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जिस एजुकेशन सिटी में सरेंडर हो रहे प्लाट, वहां प्लाट के 136 करोड़ तक मांग रहा हुडा

Mon, 24 Jul 2017 12:34 AM IST
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:34 AM IST
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जिस एजुकेशन सिटी में सरेंडर हो रहे प्लाट, वहां प्लाट के 136 करोड़ तक मांग रहा हुडा
अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत।
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में प्लाट खरीदने वाले नहीं मिल रहे हैं और पहले प्लाट लेने वाले भी उनको सरेंडर कर रहे हैं। इसके बावजूद हुडा वहां के प्लाटों को बेचने के लिए 136 करोड़ रुपये तक मांग रहा है। एजुकेशन सिटी के 10 प्लाटों को बेचने के लिए हुडा की ओर से सात से 136 करोड़ रुपये तक बेस प्राइज रखा गया है। यहां तक कि हुडा ने प्लाट बेचने के लिए लॉ यूनिवर्सिटी का काम तेजी से चलने की बात कही है, जबकि यहां काम कई माह से बंद है। सरकार से पैसा नहीं मिलने के कारण ठेकेदार व मजदूर वहां से भाग गए हैं।

पूर्व कांग्रेस सरकार में पतला, सेवली, असावरपुर, बढख़ालसा समेत अन्य कई गांवों की 2300 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। वहां जमीन का अधिग्रहण एजुकेशन सिटी के लिए किया गया था और इसके एक साल बाद ही वहां राजीव गांधी एजुकेशन सिटी विकसित करनी शुरू कर दी गई। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में शुरुआत में कई शिक्षण संस्थान शुरू करने के लिए प्लाट खरीदे गए। लेकिन हुडा ने वहां के विकास की फाइल को जिस तरह से दबा दिया, उसी तरह लोगों ने सुविधाएं नहीं होने की बात कहते हुए प्लाट सरेंडर करने शुरू कर दिए। वहां हिंदू शिक्षण संस्था, दिल्ली की संस्था समेत कई ने अपने प्लाट सरेंडर किए। वहीं, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का काम शुरुआत में तेजी से शुरू किया गया, लेकिन अब कई महीने से काम बंद है। इसके बावजूद हुडा ने नए प्लाट बेचने के लिए ऑनलाइन बोली शुरू कर दी गई है। यह बोली अगले महीने तक चलेगी। हुडा ने बोली के लिए इतना लंबा समय दिया है, लेकिन उसके बावजूद राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में कोई भी प्लाट खरीदने के लिए रुचि लेता हुआ नहीं दिख रहा है।
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100 करोड़ से ज्यादा के काम रुके
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में सरकार ने शुरूआत में काफी तेजी से काम शुरू कराया था, लेकिन अब उन कामों को अधूरा कराकर रुकवा दिया गया है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि वहां के लिए बजट नहीं दिया जा रहा है। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में फायर ब्रिगेड स्टेशन, पुलिस स्टेशन, सब स्टेशन, सीवरेज व वाटर पाइप लाइन आदि का काम रुका हुआ है। वहां काम करने वाले ठेकेदार भी कुछ समय तक अपनी जेब से रुपये खर्च कर वापस चले गए हैं।
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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का काम काफी समय से रुका हुआ है। वहां अन्य कई काम भी रुके हुए हैं। वहां प्लाट बेचने के लिए ऑनलाइन बोली लगवाई जा रही है, जिससे प्लाट बिकेंगे तो सरकार की ओर से वहां खर्च करने के लिए रुपया भी मिलेगा।
- राजकुमार, एक्सईएन हुडा

एजुकेशन सिटी में सरेंडर हो रहे प्लाट, फिर भी 136 करोड़ तक मांग रहा हुडा
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में सात से 136 करोड़ रुपये तक रखा गया 10 प्लाटों का बेस प्राइज
हुडा ने प्लाट बेचने के लिए लॉ यूनिवर्सिटी का काम भी तेजी से चलने की बात कहकर झूठ बोला
लॉ यूनिवर्सिटी का काम कई महीनों से बंद, मजदूर भी काम छोड़कर भाग गए
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