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Sonipat News: 12 ज्योतिर्लिंग, 12 शक्तिपीठों व 4 धाम के बाद शहर में पहुंची भगवा त्रिशूल यात्रा
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फोटो 30- सोनीपत में प्रवेश करती 120 त्रिशूल लिए भगवा त्रिशूल यात्रा। संवाद
सोनीपत। 12 ज्योतिर्लिंग, 12 शक्तिपीठों व 4 धाम के भ्रमण के बाद भगवा त्रिशूल यात्रा सोनीपत पहुंची। अंतरराष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद की ओर से कामी रोड स्थित पूर्ण मूर्ति कैंपस में यात्रा का ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया गया। सनातन धर्म प्रेमियों व श्रद्धालुओं के साथ विद्यार्थियाें ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया।
यात्रा में अंतरराष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री एवं यात्रा के संयोजक दीप सिहाग सिसाय, परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन डाॅ. नवीन नैन भालसी, राष्ट्रीय प्रवक्ता दामिनी वशिष्ठ शामिल रहे। भाजपा के जिलाध्यक्ष जसबीर दोदवा, भाजपा नेता राजीव जैन, पूर्ण मूर्ति कैंपस के चेयरमैन डाॅ. विजयपाल नैन ने यात्रा में आए श्रद्धालुओं के साथ हवन कर आहुति डाली।
सभी से धार्मिक स्थलों के संरक्षण व युवाओं को सनातन संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया गया। श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में नृत्य करते नजर आए। राजीव जैन ने कहा कि भगवा त्रिशूल यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। संस्था के सचिव गौतम नैन, कोषाध्यक्ष भोपाल सिंह, प्रबंधक निदेशक कपिल भाटिया, एमडी संदीप शाक्य, अकादमी निदेशक डाॅ. स्वीटी, परिसर निदेशक कुलदीप, रजिस्ट्रार कंवलजीत सिंह संधू, अकादमिक डीन संदीप कुमार मौजूद रहे।
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120 शिवालयों को डिजिटल रूप से जोड़ने का संकल्प
डाॅ. विजयपाल नैन ने कहा कि इस पहल के तहत देश-विदेश के 120 शिव मंदिरों को डिजिटल रूप से जोड़ने का संकल्प लिया गया है, इनमें से 12 मंदिर विदेशों में स्थित हैं। यात्रा का लक्ष्य मंदिरों का संरक्षण व आधुनिकीकरण है। मार्ग में भजन-कीर्तन व हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। कई धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने यात्रा के प्रति अपनी आस्था जताई। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक यात्रा की महत्ता से अवगत कराया गया।
दिल्ली में होगा भव्य महासम्मेलन
प्रयागराज से प्रारंभ होकर भगवा त्रिशूल यात्रा अयोध्या, लखनऊ, हरिद्वार, चंडीगढ़ होते हुए अंबाला पहुंची। इसके बाद कुरुक्षेत्र में ठहराव किया गया। करनाल, पानीपत होते हुए आज यात्रा सोनीपत पहुंची। यात्रा के सभी 120 पवित्र त्रिशूलों को प्राचीन शिवालयों में प्रतिष्ठित किया जाएगा। यात्रा ने कम समय में इतना लंबा सफर तय कर एक रिकॉर्ड भी बनाया है। यात्रा के समापन पर 25 मार्च को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भव्य महासम्मेलन होगा। इसमें देशभर से संत, महंत, धर्मगुरु व श्रद्धालु शामिल होंगे।
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यात्रा में अंतरराष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री एवं यात्रा के संयोजक दीप सिहाग सिसाय, परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन डाॅ. नवीन नैन भालसी, राष्ट्रीय प्रवक्ता दामिनी वशिष्ठ शामिल रहे। भाजपा के जिलाध्यक्ष जसबीर दोदवा, भाजपा नेता राजीव जैन, पूर्ण मूर्ति कैंपस के चेयरमैन डाॅ. विजयपाल नैन ने यात्रा में आए श्रद्धालुओं के साथ हवन कर आहुति डाली।
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सभी से धार्मिक स्थलों के संरक्षण व युवाओं को सनातन संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया गया। श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में नृत्य करते नजर आए। राजीव जैन ने कहा कि भगवा त्रिशूल यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। संस्था के सचिव गौतम नैन, कोषाध्यक्ष भोपाल सिंह, प्रबंधक निदेशक कपिल भाटिया, एमडी संदीप शाक्य, अकादमी निदेशक डाॅ. स्वीटी, परिसर निदेशक कुलदीप, रजिस्ट्रार कंवलजीत सिंह संधू, अकादमिक डीन संदीप कुमार मौजूद रहे।
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120 शिवालयों को डिजिटल रूप से जोड़ने का संकल्प
डाॅ. विजयपाल नैन ने कहा कि इस पहल के तहत देश-विदेश के 120 शिव मंदिरों को डिजिटल रूप से जोड़ने का संकल्प लिया गया है, इनमें से 12 मंदिर विदेशों में स्थित हैं। यात्रा का लक्ष्य मंदिरों का संरक्षण व आधुनिकीकरण है। मार्ग में भजन-कीर्तन व हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। कई धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने यात्रा के प्रति अपनी आस्था जताई। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक यात्रा की महत्ता से अवगत कराया गया।
दिल्ली में होगा भव्य महासम्मेलन
प्रयागराज से प्रारंभ होकर भगवा त्रिशूल यात्रा अयोध्या, लखनऊ, हरिद्वार, चंडीगढ़ होते हुए अंबाला पहुंची। इसके बाद कुरुक्षेत्र में ठहराव किया गया। करनाल, पानीपत होते हुए आज यात्रा सोनीपत पहुंची। यात्रा के सभी 120 पवित्र त्रिशूलों को प्राचीन शिवालयों में प्रतिष्ठित किया जाएगा। यात्रा ने कम समय में इतना लंबा सफर तय कर एक रिकॉर्ड भी बनाया है। यात्रा के समापन पर 25 मार्च को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भव्य महासम्मेलन होगा। इसमें देशभर से संत, महंत, धर्मगुरु व श्रद्धालु शामिल होंगे।

फोटो 30- सोनीपत में प्रवेश करती 120 त्रिशूल लिए भगवा त्रिशूल यात्रा। संवाद