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ऑक्सीजन ट्रक और एंबुलेंस के लिए सिंघु बॉर्डर से हटाए जाएंगे बैरिकेड

Thu, 22 Apr 2021 11:52 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 22 Apr 2021 11:52 PM IST
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Barricades to be removed from Singhu border for oxygen trucks and ambulances
राई के रेस्ट हाउस में बैठक में मौजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी। - फोटो : Sonipat
सोनीपत। इमरजेंसी सेवाओं के लिए जहां कुंडली में किसान एक तरफ का रास्ता खोलेंगे तो सिंघु बॉर्डर से पुलिस भी बैरिकेड हटाएगी। इससे दिल्ली व अन्य जगहों के लिए ऑक्सीजन के ट्रक और एंबुलेंस जल्द अस्पतालों तक पहुंच सके। राई के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में वीरवार शाम को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की बैठक में इन मुद्दों पर सहमति बनी। वहीं, किसानों ने कोरोना जांच कराने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन वैक्सीनेशन के लिए हामी भरी।
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रेस्ट हाउस में वीरवार शाम को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ सोनीपत के एसपी जश्नदीप रंधावा, एडीसी अशोक बंसल समेत अन्य अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें किसानों के धरने के कारण इमरजेंसी सेवाओं के वाहनों को परेशानी होने की बात कही गई। जिस पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दर्शनपाल, गुरनाम सिंह चढूनी समेत अन्य ने कहा कि किसानों ने कभी रास्ता बंद नहीं किया था। बल्कि यहां सरकार पत्थर लगाए हुए हैं और दीवार बनाकर कील लगाई गई है। किसान नेताओं ने कहा कि उनका मकसद किसी को परेशानी में डालना नहीं है। वह पहले भी इसके पक्षधर रहे हैं कि इमरजेंसी वाहनों को यहां से निकाला जा सके।
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किसान नेताओं ने कहा कि ऑक्सीजन के ट्रक उनके कारण नहीं रुके हैं। बैठक में फैसला लिया गया है कि जीटी रोड को एक तरफ से इमरजेंसी सेवाओं के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही सिंघु बॉर्डर से दिल्ली पुलिस भी बैरिकेड हटाएगी, जिससे इमरजेंसी वाहनों को निकलने में परेशानी न हो।
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कोरोना जांच से किसानों का इनकार, वैक्सीनेशन को हैं तैयार
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार कोरोना के नाम पर आंदोलन को खत्म करने का षड्यंत्र रच रही है। इसलिए साफ कर दिया गया है कि किसान कोरोना जांच नहीं कराएंगे। अगर कोई बीमार होता है तो वह खुद अपनी मर्जी से किसी भी जगह जाकर जांच करा सकता है। इसके साथ ही वैक्सीन के लिए सरकार कैंप लगवाए और उसमें भी किसान अपनी मर्जी से वैक्सीन लगवाने जाते हैं तो उनको लगाई जाए। अगर जांच करने व वैक्सीन लगाने के लिए जबरदस्ती की गई तो उसका अंजाम भुगतना होगा।

धरनास्थलों पर आज मनाया जाएगा ऑपरेशन शक्ति
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि गेहूं की फसल कटाई का काम पूरा होने के बाद किसानों की धरना स्थलों पर वापसी शुरू हो गई है। इस क्रम में शुक्रवार को किसान धरना स्थलों पर ऑपरेशन शक्ति मनाएंगे। इसके तहत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में प्रदर्शनकारियों का काफिला बड़वासनी से कुंडली बॉर्डर के लिए रवाना होगा। इस काफिले में कई महिला किसान भी रहेंगी। मोर्चा का कहना है कि उन्हें भीड़ की जरूरत नहीं है। बल्कि वह मानवता के नाते प्रवासी श्रमिकों को बुला रहे हैं, जिससे उनको इस महामारी में यहां रोका जा सके और उनके रहने-खाने का इंतजाम मोर्चा कर देगा।
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