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कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 21 Sep 2014 12:27 AM IST
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झलनियां गांव में एक परिवार और उससे संबंधित समाज का बायकाट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर कुछ संगठनों ने प्रदेशभर में आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है।
एक परिवार में पोता होने की खुशी में बकरा काटने से शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में अखिल भारतीय टपरीवास मंच पहले ही आंदोलन की चेतावनी दे चुका है। शनिवार को शहीद भगत सिंह दिशा मंच और कुरुक्षेत्र जनसंघर्ष मंच ने गांव का दौरा कर तथ्य जुटाए।
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संगठनों के पदाधिकारियों ने डीएसपी द्वारा इस मामले को दबाने की भी निंदा की गई। शनिवार को शहीद भगत सिंह दिशा मंच और कुरुक्षेत्र जनसंघर्ष मंच की टीम में आए सोमनाथ और फूल सिंह ने बताया कि समाज द्वारा एक परिवार और उससे संबंधित समाज का जो हुक्का-पानी बंद किया गया, वह सरासर गलत है।
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किसी को भी हक नहीं है कि वह दूसरे समाज का बहिष्कार करे। संगठनों ने कहा कि डीएसपी ने कार्रवाई करने की बजाए इस मामले को दबाने का काम किया है। अब इस मामले को प्रदेशभर में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई परिवार खुशी में रीति रिवाज से घर पर बकरा काटता है तो इसमें हर्ज क्या है। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर उन्होंने गांव से तथ्य जुटाएं है। वे प्रदेशस्तर पर इस मामले को उठाएंगे ताकि दोबारा इस तरह की घटना न हो।
पोता होने की खुशी में काटा था बकरा
झलनियां गांव में एक परिवार ने पोता होने की खुशी में रीति रिवाज के अनुसार 15 सितंबर को बकरा काटा था। इस पर एक समाज के लोगों ने पहले तो गलत आरोप लगाया कि बकरे की जगह नीलगाय काटी है। इसकी शिकायत जीव रक्षा के अधिकारियों को दी। जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो जांच करने पर कटा पशु बकरा ही पाया।
उसके बावजूद समाज के लोगों ने परिवार के मुखिया की पिटाई करने के बाद गांव के सरपंच के सामने उन पर 5100 रुपये का जुर्माना लगा दिया। इसके अलावा चेतावनी दी गई कि दोबारा इस तरह का काम किया गया तो गांव से निकाल दिया जाएगा। इसके दो दिन बाद समाज के लोगों ने गांव में परिवार और उससे संबंधित समाज का बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद पीड़ित परिवार और संबंधित समाज के लोगाें को गांव में खाने के लाले पड़ गए थे। विरोध में परिवार और समाज ने लघु सचिवालय में धरना दिया। इसके बाद डीसपी विजय कक्कड़ ने दोनों पक्षों को बुलवाकर समझौता करवा दिया था।