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हरियाणा-यूपी सीमा विवाद निपटाने पहुंची टीम, नहीं हुआ कोई समाधान
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हरियाणा-यूपी सीमा विवाद निपटाने पहुंची टीम, नहीं हुआ कोई समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव मनौली के पास किसानों को सरप्लस के तहत मिली करीब दो सौ एकड़ जमीन को लेकर हरियाणा व यूपी के किसानों के बीच अनबन लगातार जारी है। वीरवार को इस जमीन की निशानदेही कराकर मनमुटाव खत्म करने के लिए दोनों प्रदेशों के अधिकारी मनौली में एकत्रित हुए। यमुना पर निशानदेही के लिए पहुंचे दोनों तरफ के अधिकारियों व किसानों ने जमीन को अपना बताया है। जिसके चलते कोई समाधान नहीं हो सका। अब शुक्रवार को फिर से समाधान निकालने की पहल की जाएगी।
विदित रहे कि कई माह पहले यूपी व हरियाणा सीमा पर मनौली के पास जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद उपजा था। मनौली टोंकी के ग्रामीणों का आरोप था कि यूपी के बागपत जिला के कुछ लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। इसको लेकर कई दिन तक मामला उलझा रहा था। इसके बाद भी जमीन को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार रही। जिसे सुलझाने के लिए वीरवार को बागपत व सोनीपत से प्रशासनिक अमला व किसान मनौली के पास एकत्रित हुए। आरोप है कि मनौली के ग्रामीणों को वर्ष 1979-84 के बीच सरप्लस के तहत करीब दो सौ एकड़ जमीन मिली थी। इस जमीन पर कब्जा को लेकर बागपत व सोनीपत के किसानों में अनबन रहती है। इस समस्या को सुलझाने के लिए वीरवार राई से गिरदावर अजीत सिंह व पटवारी राजमल अपनी टीम के साथ हरियाणा सीमा के अंतिम छौर पर बसे मनौली टोंकी गांव के पास पहुंचे थे। यहां पर यूपी से भी टीम को बुलाया गया था। यूपी की तरफ से भी पटवारी व गिरदावर आए थे। दोनों टीमों ने अपनी-अपनी जमीन की निशानदेही की। हरियाणा की तरफ से गए गिरदावर व पटवारी ने अपने सीजरे के अनुसार अपनी जमीन की पैमाइश की, लेकिन असमंजस की स्थिति उस वक्त उत्पन्न हो गई जब यूपी की तरफ से आए पटवारी ने भी अपने सीजरे में उस जमीन को बागपत की जमीन बताया, जिसे सोनीपत के पटवारी ने अपनी बताया था। जिसके काफी देर तक बहस होती रही। इस दौरान कोई निर्णय नहीं निकल सका। अब शुक्रवार को फिर से अधिकारी व अन्य कर्मी और कागजात लेकर आएंगे। साथ ही उच्च अधिकारी बैठक कर इसका निर्णय निकालेंगे।
जमीन की निशानदेही के लिए टीम मनौली टोंकी के पास गई थी। दोनों तरफ से निशानदेही कर ली गई है, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका है। अब दोनों तरफ के उच्चाधिकारियों की मीटिंग के बाद जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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अजीत सिंह, गिरदावर, राई।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव मनौली के पास किसानों को सरप्लस के तहत मिली करीब दो सौ एकड़ जमीन को लेकर हरियाणा व यूपी के किसानों के बीच अनबन लगातार जारी है। वीरवार को इस जमीन की निशानदेही कराकर मनमुटाव खत्म करने के लिए दोनों प्रदेशों के अधिकारी मनौली में एकत्रित हुए। यमुना पर निशानदेही के लिए पहुंचे दोनों तरफ के अधिकारियों व किसानों ने जमीन को अपना बताया है। जिसके चलते कोई समाधान नहीं हो सका। अब शुक्रवार को फिर से समाधान निकालने की पहल की जाएगी।
विदित रहे कि कई माह पहले यूपी व हरियाणा सीमा पर मनौली के पास जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद उपजा था। मनौली टोंकी के ग्रामीणों का आरोप था कि यूपी के बागपत जिला के कुछ लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। इसको लेकर कई दिन तक मामला उलझा रहा था। इसके बाद भी जमीन को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार रही। जिसे सुलझाने के लिए वीरवार को बागपत व सोनीपत से प्रशासनिक अमला व किसान मनौली के पास एकत्रित हुए। आरोप है कि मनौली के ग्रामीणों को वर्ष 1979-84 के बीच सरप्लस के तहत करीब दो सौ एकड़ जमीन मिली थी। इस जमीन पर कब्जा को लेकर बागपत व सोनीपत के किसानों में अनबन रहती है। इस समस्या को सुलझाने के लिए वीरवार राई से गिरदावर अजीत सिंह व पटवारी राजमल अपनी टीम के साथ हरियाणा सीमा के अंतिम छौर पर बसे मनौली टोंकी गांव के पास पहुंचे थे। यहां पर यूपी से भी टीम को बुलाया गया था। यूपी की तरफ से भी पटवारी व गिरदावर आए थे। दोनों टीमों ने अपनी-अपनी जमीन की निशानदेही की। हरियाणा की तरफ से गए गिरदावर व पटवारी ने अपने सीजरे के अनुसार अपनी जमीन की पैमाइश की, लेकिन असमंजस की स्थिति उस वक्त उत्पन्न हो गई जब यूपी की तरफ से आए पटवारी ने भी अपने सीजरे में उस जमीन को बागपत की जमीन बताया, जिसे सोनीपत के पटवारी ने अपनी बताया था। जिसके काफी देर तक बहस होती रही। इस दौरान कोई निर्णय नहीं निकल सका। अब शुक्रवार को फिर से अधिकारी व अन्य कर्मी और कागजात लेकर आएंगे। साथ ही उच्च अधिकारी बैठक कर इसका निर्णय निकालेंगे।
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जमीन की निशानदेही के लिए टीम मनौली टोंकी के पास गई थी। दोनों तरफ से निशानदेही कर ली गई है, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका है। अब दोनों तरफ के उच्चाधिकारियों की मीटिंग के बाद जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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अजीत सिंह, गिरदावर, राई।