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Sonipat News: बजरंग ने एक्स पर लिखा- डोप परीक्षण के लिए कभी नहीं किया इंकार
Fri, 10 May 2024 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 10 May 2024 11:47 PM IST
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बजरंग पुनिया
सोनीपत। ओलंपियन पहलवान बजरंग पूनिया ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के खिलाफ फिर से मोर्चा खोला है। बजरंग ने लिखा है कि उन्होंने किसी भी स्तर पर डोपिंग टेस्ट का नमूना देने से इंकार नहीं किया। सेमीफाइनल में चोट के कारण वह मुकाबले के बाद साई केंद्र में चिकित्सक के पास थे। उन्होंने कार्यक्रम स्थल एक घंटे बाद छोड़ा था।
कुश्ती की वैश्विक संचालन संस्था यूडब्ल्यूडब्ल्यू की तरफ से इस साल खेलने पर लगाए गए प्रतिबंध के एक दिन बाद बजरंग पूनिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा है कि 10 मार्च को ट्रायल के दौरान उन्होंने नमूने देने से इंकार नहीं किया था। जब डोपिंग नियंत्रण अधिकारियों ने संपर्क किया तो उन्होंने यह जरूर पूछा था कि पिछली दो बार वह नमूने लेने आए तो एक बार एक्सपायरी डेट की किट और दूसरी बार तीन परीक्षण किट की जगह केवल एक किट लेकर आए थे। उन्होंने इसके लिए नाडा से जवाब मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर डोपिंग नियंत्रण अधिकारियों ने स्पष्टीकरण देने से इंकार कर दिया था। साथ ही उचित उपकरण को लेकर कोई सबूत नहीं दिया था। वह उन पर मना करने का आरोप लगाते हुए उनके पास से उठकर चले गए थे।
जाने का समय दिखाया गलत
बजरंग ने लिखा है कि उन्हें तीसरे व चौथे स्थान के लिए मुकाबला लड़ना था। सेमीफाइनल मुकाबले के बाद वह घुटने में लगी चोट के उपचार के लिए आयोजन स्थल पर साई के चिकित्सक से मिले थे। हालांकि दिखाया यह जा रहा है कि वह मुकाबला खत्म होते ही वहां से चले गए। बजरंग ने लिखा है कि डोप नियंत्रक अधिकारी को प्रोटोकॉल (शिष्टाचार) के अनुसार प्रतियोगिता प्रबंधक को उनकी मेडिकल रिपोर्ट सौंपने तक उनके साथ रहना चाहिए था।
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कुश्ती की वैश्विक संचालन संस्था यूडब्ल्यूडब्ल्यू की तरफ से इस साल खेलने पर लगाए गए प्रतिबंध के एक दिन बाद बजरंग पूनिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा है कि 10 मार्च को ट्रायल के दौरान उन्होंने नमूने देने से इंकार नहीं किया था। जब डोपिंग नियंत्रण अधिकारियों ने संपर्क किया तो उन्होंने यह जरूर पूछा था कि पिछली दो बार वह नमूने लेने आए तो एक बार एक्सपायरी डेट की किट और दूसरी बार तीन परीक्षण किट की जगह केवल एक किट लेकर आए थे। उन्होंने इसके लिए नाडा से जवाब मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर डोपिंग नियंत्रण अधिकारियों ने स्पष्टीकरण देने से इंकार कर दिया था। साथ ही उचित उपकरण को लेकर कोई सबूत नहीं दिया था। वह उन पर मना करने का आरोप लगाते हुए उनके पास से उठकर चले गए थे।
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जाने का समय दिखाया गलत
बजरंग ने लिखा है कि उन्हें तीसरे व चौथे स्थान के लिए मुकाबला लड़ना था। सेमीफाइनल मुकाबले के बाद वह घुटने में लगी चोट के उपचार के लिए आयोजन स्थल पर साई के चिकित्सक से मिले थे। हालांकि दिखाया यह जा रहा है कि वह मुकाबला खत्म होते ही वहां से चले गए। बजरंग ने लिखा है कि डोप नियंत्रक अधिकारी को प्रोटोकॉल (शिष्टाचार) के अनुसार प्रतियोगिता प्रबंधक को उनकी मेडिकल रिपोर्ट सौंपने तक उनके साथ रहना चाहिए था।
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