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Sonipat News: जातिगत मुद्दे छोड़कर क्षेत्र में विकास की बात करें प्रत्याशी
Sat, 18 May 2024 10:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 18 May 2024 10:58 PM IST
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सोनीपत के गन्नौर में गांव गढ़ी केसरी में हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ चुनाव पर चर्चा करते ग्रा
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कपिल शर्मा
गन्नौर (सोनीपत)। मतदान की तारीख जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे ही प्रत्याशियों के दिलो की धड़कन भी बढ़ती जा रही है। प्रत्याशी एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं।
हरियाणा में छठे चरण में 25 मई को होने वाले मतदान को लेकर प्रत्याशियों ने चुनाव प्रसार तेज कर दिया है। देहात के साथ शहरी इलाकों में भी चुनावी माहौल गर्माता जा रहा है। शहर में चाय की दुकानों, चौपालों में हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ सिर्फ एक ही चर्चा रहती है, चुनाव। हालात यह है कि लोग चाय की चुस्की की कम, चुनावी बातों के मजे ज्यादा ले रहे हैं।
गांव गढ़ी केसरी शहर के बीचों-बीच है। इस गांव की आबादी करीब 3000 है और करीब 1800 मतदाता हैं। गढ़ी केसरी में लोग हुक्के पर सिर्फ चुनाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। गढ़ी केसरी निवासी ब्रह्मदत्त कौशिक, संदीप त्यागी, कपिल त्यागी, सतीश त्यागी, अशोक त्यागी व मुकेश त्यागी ने बताया कि कुछ प्रत्याशी चुनाव में जीत को लेकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्याशी जातिगत मुद्दे छोड़कर स्थानीय मुद्दे व विकास की बात करें। जो प्रत्याशी वोट लेने के लिए मतदाताओं को चुनावी वादों से बहकाने के बजाय युवाओं के लिए रोजगार, महंगाई दूर करने, बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत करेंगे, उन्हें ही अपना वोट देंगे। (संवाद)
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निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना बेहद मुश्किल
ग्रामीणों को कहना है कि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, लेकिन कोई भी प्रत्याशी महंगाई, बेरोजगारी व शिक्षा पर कोई बात नहीं कर रहा। सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में न ही स्टाफ पूरा है और न ही सुविधा, जिसका फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं और मनमानी कर रहे हैं। आम आदमी के लिए निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना बेहद मुश्किल हो गया है। प्रत्याशियों को चाहिए कि वह स्थानीय समस्याओं पर ध्यान दें।
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गन्नौर (सोनीपत)। मतदान की तारीख जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे ही प्रत्याशियों के दिलो की धड़कन भी बढ़ती जा रही है। प्रत्याशी एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं।
हरियाणा में छठे चरण में 25 मई को होने वाले मतदान को लेकर प्रत्याशियों ने चुनाव प्रसार तेज कर दिया है। देहात के साथ शहरी इलाकों में भी चुनावी माहौल गर्माता जा रहा है। शहर में चाय की दुकानों, चौपालों में हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ सिर्फ एक ही चर्चा रहती है, चुनाव। हालात यह है कि लोग चाय की चुस्की की कम, चुनावी बातों के मजे ज्यादा ले रहे हैं।
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गांव गढ़ी केसरी शहर के बीचों-बीच है। इस गांव की आबादी करीब 3000 है और करीब 1800 मतदाता हैं। गढ़ी केसरी में लोग हुक्के पर सिर्फ चुनाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। गढ़ी केसरी निवासी ब्रह्मदत्त कौशिक, संदीप त्यागी, कपिल त्यागी, सतीश त्यागी, अशोक त्यागी व मुकेश त्यागी ने बताया कि कुछ प्रत्याशी चुनाव में जीत को लेकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्याशी जातिगत मुद्दे छोड़कर स्थानीय मुद्दे व विकास की बात करें। जो प्रत्याशी वोट लेने के लिए मतदाताओं को चुनावी वादों से बहकाने के बजाय युवाओं के लिए रोजगार, महंगाई दूर करने, बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत करेंगे, उन्हें ही अपना वोट देंगे। (संवाद)
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निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना बेहद मुश्किल
ग्रामीणों को कहना है कि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, लेकिन कोई भी प्रत्याशी महंगाई, बेरोजगारी व शिक्षा पर कोई बात नहीं कर रहा। सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में न ही स्टाफ पूरा है और न ही सुविधा, जिसका फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं और मनमानी कर रहे हैं। आम आदमी के लिए निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना बेहद मुश्किल हो गया है। प्रत्याशियों को चाहिए कि वह स्थानीय समस्याओं पर ध्यान दें।