{"_id":"667c4294c3a2865b9c0d3831","slug":"brokers-sent-legal-notice-to-procurement-agencies-on-burden-of-wheat-reduction-sonipat-news-c-197-1-snp1003-120284-2024-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: गेहूं घटौती का बोझ डालने पर आढ़तियों ने खरीद एजेंसियों को भेजा कानूनी नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: गेहूं घटौती का बोझ डालने पर आढ़तियों ने खरीद एजेंसियों को भेजा कानूनी नोटिस
Wed, 26 Jun 2024 10:02 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 26 Jun 2024 10:02 PM IST
विज्ञापन
सोनीपत। गेहूं की बंपर आवक के बाद भी आढ़तियों के चेहरों पर तनाव की लकीरें खींची हुई हैं। गेहूं के उठान में हुई देरी के कारण वजन में घटौती होने का बोझ सरकारी खरीद एजेंसियों ने आढ़तियों पर डाल दिया। ऐसे में कुछ आढ़तियों की ओर से गेहूं वजन की पूर्ति करनी पड़ रही है। एजेंसियों की ओर से की गई इस कार्रवाई को कुछ आढ़तियों ने गैर कानूनी बताया है और मामले की शिकायत सीएम विंडो पर दर्ज करवाकर खरीद एजेंसियों को कानूनी नोटिस भी भेजा है। वहीं, खरीद एजेंसियों ने आढ़तियों के पास मजदूर न होने से उठान में देरी होने का ठीकरा फोड़ा।
सोनीपत की नई अनाज मंडी के आढ़ती सोनू, बिजेंद्र, सुमित बंसल, अंकुश व राजेश आदि ने बताया कि रबी सीजन के दौरान आढ़तियों की जिम्मेदारी गेहूं खरीद के बाद कट्टे प्लेटफार्म पर रखने भर की होती है, जबकि इसके बाद उठान कार्य सरकारी खरीद एजेंसियों को करवाना होता है। नियमानुसार खरीद एजेंसियों को 48 घंटे के भीतर उठान करना होता है, लेकिन एजेंसियों ने 10-15 दिनों तक भी उठान नहीं किया। अब सरकारी खरीद एजेंसियां अपनी नाकामी छुपाने के लिए आढ़तियों पर बेवजह बोझ डाल रही हैं। आढ़तियों को गेहूं घटौती के नाम पर नोटिस भेजे जा रहे हैं और यह घटौती आढ़तियों से वसूलने का निर्णय लिया है।
आढ़तियों ने बताया कि 4 आढ़तियों से 460.65 क्विंटल गेहूं की घटौती बताकर करीब 14 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। इसी तरह कई अन्य मंडियों के आढ़तियों के साथ भी यही किया जा रहा है। ऐसे में आढ़ती लामबंद हो रहे हैं और उन्होंने एजेंसियों पर कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया है। आढ़तियों का कहना है कि खरीद व उठान के बाद भी सरकार ने उनका कमीशन जारी नहीं किया है। इस मामले में वे कई बार रिमाइंडर डाल चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। कमीशन नहीं मिलने से आढ़तियों में रोष है।
विज्ञापन
वर्जन
आढ़तियों की गलती की वजह से गेहूं के उठान में देरी हुई थी। आढ़तियों के पास मजदूर नहीं थे। ऐसे में अब घटौती का हर्जाना आढ़तियों को ही भुगतना होगा। आढ़तियों की ओर से भेजा गया कानूनी नोटिस मुझे नहीं मिला है।
- उमाकांत शर्मा, डीएम, हैफेड, सोनीपत
विज्ञापन
सोनीपत की नई अनाज मंडी के आढ़ती सोनू, बिजेंद्र, सुमित बंसल, अंकुश व राजेश आदि ने बताया कि रबी सीजन के दौरान आढ़तियों की जिम्मेदारी गेहूं खरीद के बाद कट्टे प्लेटफार्म पर रखने भर की होती है, जबकि इसके बाद उठान कार्य सरकारी खरीद एजेंसियों को करवाना होता है। नियमानुसार खरीद एजेंसियों को 48 घंटे के भीतर उठान करना होता है, लेकिन एजेंसियों ने 10-15 दिनों तक भी उठान नहीं किया। अब सरकारी खरीद एजेंसियां अपनी नाकामी छुपाने के लिए आढ़तियों पर बेवजह बोझ डाल रही हैं। आढ़तियों को गेहूं घटौती के नाम पर नोटिस भेजे जा रहे हैं और यह घटौती आढ़तियों से वसूलने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
आढ़तियों ने बताया कि 4 आढ़तियों से 460.65 क्विंटल गेहूं की घटौती बताकर करीब 14 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। इसी तरह कई अन्य मंडियों के आढ़तियों के साथ भी यही किया जा रहा है। ऐसे में आढ़ती लामबंद हो रहे हैं और उन्होंने एजेंसियों पर कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया है। आढ़तियों का कहना है कि खरीद व उठान के बाद भी सरकार ने उनका कमीशन जारी नहीं किया है। इस मामले में वे कई बार रिमाइंडर डाल चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। कमीशन नहीं मिलने से आढ़तियों में रोष है।
विज्ञापन
वर्जन
आढ़तियों की गलती की वजह से गेहूं के उठान में देरी हुई थी। आढ़तियों के पास मजदूर नहीं थे। ऐसे में अब घटौती का हर्जाना आढ़तियों को ही भुगतना होगा। आढ़तियों की ओर से भेजा गया कानूनी नोटिस मुझे नहीं मिला है।
- उमाकांत शर्मा, डीएम, हैफेड, सोनीपत