{"_id":"67ec3d8e3fb438441a021813","slug":"a-five-member-committee-was-formed-under-the-leadership-of-the-registrar-in-the-matter-of-opium-cultivation-in-supwa-sonipat-news-c-197-1-snp1001-134622-2025-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: सुपवा में अफीम की खेती के मामले में रजिस्ट्रार के नेतृत्व में बनाई पांच सदस्यीय कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: सुपवा में अफीम की खेती के मामले में रजिस्ट्रार के नेतृत्व में बनाई पांच सदस्यीय कमेटी
Wed, 02 Apr 2025 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 02 Apr 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। रोहतक स्थित दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (डीएलसी सुपवा) में अफीम की खेती किए जाने के मामले में रजिस्ट्रार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। 26 मार्च को सामने आए इस मामले में अब तक विवि प्रबंधन और रोहतक पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। कुलपति ने कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। अभी तक मामला जांच कमेटी तक ही पहुंच सका है। पौधे लगाने वाले की पहचान नहीं हो सकी है।
विवि के कुलपति श्रीप्रकाश सिंह ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी को 14 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपनी है। लेकिन अब तक मामले में 12 मालियों और अन्य जिम्मेदारों से पूछताछ तक शुरू नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं मामले में पुलिस ने अब तक वीसी, रजिस्ट्रार या अन्य किसी अधिकारी से पूछताछ नहीं की। पुलिस व एंटी नारकोटिक्स सेल की टीमों ने विवि में अफीम के पौधे बरामद किए थे। मामले में मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन अभी तक किसी को पकड़ा नहीं जा सका है। अफीम के पौधे विवि कैंपस में कुछ स्थानों पर उगे मिले थे, लेकिन 12 में से किसी भी माली ने इनकी जिम्मेदारी नहीं ली। बताया गया है कि विवि में बाहर से बीज लेकर आने के बाद पौधे लगाए जाते हैं।
रजिस्ट्रार के नेतृत्व में बनी है कमेटी
कुलपति ने जांच के लिए डीएलसी सुपवा की रजिस्ट्रार (कुलसचिव) गुंजन मलिक की अध्यक्षता में डीन अकादमिक अफेयर्स, प्राक्टर, मुख्य सुरक्षा अधिकारी और डीएचओ प्रतिनिधि को कमेटी में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी जांच में नहीं आई तेजी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 30 मार्च को सोनीपत में हाफ मैराथन में पहुंचे थे। तब उन्होंने विवि में अफीम मिलने के मामले में जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए थे, हालांकि जांच अभी तक आगे नहीं बढ़ सकी है।
जांच कमेटी जल्द ही मालियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी और 14 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपेगी। डीएलसी सुपवा में बीज या पौधे बाहर से मंगवाए जाते हैं। -श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, डीएलसी सुपवा, रोहतक।
विज्ञापन
विवि के कुलपति श्रीप्रकाश सिंह ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी को 14 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपनी है। लेकिन अब तक मामले में 12 मालियों और अन्य जिम्मेदारों से पूछताछ तक शुरू नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं मामले में पुलिस ने अब तक वीसी, रजिस्ट्रार या अन्य किसी अधिकारी से पूछताछ नहीं की। पुलिस व एंटी नारकोटिक्स सेल की टीमों ने विवि में अफीम के पौधे बरामद किए थे। मामले में मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन अभी तक किसी को पकड़ा नहीं जा सका है। अफीम के पौधे विवि कैंपस में कुछ स्थानों पर उगे मिले थे, लेकिन 12 में से किसी भी माली ने इनकी जिम्मेदारी नहीं ली। बताया गया है कि विवि में बाहर से बीज लेकर आने के बाद पौधे लगाए जाते हैं।
विज्ञापन
रजिस्ट्रार के नेतृत्व में बनी है कमेटी
कुलपति ने जांच के लिए डीएलसी सुपवा की रजिस्ट्रार (कुलसचिव) गुंजन मलिक की अध्यक्षता में डीन अकादमिक अफेयर्स, प्राक्टर, मुख्य सुरक्षा अधिकारी और डीएचओ प्रतिनिधि को कमेटी में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी जांच में नहीं आई तेजी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 30 मार्च को सोनीपत में हाफ मैराथन में पहुंचे थे। तब उन्होंने विवि में अफीम मिलने के मामले में जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए थे, हालांकि जांच अभी तक आगे नहीं बढ़ सकी है।
जांच कमेटी जल्द ही मालियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी और 14 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपेगी। डीएलसी सुपवा में बीज या पौधे बाहर से मंगवाए जाते हैं। -श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, डीएलसी सुपवा, रोहतक।