{"_id":"5c2a6455bdec2256b262ebc3","slug":"71546282069-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाक्टरों पर पैर में पट्टी छोडने का आरोप, उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाक्टरों पर पैर में पट्टी छोडने का आरोप, उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई शिकायत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डाक्टरों पर पैर में पट्टी छोड़ने का आरोप, उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव खांडा निवासी एक युवक ने खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक पर उसके उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। युवक का आरोप है कि एक्सीडेंट के बाद उसने पैर में रॉड डलवाई थी। जिसमें इंफेक्शन होने पर वह खानपुर अस्पताल में गया था। वहां सफाई के दौरान उसके पैर में पट्टी छोड़ दी गई। युवक को इसकी जानकारी ऑपरेशन के काफी दिनों बाद सिटी स्कैन कराने पर लगी। आरोप है कि अस्पताल में बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। इस पर युवक ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई है।
गांव खांडा निवासी धीरज ने बताया कि वह वर्ष 2015 में एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। इससे उसकी पैर में रॉड डाली गई थी। इसके करीब दो साल के बाद उसे पैर में दर्द महसूस होने लगा। वह उपचार के लिए महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में में भर्ती हो गया। वर्ष 2017 में उसके पैर का उपचार किया गया। उसके पैर का दोबारा ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद वह वापस लौट आया। इसके तीन माह बाद पैर में फिर से दर्द रहने लगा। साथ ही ऑपरेशन की जगह घाव भी बन गया। जिसमें उसे धागे नजर आए। पता करने के लिए उसने सिटी स्कैन कराया, जिसमें उसके पैर में पट्टी होने का पता लगा। इस कारण उसके पैर में दर्द रहता था और घाव बन गया था। धीरज का आरोप है कि जब उसने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से संपर्क किया तो उन्होंने दोबारा ऑपरेशन कराने की सलाह दी। साथ में उक्त ऑपरेशन का रिकार्ड या पैर में पट्टी होने की रिपोर्ट देने से मना कर दिया। इसके लिए उच्च अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसकी किसी ने सुनी। अब उसने मामले में उपभोक्ता कोर्ट में याचिका दायर की है। धीरज की अधिवक्ता मोनिका मलिक ने बताया कि उपभोक्ता कोर्ट के माध्यम से दोबारा आपरेशन कराकर गलती करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में आया है। हालांकि मैंने कुछ दिन बाद ही निदेशक के पद पर ज्वाइन किया है। यह मामला मेरी ज्वाइनिंग से पहले का है। संबंधित युवक के कागजात देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। अगर कोई लापरवाही सामने आती है, तो डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डॉ. रेनू गर्ग, कार्यवाहक निदेशक, बीपीएस महिला कॉलेज, खानपुर कलां।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव खांडा निवासी एक युवक ने खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक पर उसके उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। युवक का आरोप है कि एक्सीडेंट के बाद उसने पैर में रॉड डलवाई थी। जिसमें इंफेक्शन होने पर वह खानपुर अस्पताल में गया था। वहां सफाई के दौरान उसके पैर में पट्टी छोड़ दी गई। युवक को इसकी जानकारी ऑपरेशन के काफी दिनों बाद सिटी स्कैन कराने पर लगी। आरोप है कि अस्पताल में बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। इस पर युवक ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई है।
गांव खांडा निवासी धीरज ने बताया कि वह वर्ष 2015 में एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। इससे उसकी पैर में रॉड डाली गई थी। इसके करीब दो साल के बाद उसे पैर में दर्द महसूस होने लगा। वह उपचार के लिए महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में में भर्ती हो गया। वर्ष 2017 में उसके पैर का उपचार किया गया। उसके पैर का दोबारा ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद वह वापस लौट आया। इसके तीन माह बाद पैर में फिर से दर्द रहने लगा। साथ ही ऑपरेशन की जगह घाव भी बन गया। जिसमें उसे धागे नजर आए। पता करने के लिए उसने सिटी स्कैन कराया, जिसमें उसके पैर में पट्टी होने का पता लगा। इस कारण उसके पैर में दर्द रहता था और घाव बन गया था। धीरज का आरोप है कि जब उसने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से संपर्क किया तो उन्होंने दोबारा ऑपरेशन कराने की सलाह दी। साथ में उक्त ऑपरेशन का रिकार्ड या पैर में पट्टी होने की रिपोर्ट देने से मना कर दिया। इसके लिए उच्च अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसकी किसी ने सुनी। अब उसने मामले में उपभोक्ता कोर्ट में याचिका दायर की है। धीरज की अधिवक्ता मोनिका मलिक ने बताया कि उपभोक्ता कोर्ट के माध्यम से दोबारा आपरेशन कराकर गलती करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में आया है। हालांकि मैंने कुछ दिन बाद ही निदेशक के पद पर ज्वाइन किया है। यह मामला मेरी ज्वाइनिंग से पहले का है। संबंधित युवक के कागजात देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। अगर कोई लापरवाही सामने आती है, तो डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डॉ. रेनू गर्ग, कार्यवाहक निदेशक, बीपीएस महिला कॉलेज, खानपुर कलां।