{"_id":"597f7c874f1c1b64238b458c","slug":"51501527175-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचएसआईआईडीसी मुरथल में बिजली चोरी, 50 लाख का जुर्माना, एक्सईएन पर एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचएसआईआईडीसी मुरथल में बिजली चोरी, 50 लाख का जुर्माना, एक्सईएन पर एफआईआर
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनीपत। सरकार एक ओर बिजली चोरी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलवा रही है, वहीं सरकारी विभागों में लगातार बिजली चोरी किए जाने के मामले सामने आ रहे है। बिजली निगम की टीम ने अब एसएचआईआईडीसी मुरथल में बिजली चोरी पकड़ी है, जहां तीन फेज के मीटर से एक फेज डायरेक्ट करके उससे ही ट्यूबवेल चलाया जा रहा था तो स्ट्रीट लाइट भी जलाई जा रही थी। एसएसआईआईडीसी में केवल खुद ही बिजली चोरी नहीं की जा रही थी, बल्कि बिजली चोरी करके पास में एक ढाबे पर भी कनेक्शन दिया हुआ था और वहां भी चोरी की बिजली से रोशनी हो रही थी। वहां बिजली चोरी पकड़ने के बाद एसएसआईआईडीसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है तो एक्सईएन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, क्योंकि वह कनेक्शन एक्सइएन के नाम चल रहा है।
एक्सईएन सब अर्बन मनिंदर कादियान को सूचना मिली कि एचएसआईआईडीसी मुरथल में मीटर से बिजली चोरी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर एक्सईएन मनिन्दर ने एसडीओ मुरथल संदीप सिकरी, जेई रविंद्र पंवार, प्रदीप खोखर, एएलएम नीरज को साथ लेकर एचएसआईआईडीसी के इलेक्ट्रिक रूम में छापा मारा। जहां तीन फेज का मीटर लगा हुआ था, लेकिन उस मीटर से एक फेज (रेड फेज) को डायरेक्ट चलाया जा रहा था। एचएसआईआईडीसी के कर्मियों ने उस डॉयरेक्ट फेज पर ही पूरा लोड डाला हुआ था, जिससे पानी की सप्लाई के लिए लगाया गया ट्यूबवेल चलाया जा रहा था तो स्ट्रीट लाइट भी उसी फेज से जलाई जा रही थी। एचएसआईआईडीसी खुद बिजली चोरी करने के अलावा पास में छोटा ढाबा चलाने वाले से भी चोरी करा रही थी और उसे भी उसी फेज से कनेक्शन दिया हुआ था। इस तरह बिजली निगम की टीम ने वहां बड़ी चोरी पकड़ी, जिसके बाद एचएसआईआईडीसी पर कार्रवाई शुरू की गई। बिजली निगम ने बिजली चोरी का पूरा हिसाब जोड़ने के बाद एचएसआईआईडीसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना लगाने के बाद विभाग को नोटिस भेज दिया गया है, जिससे वह जल्द से जल्द जुर्माना जमा कराए। वहीं इस चोरी के मामले में एचएसआईआईडीसी के एक्सईएन पर ऑनलाइन एफआइआर दर्ज कराई गई है, क्योंकि वहां का कनेक्शन उनके नाम से चलता है।
सरकारी विभागों में बिजली चोरी, पहले निगम पकड़ा गया
जिस तरह से बिजली निगम की टीम लगातार छापेमारी अभियान चला रही है, उसमें सबसे ज्यादा बिजली चोरी सरकारी विभागों की पकड़ में आ रही है। एक महीने पहले ही बिजली निगम के छापे में नगर निगम की चोरी पकड़ में आई थी और नगर निगम की ओर से सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट चोरी की बिजली से चलाया जा रहा था। उस मामले में निगम पर 23.5 लाख का जुर्माना लगाने के साथ ही ईओ के नाम से एफआईआर कराई गई थी। वहीं अब एचएसआईआईडीसी में बड़ी बिजली चोरी पकड़ी गई है जो 50 लाख रुपये की आंकी गई है।
