फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   130 villages became guests at the naming ceremony of a daughter born after 35 years in the house.

Sonipat News: घर में 35 साल बाद जन्मी बेटी के नामकरण पर 130 गांव बने मेहमान

Fri, 02 Oct 2026 03:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 02 Oct 2026 03:00 AM IST
विज्ञापन
130 villages became guests at the naming ceremony of a daughter born after 35 years in the house.
नन्ही कामाक्षी, गांव महलाना में जिसका नामकरण संस्कार समारोह एक ऐतिहासिक यादगार बन गया। संवाद
सोनीपत। जिला मुख्यालय से सटे गांव महलाना ने रविवार को सामाजिक चेतना की नजीर पेश की। प्रॉपर्टी और दवा का काम करने वाले रोहित बाल्याण के घर में 35 वर्ष बाद बेटी का जन्म हुआ तो उसके नामकरण के मौके पर 130 गांवों के लोग साक्षी बने।
विज्ञापन

नामकरण संस्कार में राजदुलारी कामाक्षी और उसकी जननी को ढोल-नगाड़ों और हाथी-घोड़ों व रथ आदि के साथ आयोजन स्थल तक लाया गया। फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया। कामाक्षी का जन्म 6 जनवरी को हुआ था। रविवार को उसका नामकरण संस्कार पूरे पारंपरिक तरीके से किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में आसपास के करीब 130 गांवों से हजारों लोग शामिल हुए।
विज्ञापन

शंखनाद के बीच हुआ यज्ञ

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन के साथ हुई। शंखनाद के बीच विधिवत रूप से बेटी का नामकरण संस्कार संपन्न कराया गया। परिवार ने बेटी का नाम कामाक्षी (माता पार्वती का एक रूप) रखा। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें दूर-दराज से आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटों से कम नहीं बेटियां
पिता रोहित बाल्याण ने कहा कि आज बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। बेटी का जन्म भी उतनी ही खुशी और गर्व का विषय होना चाहिए जितना बेटे का। हमारा यह आयोजन समाज को यह संदेश देने का प्रयास है कि बेटियां परिवार की कमजोरी नहीं बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत होती हैं। उनके पास पहले से एक बेटा है। अब दूसरे बच्चे के रूप में घर में बेटी ने जन्म लिया है।
ग्रामीणों ने बताया सामाजिक चेतना की मिसाल
ग्रामीणों ने इस आयोजन को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का जीवंत उदाहरण बताया। उनका कहना था कि जहां आज भी कुछ स्थानों पर बेटियों के साथ भेदभाव और भ्रूणहत्या जैसी घटनाएं होती हैं वहीं महलाना का यह आयोजन सोच बदलने वाला प्रेरक संदेश देता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि हर परिवार बेटियों को इसी तरह सम्मान देगा तो समाज अपने आप बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगा।


राजनीतिक और सामाजिक लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सलाहकार तरुण भंडारी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमल दिवान, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, अभिषेक ब्रह्मचारी, किसान नेता नरेश टिकैत के पुत्र गौरव टिकैत भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

नन्ही कामाक्षी, गांव महलाना में जिसका नामकरण संस्कार समारोह एक ऐतिहासिक यादगार बन गया। संवाद

नन्ही कामाक्षी, गांव महलाना में जिसका नामकरण संस्कार समारोह एक ऐतिहासिक यादगार बन गया। संवाद

नन्ही कामाक्षी, गांव महलाना में जिसका नामकरण संस्कार समारोह एक ऐतिहासिक यादगार बन गया। संवाद

नन्ही कामाक्षी, गांव महलाना में जिसका नामकरण संस्कार समारोह एक ऐतिहासिक यादगार बन गया। संवाद

नन्ही कामाक्षी, गांव महलाना में जिसका नामकरण संस्कार समारोह एक ऐतिहासिक यादगार बन गया। संवाद

नन्ही कामाक्षी, गांव महलाना में जिसका नामकरण संस्कार समारोह एक ऐतिहासिक यादगार बन गया। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed