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खराब टायरों के गोदाम में लगी भीषण आग
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 17 Nov 2014 12:28 AM IST
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रोहतक रोड बाबा कॉलोनी में रविवार शाम पौने चार बजे खराब टायरों के एक गोदाम में भीषण आग लग गई। सूचना पाते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियों ने तकरीबन दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण शॉट-सर्किट बताया जा रहा है।
कृष्णा नगर निवासी सुनील पुत्र बिशन स्वरूप का बाबा कॉलोनी गली नंबर-1 में टायरों का गोदाम है। रविवार शाम चार बजे गोदाम में जमा गाड़ी, मोटरसाइकिल, ट्रक के टायरों के ढेरों में शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गई। आग की सूचना पाते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए मौके पर पहुंची। धीरे-धीरे दमकल विभाग की करीब 8 गाड़ियों को मदद के लिए बुलाया गया।
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इन सभी गाड़ियों ने मिलकर दो घंटे में आग पर काबू पा लिया। इसी बीच आग का धुआं इस कदम पूरे शहर में फैल गया कि जैसे किसी ने आसमान में कोई जहरीली गैस छोड़ दी हो। गोदाम मालिक सुनील कुमार ने बताया कि गनीमत रही कि जहां पर आग लगी उसी के साथ में मिस्त्री मकान की रिपेयरिंग का काम कर रहा था। हालांकि आग लगती देख मिस्त्री और मजदूर समय से पहले नीचे उतर आए और किसी प्रकार के हादसे से बच गए।
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तीन वर्षों से था गोदाम
सुनील का बाबा कॉलोनी में गत तीन वर्षों से टायर का गोदाम था। जिसमें सोनीपत जिले के विभिन्न भागों से टायर मिस्त्री या कार मैकेनिक खराब टायर बेचकर जाते थे और सुनील गोदाम में टायरों को एकत्र करता था। जब टायरों की संख्या ज्यादा हो जाती थी तो टायरों से स्क्रैप निकालकर टायरों से निकली रबड़ के टुकड़ों की सप्लाई भट्ठों पर की जाती थी। रबड़ के ये टुकड़े भट्ठों पर आग र्में इंटें पकाने के काम आते थे।
युवक की सूझबूझ से बचा गया ट्रैक्टर
बाबा कालोनी निवासी पुष्पा ने बताया कि करीब पौने चार बजे बिहार के रहने वाले युवक ने उसको आग की सूचना दी थी। उस समय आग केवल नाममात्र की ही थी। आग को देखने के लिए उन्होंने पड़ोसियों की मदद से टायरों के गोदाम का ताला खोल दिया और गोदाम में खड़ा ट्रैक्टर बाहर निकाला। जिसके बाद आग बढ़ती चली गई। यदि आग की जानकारी के बारे में किसी को पता नहीं चलता तो ट्रैक्टर भी आग में स्वाहा हो जाता है।
निर्माणाधीन बिल्डिंग हो सकती थी डैमेज
पुष्पा ने बताया कि गोदाम की दीवार उसकी निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान से लगती है। उसकी दीवार के पास इन टायरों को लगाया गया था। गोदाम की तरफ दीवार का प्लास्टर करने के लिए उन टायरों को एक-दो दिन पहले ही दूसरी जगह लगाया गया था। दीवार के प्लास्टर के लिए तैयारियां की जा रही थी। यदि उन टायरों को दीवार से नहीं हटाया जाता तो यह दीवार आग की भेंट चढ़ सकती थी और निर्माणाधीन बिल्डिंग नष्ट भी हो सकती थी।
छह महीने का स्टॉक आग की भेंट चढ़ा
टायर गोदाम मालिक ने बताया कि तकरीबन छह महीने का स्टॉक आग की भेंट में चढ़ गया है। जिसकी कीमत तकरीबन तीन लाख रूपये आंकी जा रही है। स्क्रैप के रूप में पड़े टायर के गोदाम के मालिक को आग लगने से भारी नुकसान पहुंचा है।
देर रात तक सुलगती रही आग
टायर के गोदाम में लगी आग शुरुआत में जंगल की आग की तरह फैलती दिखाई दे रही थी। हालांकि 8 दमकल गाड़ियों के आने के बाद आग पर काबू पा लिया गया। वहीं दमकल विभाग द्वारा आग बुझाने के बाद भी देर रात तक सुलगती रही और आग में से निकलने वाला धुआं शहर में जहरीली गैस की तरह फैलता हुआ दिखाई दिया।