{"_id":"68fa810a3ed1a6ad32044ccf","slug":"administration-alert-to-prevent-child-marriage-on-devuthani-ekadashi-sonipat-news-c-197-1-snp1008-144172-2025-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: देवउठनी एकादशी पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासन अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: देवउठनी एकादशी पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासन अलर्ट
Fri, 24 Oct 2025 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:54 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। देवउठनी एकादशी शादियों का अधिक साया रहता है। ऐसे शुभ मुहूर्त पर बाल विवाह होने का भी अंदेशा बना रहता है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासन अलर्ट मोड़ में आ गया है। अधिकारियों को बाल विवाह करने व करवाने वालों पर सख्त नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त सुशील सारवान ने लोगों का आह्वान किया कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए प्रशासन का सहयोग किया जाए। मैरिज पैलेस के मालिकों व बैंक्वेट हॉल के संचालकों को भी अपने यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले दूल्हा-दुल्हन के आयु प्रमाणपत्रों की जांच करने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान यदि लड़के की आयु 21 वर्ष से कम व लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को देनी होगी। साथ ही आयु प्रमाणपत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखनी होगी।
उपायुक्त ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़की की शादी 18 वर्ष व लड़के की 21 वर्ष से पहले करना कानूनन अपराध है। एक्ट के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसके तहत दो साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है।
विज्ञापन
बाल विवाह संबंधी सूचना कोई भी व्यक्ति नजदीकी पुलिस थाना/चौकी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, डब्ल्यूसीडीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विवाह निषेध अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर दे सकते हैं।
विज्ञापन
उपायुक्त सुशील सारवान ने लोगों का आह्वान किया कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए प्रशासन का सहयोग किया जाए। मैरिज पैलेस के मालिकों व बैंक्वेट हॉल के संचालकों को भी अपने यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले दूल्हा-दुल्हन के आयु प्रमाणपत्रों की जांच करने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान यदि लड़के की आयु 21 वर्ष से कम व लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को देनी होगी। साथ ही आयु प्रमाणपत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखनी होगी।
विज्ञापन
उपायुक्त ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़की की शादी 18 वर्ष व लड़के की 21 वर्ष से पहले करना कानूनन अपराध है। एक्ट के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसके तहत दो साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है।
विज्ञापन
बाल विवाह संबंधी सूचना कोई भी व्यक्ति नजदीकी पुलिस थाना/चौकी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, डब्ल्यूसीडीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विवाह निषेध अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर दे सकते हैं।