{"_id":"67a6759ae95fdfcd15022403","slug":"anuj-had-to-compromise-heavily-cousin-brother-lost-his-life-sonipat-news-c-197-1-snp1001-131985-2025-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: अनुज को समझौता कराना पड़ गया भारी, चली गई ममेरे भाई की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: अनुज को समझौता कराना पड़ गया भारी, चली गई ममेरे भाई की जान
Sat, 08 Feb 2025 02:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 08 Feb 2025 02:35 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत/खरखौदा। गोहाना के पानीपत रोड पर शादी समारोह के दौरान हुई गोलीबारी में दूल्हे के घायल होने के साथ उनके ममेरे भाई की जान चली गई। दूल्हे या उनके ममेरे भाई से आरोपियों की सीधी रंजिश नहीं है। उनकी दूल्हे के भाई के दोस्त संग रंजिश थी। जिसमें दूल्हे के दोस्त ने समझौता कराया था।
अनुज ने पुलिस को बताया है कि सुनील व नरेंद्र उर्फ नदरू का डॉ. पवन के साथ एक महिला को लेकर चार-पांच माह पहले झगड़ा हुआ था। इसमें पड़ोसी होने के चलते उन्होंने बीच-बचाव कर समझौता कराया था। पंचायती तौर पर समझौता कराने के बाद भी सुनील व नरेंद्र उनसे रंजिश रखे थे। इसी में वारदात को अंजाम दिया गया।
परिवार का इकलौता बेटा था जयदीप
गोली लगने से काल का ग्रास बना जयदीप परिवार का इकलौता बेटा था। वह हंसी खुशी बुआ के बेटे की शादी में गया था। परिवार का नहीं पता था कि अब वह कभी नहीं आए। जयदीप की दो बहन हैं। उनके पिता की पहले ही मौत हो चुकी हैं और परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।
विज्ञापन
ढाई साल पहले हुई थी शादी
जयदीप की शादी ढाई साल पहले ही हुई थी। अभी तक उनकी कोई संतान नहीं है। परिवार पहले ही कई दुख झेल चुका है। उनके ताऊ की मौत के साथ ही ताऊ के बड़े बेटे की भी मृत्यु हो चुकी है। ताऊ का दूसरा बेटा गंभीर रूप से बीमार है। ऐसे में जयदीप ही ताऊ के परिवार को भी संभाल रहा था। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना से पूरा गांव गमगीन है। जयदीप का अंतिम संस्कार गांव में मातम के बीच किया गया। जहां परिजन और ग्रामीणों की आंखें नम थीं।
विज्ञापन
अनुज ने पुलिस को बताया है कि सुनील व नरेंद्र उर्फ नदरू का डॉ. पवन के साथ एक महिला को लेकर चार-पांच माह पहले झगड़ा हुआ था। इसमें पड़ोसी होने के चलते उन्होंने बीच-बचाव कर समझौता कराया था। पंचायती तौर पर समझौता कराने के बाद भी सुनील व नरेंद्र उनसे रंजिश रखे थे। इसी में वारदात को अंजाम दिया गया।
विज्ञापन
परिवार का इकलौता बेटा था जयदीप
गोली लगने से काल का ग्रास बना जयदीप परिवार का इकलौता बेटा था। वह हंसी खुशी बुआ के बेटे की शादी में गया था। परिवार का नहीं पता था कि अब वह कभी नहीं आए। जयदीप की दो बहन हैं। उनके पिता की पहले ही मौत हो चुकी हैं और परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।
विज्ञापन
ढाई साल पहले हुई थी शादी
जयदीप की शादी ढाई साल पहले ही हुई थी। अभी तक उनकी कोई संतान नहीं है। परिवार पहले ही कई दुख झेल चुका है। उनके ताऊ की मौत के साथ ही ताऊ के बड़े बेटे की भी मृत्यु हो चुकी है। ताऊ का दूसरा बेटा गंभीर रूप से बीमार है। ऐसे में जयदीप ही ताऊ के परिवार को भी संभाल रहा था। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना से पूरा गांव गमगीन है। जयदीप का अंतिम संस्कार गांव में मातम के बीच किया गया। जहां परिजन और ग्रामीणों की आंखें नम थीं।