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बड़ा सवाल: गैंगस्टर दीपक मान सोनीपत लाया गया या खुद आया, बना पहेली
Mon, 02 Oct 2023 12:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Updated Mon, 02 Oct 2023 12:45 AM IST
सार
पुलिस के लिए बड़ा सवाल है कि पंजाब के फरीदकोट का कुख्यात दीपक मान सोनीपत खुद पहुंचा या उसे यहां लाया गया। पुलिस अब उसकी हत्या से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है।
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सोनीपत के गांव हरसाना में युवक की हत्या के मामले में जांच करते एसीपी जीत सिंह व अन्य। संवाद
विस्तार
पंजाब और दिल्ली के गैंग के बीच जारी गैंगवार में सोनीपत का नाम अक्सर सामने आता रहा है। अब पंजाब के गैंगस्टर दीपक मान की हत्या भी सोनीपत की धरती पर कर दी गई है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुख्य सदस्य गोल्डी बराड़ के नाम से बने सोशल मीडिया अकाउंट पर हत्या की जिम्मेदारी ली गई है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कई सदस्यों का सोनीपत से गहरा जुड़ाव है।
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बेशक अभी पुलिस यह पता नहीं लगा सकी है कि पंजाब के फरीदकोट का हिस्ट्रीशीटर दीपक मान सोनीपत में कैसे पहुंचा, लेकिन गोल्डी बराड़ के जिम्मेदारी लेने से इस हत्या के पीछे भी लॉरेंस गैंग की भूमिका सामने आ रही है। इससे पहले पंजाब में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या व रोहिणी कोर्ट में गोगी की हत्या में भी सोनीपत का नाम खूब उछला था।
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दिल्ली एनसीआर में शामिल सोनीपत जिले में कभी राजधानी में बैठे गैंगस्टर की हुकूमत चलती थी। सैकड़ों युवा इनके इशारों पर जान देने को तैयार रहते थे। पहले दिल्ली के गैंगस्टर से जुड़ाव ज्यादा रहता था। हालांकि एक दशक से जिले के युवाओं का झुकाव पंजाब की गैंग की तरफ होने लगा।
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इसी का परिणाम है कि जिले में काला जठेड़ी, राजू बसौदी, अक्षय पलड़ा जैसे अपराधी पैदा हो गए। अक्षय पलड़ा तो परिवार के साथ हुए झगड़े के बाद 15 साल की उम्र में ही अपराध जगत में उतर गया था। करीब चार साल पहले पंजाब में अक्षय की गिरफ्तारी हुई तो पुलिस अधिकारी भी उसके कारनामे सुनकर अचंभित रह गए। उस वक्त 19 साल के रहे अक्षय पलड़ा ने 15 हत्याओं में शामिल रहने के साथ ही करीब 25 वारदात की कबूली थी।
इसमें से कई हत्या की वारदात तो अक्षय ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सहयोगी संपत नेहरा के साथ मिलकर की थी। वहीं संदीप उर्फ काला जठेड़ी अलग-अलग गैंग से हाथ मिलाकर अपनी ताकत बढ़ाता रहा है। 200 से ज्यादा शूटर वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ने के बाद वह अपराध जगत में आगे बढ़ता गया।
हत्या, लूट, रंगदारी और पुलिस मुठभेड़ जैसे मामलों में नामजद रहा है। लॉरेंस बिश्नोई के जेल जाने के बाद उसके गैंग की कमान राजू बसौदी संभाल रहा था। एसटीएफ ने राजू बसौदी को गिरफ्तार किया तो पुलिस कस्टडी से भागे काला जठेड़ी ने गैंग की कमान संभाल ली थी। ऐसे में सोनीपत में लॉरेंस बिश्नोई के गैंग के दबदबे को कम नहीं आका जा सकता। इस स्थिति में दीपक मान की सोनीपत में हत्या होना कई सवाल खड़े करता है।
दीपक सोनीपत आया या लाया गया, बड़ा सवाल
पुलिस के लिए बड़ा सवाल है कि पंजाब के फरीदकोट का कुख्यात दीपक मान सोनीपत खुद पहुंचा या उसे यहां लाया गया। पुलिस अब उसकी हत्या से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है। दीपक मान बंबीहा गैंग का गैंगस्टर था। वह पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन सोपू के स्टूडेंट लीडर गुरलाल बराड़ की हत्या में आरोपी था। गुरलाल की 10 अक्तूबर, 2020 को इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। गुरलाल बराड़ तक मॉल के बाहर अपनी गाड़ी में बैठकर किसी के आने का इंतजार कर रहा था।
दीपक मान ने किया था गोल्डी बराड़ को चैलेंज
गोल्डी बराड़ के नाम से बने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा गया है कि दीपक मान ने फेसबुक पर लिखा था कि तुमने क्या कर लिया, मैंने तुम्हारे भाई को मारा था। जिसका जवाब अब दिया गया है। बंबीहा गैंग के एक-एक सदस्य को चुन कर मारेंगे। उसके सिर में उतनी ही गोलियां मारी हैं। सोनीपत पुलिस ने मौके से कई खोल बरामद किए हैं। हालांकि पुलिस ने इस बारे में कुछ बताया नहीं है।