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Sonipat News: निजी कंपनी ऑनलाइन तरीके से खुले में बेच रही एमटीपी किट, पीएनडीटी ने कराया मुकदमा
Sat, 22 Feb 2025 01:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:30 AM IST
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फोटो 11: सोनीपत में शुक्रवार को सेक्टर-27 थाना में ऑनलाइन एमटीपी किट बेचने वाली कंपनी के खिलाफ
- फोटो : samba news
सोनीपत। निजी कंपनी ऑनलाइन तरीके से खुले में बिना किसी डॉक्टर के पर्चे मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) किट बेच रही है। औषधि नियंत्रक अधिकारी ने बिहार की मां तारा मार्केट में एमटीपी किट के लिए ऑनलाइन ऑर्डर किया था। प्रतिबंधित एमटीपी किट ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए ही स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची। इस मामले में पीएनडीटी ने सेक्टर-27 थाना में कंपनी मां तारा मार्केट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
पीएनडीटी के नोडल अधिकारी को सूचना मिली थी कि कुछ कंपनियां अवैध तरीके से एमटीपी किट ऑनलाइन बेच रही हैं। इस मामले में सिविल सर्जन ने टीम का गठन किया। इसमें पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप लठवाल व औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा को शामिल किया गया। औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा ने बिहार की कंपनी मां तारा मार्केट से एमटीपी किट मंगवाने के लिए 12 फरवरी को ऑनलाइन ऑर्डर किया था। किसी डॉक्टर की कोई पर्ची भी नहीं मांगी गई थी। यह ऑनलाइन ऑर्डर शुक्रवार को कंपनी मां तारा मार्केट से ई-कार्ट के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम के पास पहुंचा। टीम ने एमटीपी किट बरामद करने के बाद इसकी शिकायत सेक्टर-27 थाना पुलिस को दी।
औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा ने बताया कि एमटीपी किट ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत ''''शेड्यूल एच'''' दवा है और इसे केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही बेचा जा सकता है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 2002 और रूल्स, 2003 के अनुसार, इस दवा का उपयोग स्वास्थ्य सुविधा में और सेवा प्रदाता की देखरेख में करना अनिवार्य है। एमटीपी किट चिकित्सक के पर्चे के बिना नहीं बेची जानी चाहिए। इसके उपयोग से रोगी के स्वास्थ्य और जीवन को खतरा हो सकता है।
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मामले को लेकर शिकायत मिली है। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में थाने की टीम के साथ ही सीआईए की टीम को भी लगाया गया है।
- इंस्पेक्टर सवित, थाना प्रभारी, सेक्टर-27 सोनीपत
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पीएनडीटी के नोडल अधिकारी को सूचना मिली थी कि कुछ कंपनियां अवैध तरीके से एमटीपी किट ऑनलाइन बेच रही हैं। इस मामले में सिविल सर्जन ने टीम का गठन किया। इसमें पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप लठवाल व औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा को शामिल किया गया। औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा ने बिहार की कंपनी मां तारा मार्केट से एमटीपी किट मंगवाने के लिए 12 फरवरी को ऑनलाइन ऑर्डर किया था। किसी डॉक्टर की कोई पर्ची भी नहीं मांगी गई थी। यह ऑनलाइन ऑर्डर शुक्रवार को कंपनी मां तारा मार्केट से ई-कार्ट के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम के पास पहुंचा। टीम ने एमटीपी किट बरामद करने के बाद इसकी शिकायत सेक्टर-27 थाना पुलिस को दी।
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औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा ने बताया कि एमटीपी किट ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत ''''शेड्यूल एच'''' दवा है और इसे केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही बेचा जा सकता है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 2002 और रूल्स, 2003 के अनुसार, इस दवा का उपयोग स्वास्थ्य सुविधा में और सेवा प्रदाता की देखरेख में करना अनिवार्य है। एमटीपी किट चिकित्सक के पर्चे के बिना नहीं बेची जानी चाहिए। इसके उपयोग से रोगी के स्वास्थ्य और जीवन को खतरा हो सकता है।
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मामले को लेकर शिकायत मिली है। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में थाने की टीम के साथ ही सीआईए की टीम को भी लगाया गया है।
- इंस्पेक्टर सवित, थाना प्रभारी, सेक्टर-27 सोनीपत