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Sonipat News: एक्यूआई <bha>@</bha> 321, खांसी, जुकाम और सांस के रोगी बढ़ने की आशंका
Sun, 29 Oct 2023 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 29 Oct 2023 12:59 AM IST
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सोनीपत। प्रदूषण फिर से लोगों के मुसीबत बनने लगा है। वातावरण में प्रदूषण की चादर सी छाने लगी है। स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब माना जाना वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक बार फिर 321 पर तक पहुंच गया है। प्रशासन के इंतजाम के बावजूद हालात बेहतर नहीं हैं। अगर प्रदूषण का स्तर कम नहीं हुआ तो खांसी व जुकाम के मरीज बढ़ सकते हैं। वहीं, सांस के रोगियों के लिए प्रदूषण का यह स्तर बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 321 तक पहुंच गया था। बेहद खराब श्रेणी में माने जाने वाले स्तर से लोगों को दिक्कत हुई। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली एनसीआर में फिलहाल ग्रेप पीरियड लागू किया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने के कारकों पर कड़े प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। पराली जलाने व उद्योगों में आगजनी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शनिवार को प्रदूषण की चादर सी छाई दिखाई दी। जिससे आंखों में जलन महसूस की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिक होने से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
यह बरतनी चाहिए सावधानी
डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि बढ़ता प्रदूषण शरीर के लिए नुकसानदायक है। धूल, मिट्टी से आंखों का बचाव करें। धूल मिट्टी वाले स्थान पर काम करते समय काले चश्मे का प्रयोग करें। आंखों में एलर्जी की दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज लें। खेतों या अनाज मंडी में अगर जा रहे हैं तो आंखों पर चश्मा लगाए, वापस आने पर आंखों को पानी से धोएं।
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शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 321 तक पहुंच गया था। बेहद खराब श्रेणी में माने जाने वाले स्तर से लोगों को दिक्कत हुई। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली एनसीआर में फिलहाल ग्रेप पीरियड लागू किया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने के कारकों पर कड़े प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। पराली जलाने व उद्योगों में आगजनी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शनिवार को प्रदूषण की चादर सी छाई दिखाई दी। जिससे आंखों में जलन महसूस की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिक होने से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
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यह बरतनी चाहिए सावधानी
डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि बढ़ता प्रदूषण शरीर के लिए नुकसानदायक है। धूल, मिट्टी से आंखों का बचाव करें। धूल मिट्टी वाले स्थान पर काम करते समय काले चश्मे का प्रयोग करें। आंखों में एलर्जी की दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज लें। खेतों या अनाज मंडी में अगर जा रहे हैं तो आंखों पर चश्मा लगाए, वापस आने पर आंखों को पानी से धोएं।
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