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सीबीएसई ने 22 जुलाई तक खोला परिणाम पोर्टल, 12वीं के अंक अपलोड नहीं किए तो रुक सकता है परिणाम
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सोनीपत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए स्कूलों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके लिए स्कूलों को 22 जुलाई तक अंक निर्धारित कर परिणाम पोर्टल पर अपलोड करना होगा। सीबीएसई के अनुसार जिन विद्यालयों ने 22 जुलाई तक अंक निर्धारण कर पोर्टल पर अपलोड नहीं किए तो उनका परीक्षा परिणाम रोक दिया जाएगा और 31 जुलाई के बाद ही दोबारा घोषित किया जाएगा। 12वीं कक्षा के परिणाम की गणना के लिए 22 जुलाई की मध्यरात्रि तक परिणाम पोर्टल खुला रहेगा।
सीबीएसई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार स्कूलों को कक्षा 11वीं और 12वीं के अंकों का निर्धारण करना एक बड़ी जिम्मेदारी होगी। स्कूलों को 12वीं का परिणाम तैयार करने के लिए 11वीं और 12वीं के 70 फीसदी अंक लेने हैं, जिसकी गणना स्कूलों द्वारा की जानी है। इसके लिए सभी स्कूलों में एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति निष्पक्ष और पारदर्शी परिणाम के लिए 11वीं व 12वीं कक्षा के अंकों का निर्धारण करेगी। स्कूलों को अनिवार्य रूप से निष्पक्ष तरीके से अंक देने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को किसी भी तरह का नुकसान या फायदा न हो।
इस प्रणाली के तहत निर्धारित होंगे अंक
सीबीएसई के अनुसार पिछले तीन वर्षों की बोर्ड परीक्षा में स्कूल के प्रदर्शन को 2020-21 के अंकों को निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी विद्यालय का 2017-18 में औसत परीक्षा परिणाम 72 फीसदी रहा है। 2018-19 में 74 फीसदी और 2019-20 में 71 फीसदी रहा है तो विद्यालय नई नीति के तहत 2018-19 के विषयवार औसत का उपयोग करेगा। यानी जिस वर्ष का परिणाम बेहतर रहा है, उसके अंकों के आधार पर परिणाम निर्धारित किया जाएगा।
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वर्जन
12वीं कक्षा का निष्पक्ष और पारदर्शी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को 22 जुलाई तक का समय दिया है। स्कूलों को सीमित अंक निर्धारित कर सीबीएसई के परिणाम पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। जिन विद्यालयों ने 22 जुलाई मध्यरात्रि तक अंक अपलोड नहीं किए तो ऐसे स्कूलों का परिणाम रोक दिया जाएगा और 31 जुलाई के बाद अलग से घोषित किया जाएगा।
- वीके मित्तल, प्राचार्य, डीएवी मल्टीपर्पज स्कूल, सेक्टर-15
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सीबीएसई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार स्कूलों को कक्षा 11वीं और 12वीं के अंकों का निर्धारण करना एक बड़ी जिम्मेदारी होगी। स्कूलों को 12वीं का परिणाम तैयार करने के लिए 11वीं और 12वीं के 70 फीसदी अंक लेने हैं, जिसकी गणना स्कूलों द्वारा की जानी है। इसके लिए सभी स्कूलों में एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति निष्पक्ष और पारदर्शी परिणाम के लिए 11वीं व 12वीं कक्षा के अंकों का निर्धारण करेगी। स्कूलों को अनिवार्य रूप से निष्पक्ष तरीके से अंक देने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को किसी भी तरह का नुकसान या फायदा न हो।
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इस प्रणाली के तहत निर्धारित होंगे अंक
सीबीएसई के अनुसार पिछले तीन वर्षों की बोर्ड परीक्षा में स्कूल के प्रदर्शन को 2020-21 के अंकों को निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी विद्यालय का 2017-18 में औसत परीक्षा परिणाम 72 फीसदी रहा है। 2018-19 में 74 फीसदी और 2019-20 में 71 फीसदी रहा है तो विद्यालय नई नीति के तहत 2018-19 के विषयवार औसत का उपयोग करेगा। यानी जिस वर्ष का परिणाम बेहतर रहा है, उसके अंकों के आधार पर परिणाम निर्धारित किया जाएगा।
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12वीं कक्षा का निष्पक्ष और पारदर्शी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को 22 जुलाई तक का समय दिया है। स्कूलों को सीमित अंक निर्धारित कर सीबीएसई के परिणाम पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। जिन विद्यालयों ने 22 जुलाई मध्यरात्रि तक अंक अपलोड नहीं किए तो ऐसे स्कूलों का परिणाम रोक दिया जाएगा और 31 जुलाई के बाद अलग से घोषित किया जाएगा।
- वीके मित्तल, प्राचार्य, डीएवी मल्टीपर्पज स्कूल, सेक्टर-15