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Sonipat News: कन्या महाविद्यालय के कार्यकारिणी समिति की चुनाव प्रक्रिया पर रोक
Thu, 07 Aug 2025 02:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 07 Aug 2025 02:04 AM IST
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फोटो 23: सोनीपत के खरखौदा स्थित कन्या महाविद्यालय।
खरखौदा। हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए कन्या महाविद्यालय, खरखौदा को पूरी तरह अपने अधीन ले लिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब महाविद्यालय का संचालन एवं प्रबंधन केवल राज्य सरकार के निर्धारित नियमों और नीतियों के अनुरूप ही किया जाएगा। ऐसे में तत्काल प्रभाव से कन्या महाविद्यालय के कार्यकारिणी समिति की चुनाव प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी है, क्योंकि अब इस समिति के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।
इस संबंध में विभाग ने पत्र जारी किया है। शिक्षा समिति, खरखौदा की ओर से प्रस्तावित 11 सदस्यीय गवर्निंग बाडी के चुनाव को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है। समिति ने 11 सितंबर को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों (जिनमें दो शिक्षण और एक गैर-शिक्षण कर्मचारी भी शामिल थे) के चुनाव की घोषणा की थी।
हालांकि, विभाग ने दोहराया कि महाविद्यालय का अधिग्रहण पहले ही सरकार द्वारा कर लिया गया है और इससे जुड़ी सभी गतिविधियां अब केवल सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत ही संचालित होंगी। विभाग ने यह भी बताया कि अधिग्रहण संबंधी आदेश की प्रति पूर्व में ही शिक्षा समिति अध्यक्ष को भेजी जा चुकी है।
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उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी प्रकार की स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया को रोकें। अब संस्था राज्य सरकार की निगरानी में संचालित हो रही है। आदेश की अवहेलना की स्थिति में विभाग की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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इस संबंध में विभाग ने पत्र जारी किया है। शिक्षा समिति, खरखौदा की ओर से प्रस्तावित 11 सदस्यीय गवर्निंग बाडी के चुनाव को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है। समिति ने 11 सितंबर को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों (जिनमें दो शिक्षण और एक गैर-शिक्षण कर्मचारी भी शामिल थे) के चुनाव की घोषणा की थी।
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हालांकि, विभाग ने दोहराया कि महाविद्यालय का अधिग्रहण पहले ही सरकार द्वारा कर लिया गया है और इससे जुड़ी सभी गतिविधियां अब केवल सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत ही संचालित होंगी। विभाग ने यह भी बताया कि अधिग्रहण संबंधी आदेश की प्रति पूर्व में ही शिक्षा समिति अध्यक्ष को भेजी जा चुकी है।
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उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी प्रकार की स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया को रोकें। अब संस्था राज्य सरकार की निगरानी में संचालित हो रही है। आदेश की अवहेलना की स्थिति में विभाग की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।