विज्ञापन
50 लाख जुर्माना, आनलाइन एफआईआर दर्ज
बिजली निगम के अधिकारियों को एचएसआईआईडीसी में बिजली चोरी की जानकारी मिली थी और उसके आधार पर छापा मारा गया। जहां तीन फेज के मीटर से एक फेज डायरेक्ट मिला और उसी फेज से ट्यूबवेल व स्ट्रीट लाइट के अलावा एक छोटे ढाबे का लोड चल रहा था। इस कारण ही एचएसआईआईडीसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने के साथ ही ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई गई है।
- संदीप सिकरी, एसडीओ मुरथल सब डिवीजन
विज्ञापन
एक्सईएन सब अर्बन मनिंदर कादियान को सूचना मिली कि एचएसआईआईडीसी मुरथल में मीटर से बिजली चोरी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर एक्सईएन मनिन्दर ने एसडीओ मुरथल संदीप सिकरी, जेई रविंद्र पंवार, प्रदीप खोखर, एएलएम नीरज को साथ लेकर एचएसआईआईडीसी के इलेक्ट्रिक रूम में छापा मारा। जहां तीन फेज का मीटर लगा हुआ था, लेकिन उस मीटर से एक फेज (रेड फेज) को डायरेक्ट चलाया जा रहा था। एचएसआईआईडीसी के कर्मियों ने उस डॉयरेक्ट फेज पर ही पूरा लोड डाला हुआ था, जिससे पानी की सप्लाई के लिए लगाया गया ट्यूबवेल चलाया जा रहा था तो स्ट्रीट लाइट भी उसी फेज से जलाई जा रही थी। एचएसआईआईडीसी खुद बिजली चोरी करने के अलावा पास में छोटा ढाबा चलाने वाले से भी चोरी करा रही थी और उसे भी उसी फेज से कनेक्शन दिया हुआ था। इस तरह बिजली निगम की टीम ने वहां बड़ी चोरी पकड़ी, जिसके बाद एचएसआईआईडीसी पर कार्रवाई शुरू की गई। बिजली निगम ने बिजली चोरी का पूरा हिसाब जोड़ने के बाद एचएसआईआईडीसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना लगाने के बाद विभाग को नोटिस भेज दिया गया है, जिससे वह जल्द से जल्द जुर्माना जमा कराए। वहीं इस चोरी के मामले में एचएसआईआईडीसी के एक्सईएन पर ऑनलाइन एफआइआर दर्ज कराई गई है, क्योंकि वहां का कनेक्शन उनके नाम से चलता है।
विज्ञापन
सरकारी विभागों में बिजली चोरी, पहले निगम पकड़ा गया
जिस तरह से बिजली निगम की टीम लगातार छापेमारी अभियान चला रही है, उसमें सबसे ज्यादा बिजली चोरी सरकारी विभागों की पकड़ में आ रही है। एक महीने पहले ही बिजली निगम के छापे में नगर निगम की चोरी पकड़ में आई थी और नगर निगम की ओर से सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट चोरी की बिजली से चलाया जा रहा था। उस मामले में निगम पर 23.5 लाख का जुर्माना लगाने के साथ ही ईओ के नाम से एफआईआर कराई गई थी। वहीं अब एचएसआईआईडीसी में बड़ी बिजली चोरी पकड़ी गई है जो 50 लाख रुपये की आंकी गई है।
विज्ञापन
50 लाख जुर्माना, आनलाइन एफआईआर दर्ज
बिजली निगम के अधिकारियों को एचएसआईआईडीसी में बिजली चोरी की जानकारी मिली थी और उसके आधार पर छापा मारा गया। जहां तीन फेज के मीटर से एक फेज डायरेक्ट मिला और उसी फेज से ट्यूबवेल व स्ट्रीट लाइट के अलावा एक छोटे ढाबे का लोड चल रहा था। इस कारण ही एचएसआईआईडीसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने के साथ ही ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई गई है।
- संदीप सिकरी, एसडीओ मुरथल सब डिवीजन