोड इस्तेमाल करता है। मनोज कालरा के अनुसार गुरविंदर बोलता है कि वह सामान तीन किलो ही निकला है। इस पर मनोज कालरा कहते हैं कि तीन लाख ही डाले थे, मैं मिलता हूं मंगलवार को। आवाज ठीक नहीं आने के कारण फोन कट जाता। वहीं कंपनी के अंदर सीजीएसटी टीम के आने से लेकर थैला देने तक के अलावा शुक्रवार को बहालगढ़ में गाड़ी से उतरकर भागते हुए सुपरिटेंडेंट के खेत में रुपये फेंकते हुए सब कुछ सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
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2017 में सीबीआई सेंट्रल एक्साइज के तीन कर्मी पकड़ चुकी, मनोज के यहां भी 2018 में मारा था छापा
सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए यहां पहली बार कार्रवाई नहीं की है, बल्कि यहां फरवरी 2017 में इस तरह ही सेंट्रल एक्साइज में तैनात दो सुपरिटेंडेंट व एक इंस्पेक्टर को पकड़ा गया था। उस समय भी राई औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में 9 लाख रुपये की रिश्वत लेने के लिए पहुंचे थे। उस समय भी तीन लाख रुपये देने के लिए बुलाया गया था और सीबीआई चंडीगढ़ की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया था। वहीं मनोज कालरा बताते हैं कि उनकी कंपनी में 2018 में सीजीएसटी की टीम ने छापा मारा था और उस समय भी इन इंस्पेक्टरों में एक टीम में शामिल था। मनोज कालरा ने बताया कि उस समय उन्होंने कोई रुपया नहीं दिया था और इस कारण ही अब उनको धमकाया गया था।
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भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों की वजह से पलायन कर जाएंगे व्यापारी: संजय सिंगला
जिला व्यापार मंडल के प्रधान संजय सिंगला ने कहा कि राई औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी मनोज कालरा को सीजीएसटी ने जिस तरह से प्रताड़ित किया है और उसके बावजूद उसने हिम्मत दिखाई सीबीआई को शिकायत कर भ्रष्टाचार कम करने के लिए कदम बढ़ाए हैं। उसको देखते हुए व्यापार मंडल उनको सम्मानित करेगा। इसके साथ ही प्रधान संजय सिंगला ने सीएम मनोहर लाल से अपील करते हुए कहा कि इस तरह से भ्रष्टाचारी अधिकारियों के कारण व्यापारी पलायन करने को मजबूर होगा, जिनको सरकार भय मुक्त माहौल बनाकर दे।
ऐसे भ्रष्टाचारी अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए
कंपनी मालिक मनोज कालरा ने कहा कि अगर वह हिम्मत नहीं दिखाते तो भ्रष्टाचार के कारण काफी उद्यमियों को उत्पीड़न झेलना पड़ सकता था। लेकिन हिम्मत दिखाकर सीबीआई में शिकायत दी। मनोज कालरा ने कहा कि इस तरह से भ्रष्टाचारी अधिकारियों के कारण उद्यमी मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न झेल रहे हैं, जिसको सीएम मनोहर लाल को खत्म करना होगा। इसके लिए ऐसे भ्रष्टाचार करने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है, जिससे कोई भी इस तरह की हरकत नहीं कर सके।