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Sonipat News: सांसों पर संकट बरकरार... एक्यूआई<bha>@</bha>333, ग्रैप-4 के नियम टूट रहे
Sun, 24 Nov 2024 05:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 24 Nov 2024 05:45 AM IST
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ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप)-4 लागू होने के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खराब स्थिति में बना हुआ है। शनिवार को एक्यूआई 333 दर्ज किया गया। सुबह के समय यह 343 तक पहुंच गया था। ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन जारी है। रेलवे स्टेशन के बाहर कूड़े में आग लगाई थी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप का चौथा चरण लागू किया गया है। नियम के तहत सभी प्रकार की निर्माण व तोडफ़ोड़ की गतिविधियां प्रतिबंधित कर दी गई हैं। आगजनी की घटना पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके बावजूद नियम तोड़े जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन के सामने ही कूड़े में आग लगाई गई थी। शुक्रवार को एक्यूआई 309 दर्ज किया गया था। शनिवार को 333 तक पहुंच गया है। इसके साथ ही हल्का स्मॉग का असर भी दिखाई दिया। वातावरण में स्मॉग छाने से सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन हो रही है। प्रदूषण से साथ ही गले में खराश के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह स्मॉग काफी खतरनाक है।
नागरिक अस्पताल के छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस पूनिया ने हिदायत दी कि मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर बिना ठोस कारण के नहीं निकलना चाहिए।
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हवा की धीमी गति बढ़ा रही परेशानी
प्रदूषण की बड़ी वजह हवा की गति का धीमा होना बताया जा रहा है। शनिवार को 4 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। जिसके कारण वातावरण साफ नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जब तक हवा की गति तेज नहीं होती, तब तक प्रदूषण की मार लोगों को झेलनी पड़ेगी।
न्यूनतम तापमान में हुई वृद्धि
शनिवार को जिले के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 28.7 और न्यूनतम 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 26.7 और न्यूनतम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
-दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ा है। लोगों को हिदायत बरतने की सलाह दी जा रही है। हवा की गति बढऩे पर वातावरण साफ हो सकता है। अभी गति काफी कम है।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप का चौथा चरण लागू किया गया है। नियम के तहत सभी प्रकार की निर्माण व तोडफ़ोड़ की गतिविधियां प्रतिबंधित कर दी गई हैं। आगजनी की घटना पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके बावजूद नियम तोड़े जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन के सामने ही कूड़े में आग लगाई गई थी। शुक्रवार को एक्यूआई 309 दर्ज किया गया था। शनिवार को 333 तक पहुंच गया है। इसके साथ ही हल्का स्मॉग का असर भी दिखाई दिया। वातावरण में स्मॉग छाने से सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन हो रही है। प्रदूषण से साथ ही गले में खराश के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह स्मॉग काफी खतरनाक है।
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नागरिक अस्पताल के छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस पूनिया ने हिदायत दी कि मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर बिना ठोस कारण के नहीं निकलना चाहिए।
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हवा की धीमी गति बढ़ा रही परेशानी
प्रदूषण की बड़ी वजह हवा की गति का धीमा होना बताया जा रहा है। शनिवार को 4 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। जिसके कारण वातावरण साफ नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जब तक हवा की गति तेज नहीं होती, तब तक प्रदूषण की मार लोगों को झेलनी पड़ेगी।
न्यूनतम तापमान में हुई वृद्धि
शनिवार को जिले के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 28.7 और न्यूनतम 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 26.7 और न्यूनतम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
-दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ा है। लोगों को हिदायत बरतने की सलाह दी जा रही है। हवा की गति बढऩे पर वातावरण साफ हो सकता है। अभी गति काफी कम है।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत