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कुल्हाड़ी मारकर की थी पत्नी की हत्या, अब काटेगा उम्रकैद
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Sun, 30 Apr 2017 12:04 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रताप सिंह की अदालत ने पत्नी की कुल्हाड़ी से हमला कर बेरहमी से हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए दोष साबित होने पर पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर अदालत ने 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
2014 का है मामला
पानीपत के गांव बबैल निवासी मंजीत ने 27 मार्च, 2014 को राई थाना पुलिस को बताया था कि उसकी बहन बबीता (30) की हत्या की गई थी। उसकी बहन का शव घर के अंदर मिला। उसके सिर में तेजधार हथियार से हमला करने के निशान था और उसके गले को भी कपड़े से दबाया गया था। मंजीत ने अपने बहनोई योगेश उर्फ लालू पर हत्या का आरोप लगाया था।
10 साल पहले हुई थी शादी
उसने बताया था कि उन्होंने अपनी बहन बबीता की शादी वर्ष 2004 में गांव लिवासपुर निवासी जयभगवान से की थी, जिससे उसकी बहन को एक बेटा हुआ था। बाद में सड़क हादसे में जयभगवान की मौत हो गई। उन्होंने अपनी बहन की दूसरी शादी जयभगवान के छोटे भाई योगेश से कर दी थी, जिससे उसकी बहन को एक बेटी हुई। मंजीत ने आरोप लगाया था कि योगेश नशे का आदी है। वह नशे में उसकी बहन से मारपीट करता था और नशे के लिए पैसे की डिमांड भी करता था। उसकी बहन ने कई बार मायके में शिकायत दी और उन्होंने योगेश को समझाया भी, लेकिन वह अपनी आदतों से बाज नहीं आया। वह उसकी बहन से मारपीट करता रहा। 26 मार्च, 2014 की रात को योगेश ने उसकी बहन बबीता की हत्या कर दी। पुलिस ने मंजीत के बयान पर योगेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। वह घटना के बाद से फरार था।
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वारदात के दो दिन बाद गिरफ्तार
मामले में कार्रवाई करते हुए राई थाना प्रभारी की टीम ने आरोपी योगेश को 28 मार्च, 2014 को गिरफ्तार कर लिया था। योगेश ने कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी को भी बरामद कर लिया था। शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायधीश सूर्य प्रताप सिंह की अदालत ने योगेश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
बच्चे के लालन-पालन को की थी दूसरी शादी
मंजीत ने बताया था कि उसके बहनोई जयभगवान की मौत के बाद उसकी बहन ने अपने छह साल के बेटे के लालन-पालन के लिए योगेश से दूसरी शादी की थी। उसे क्या पता था कि योगेश उसकी जिंदगी को संवारने के बजाय उसे ही मौत के घाट उतार देगा।
2014 का है मामला
पानीपत के गांव बबैल निवासी मंजीत ने 27 मार्च, 2014 को राई थाना पुलिस को बताया था कि उसकी बहन बबीता (30) की हत्या की गई थी। उसकी बहन का शव घर के अंदर मिला। उसके सिर में तेजधार हथियार से हमला करने के निशान था और उसके गले को भी कपड़े से दबाया गया था। मंजीत ने अपने बहनोई योगेश उर्फ लालू पर हत्या का आरोप लगाया था।
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10 साल पहले हुई थी शादी
उसने बताया था कि उन्होंने अपनी बहन बबीता की शादी वर्ष 2004 में गांव लिवासपुर निवासी जयभगवान से की थी, जिससे उसकी बहन को एक बेटा हुआ था। बाद में सड़क हादसे में जयभगवान की मौत हो गई। उन्होंने अपनी बहन की दूसरी शादी जयभगवान के छोटे भाई योगेश से कर दी थी, जिससे उसकी बहन को एक बेटी हुई। मंजीत ने आरोप लगाया था कि योगेश नशे का आदी है। वह नशे में उसकी बहन से मारपीट करता था और नशे के लिए पैसे की डिमांड भी करता था। उसकी बहन ने कई बार मायके में शिकायत दी और उन्होंने योगेश को समझाया भी, लेकिन वह अपनी आदतों से बाज नहीं आया। वह उसकी बहन से मारपीट करता रहा। 26 मार्च, 2014 की रात को योगेश ने उसकी बहन बबीता की हत्या कर दी। पुलिस ने मंजीत के बयान पर योगेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। वह घटना के बाद से फरार था।
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वारदात के दो दिन बाद गिरफ्तार
मामले में कार्रवाई करते हुए राई थाना प्रभारी की टीम ने आरोपी योगेश को 28 मार्च, 2014 को गिरफ्तार कर लिया था। योगेश ने कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी को भी बरामद कर लिया था। शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायधीश सूर्य प्रताप सिंह की अदालत ने योगेश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
बच्चे के लालन-पालन को की थी दूसरी शादी
मंजीत ने बताया था कि उसके बहनोई जयभगवान की मौत के बाद उसकी बहन ने अपने छह साल के बेटे के लालन-पालन के लिए योगेश से दूसरी शादी की थी। उसे क्या पता था कि योगेश उसकी जिंदगी को संवारने के बजाय उसे ही मौत के घाट उतार देगा।