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अनाज मंडी में किसानों की कमाई की बेकद्री
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:05 AM IST
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जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी में सात दिन से धान की खरीद नहीं हो रही है। इससे नाराज किसानों ने कमेटी कार्यालय के सामने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के रोहतक मंडल अध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने किया। किसानों ने जल्द खरीद शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सत्यवान नरवाल ने कहा कि गोहाना मंडी में सात दिन से धान की सरकारी खरीद बंद है। सरकार का 40 हजार क्विंटल का टारगेट पूरा हो चुका है। हमारी मांग है कि इस लक्ष्य को बढ़ाकर तुरंत खरीद शुरू करनी चाहिए। क्योंकि जो 1509 किस्म की धान पहले 1700 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी। वह अब खरीद बंद होने से व्यापारियों द्वारा 1100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है। इसमें सरकार अपनी खरीद बंद करके और व्यापारियों से सांठगांठ करके किसानों को लूट रही है। जल्द खरीद शुरू नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। जिसकी जिम्मेदार स्वयं सरकार होगी। इस मौके पर नरेश, सतीश, रामफल, बलवंत, सुल्तान, राजकुमार मौजूद थे।
बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
बुधवार दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक बूंदाबांदी होती रही। बारिश से जहां मंडी में पड़ा धान भीग गया वहीं खेतों में खड़ी धान की फसल के खराब होने का डर बन गया। मंडी में धान लेकर आए किसानों का कहना है कि मंडी में पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। जिसके चलते उनकी फसल भीग रही है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत नांदल ने कहा कि उन्होंने जिस मिल से धान की खरीद की अथॉरिटी ली थी। उसकी खरीद क्षमता 44 हजार क्विंटल थी। इसी वजह से आगे सरकारी खरीद नहीं हो रही है। खरीद के लिए दूसरी मिल से बातचीत जारी है। जैसे ही बातचीत पूरी हो जाएगी किसानों की धान की खरीद शुरू कर दी जाएगी।
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सत्यवान नरवाल ने कहा कि गोहाना मंडी में सात दिन से धान की सरकारी खरीद बंद है। सरकार का 40 हजार क्विंटल का टारगेट पूरा हो चुका है। हमारी मांग है कि इस लक्ष्य को बढ़ाकर तुरंत खरीद शुरू करनी चाहिए। क्योंकि जो 1509 किस्म की धान पहले 1700 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी। वह अब खरीद बंद होने से व्यापारियों द्वारा 1100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है। इसमें सरकार अपनी खरीद बंद करके और व्यापारियों से सांठगांठ करके किसानों को लूट रही है। जल्द खरीद शुरू नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। जिसकी जिम्मेदार स्वयं सरकार होगी। इस मौके पर नरेश, सतीश, रामफल, बलवंत, सुल्तान, राजकुमार मौजूद थे।
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बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
बुधवार दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक बूंदाबांदी होती रही। बारिश से जहां मंडी में पड़ा धान भीग गया वहीं खेतों में खड़ी धान की फसल के खराब होने का डर बन गया। मंडी में धान लेकर आए किसानों का कहना है कि मंडी में पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। जिसके चलते उनकी फसल भीग रही है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत नांदल ने कहा कि उन्होंने जिस मिल से धान की खरीद की अथॉरिटी ली थी। उसकी खरीद क्षमता 44 हजार क्विंटल थी। इसी वजह से आगे सरकारी खरीद नहीं हो रही है। खरीद के लिए दूसरी मिल से बातचीत जारी है। जैसे ही बातचीत पूरी हो जाएगी किसानों की धान की खरीद शुरू कर दी जाएगी।