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ओपीडी पर्ची के लिए 3 काउंटर बंद, लाइन में खड़े रहते हैं मरीज
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जिला नागरिक अस्पताल में जहां व्यवस्था बेहतर होने का दावा अधिकारी करते हैं, वहीं व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है। जिला अस्पताल में ओपीडी पर्ची बनाने के लिए भले ही चार काउंटर बना रखे हैं, लेकिन उनमें से केवल एक ही काउंटर पर कर्मी होने से मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है और वहां डेढ़ घंटे तक मरीज लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। वहीं अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर से स्ट्रेचर तक गायब हैं। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है।
कोरोना काल में जिला अस्पताल में मात्र तीन घंटे सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक ओपीडी लगती है, जिसको देखते हुए ओपीडी पर्ची बनाने के लिए चार काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन वहां मंगलवार को केवल एक ही काउंटर पर कर्मी मौजूद थे। एक ही काउंटर खुलने के कारण पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन तक लग गई। अस्पताल प्रबंधन की ओर से काउंटर खुलवाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया गया, जिससे हालात यह हैं कि केवल पर्ची बनवाने के लिए मरीजों व उनके परिजनों को डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। वहीं अस्पताल में रोजाना 500 से ज्यादा मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल में आने वाले मरीज व उनके तीमारदार सोशल डिस्टेंस का पालन तक नहीं कर रहे। ऐसे में अस्पताल में दोबारा संक्रमण बढ़ने की संभावना रहती है। अधिकतर लोग मास्क तक नहीं लगा रहे। साथ ही ओपीडी में काम करने वाले कर्मचारी भी सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर से स्ट्रेचर तक गायब हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को वार्डों में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज को परिजन लेकर आते हैं तो स्ट्रेचर नहीं मिलने पर अपनी गोद में उठाकर अंदर ले जाते हैं। इसको लेकर ही अस्पताल में सोमवार को लोगों ने हंगामा भी किया था। उसके बावजूद मंगलवार को व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया।
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चिकित्सक ने दवाएं लिखीं, लेकिन अस्पताल में नहीं मिल रहीं
अस्पताल में पहले चिकित्सक ने टीबी बताकर इलाज शुरू कर दिया। टीबी ठीक होने के बाद अब मुझे सांस लेने में दिक्कत आ रही है। अस्पताल में बेटे के साथ इलाज कराने के लिए आई तो चिकित्सक ने सरकोएडोजिज का टेस्ट कराने के लिए कहा। यह टेस्ट पीजीआई रोहतक होता है। सरकोएडोजिज का टेस्ट कराने के साथ जो दवाएं लिखी हैं, वह अस्पताल में भी नहीं मिल रहीं।
- लता, निवासी फैज बाजार
ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़ा रहा
मैं अपनी बहन फरमाना को लेकर इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल में पहुंचा। ओपीडी काउंटर एक ही खुलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। डेढ़ घंटे तक ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए लाइन में खड़ा रहा। इसके बाद ओपीडी में चिकित्सक के पास जाकर इलाज मुहैया हो सका।
- मेहरबान, निवासी गांव थरिया
वर्जन
अस्पताल में काउंटर एक खुलने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल में आने वाले हर मरीज व कर्मचारियों को मास्क लगाना अनिवार्य है। सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए आरएमओ को निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही इमरजेंसी वार्ड के बाहर मरीजों के लिए स्ट्रेचर रखवाए जाएंगे।
- डॉ. जयभगवान जाटान, पीएमओ नागरिक अस्पताल
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कोरोना काल में जिला अस्पताल में मात्र तीन घंटे सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक ओपीडी लगती है, जिसको देखते हुए ओपीडी पर्ची बनाने के लिए चार काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन वहां मंगलवार को केवल एक ही काउंटर पर कर्मी मौजूद थे। एक ही काउंटर खुलने के कारण पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन तक लग गई। अस्पताल प्रबंधन की ओर से काउंटर खुलवाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया गया, जिससे हालात यह हैं कि केवल पर्ची बनवाने के लिए मरीजों व उनके परिजनों को डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। वहीं अस्पताल में रोजाना 500 से ज्यादा मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल में आने वाले मरीज व उनके तीमारदार सोशल डिस्टेंस का पालन तक नहीं कर रहे। ऐसे में अस्पताल में दोबारा संक्रमण बढ़ने की संभावना रहती है। अधिकतर लोग मास्क तक नहीं लगा रहे। साथ ही ओपीडी में काम करने वाले कर्मचारी भी सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर से स्ट्रेचर तक गायब हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को वार्डों में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज को परिजन लेकर आते हैं तो स्ट्रेचर नहीं मिलने पर अपनी गोद में उठाकर अंदर ले जाते हैं। इसको लेकर ही अस्पताल में सोमवार को लोगों ने हंगामा भी किया था। उसके बावजूद मंगलवार को व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया।
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चिकित्सक ने दवाएं लिखीं, लेकिन अस्पताल में नहीं मिल रहीं
अस्पताल में पहले चिकित्सक ने टीबी बताकर इलाज शुरू कर दिया। टीबी ठीक होने के बाद अब मुझे सांस लेने में दिक्कत आ रही है। अस्पताल में बेटे के साथ इलाज कराने के लिए आई तो चिकित्सक ने सरकोएडोजिज का टेस्ट कराने के लिए कहा। यह टेस्ट पीजीआई रोहतक होता है। सरकोएडोजिज का टेस्ट कराने के साथ जो दवाएं लिखी हैं, वह अस्पताल में भी नहीं मिल रहीं।
- लता, निवासी फैज बाजार
ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़ा रहा
मैं अपनी बहन फरमाना को लेकर इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल में पहुंचा। ओपीडी काउंटर एक ही खुलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। डेढ़ घंटे तक ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए लाइन में खड़ा रहा। इसके बाद ओपीडी में चिकित्सक के पास जाकर इलाज मुहैया हो सका।
- मेहरबान, निवासी गांव थरिया
वर्जन
अस्पताल में काउंटर एक खुलने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल में आने वाले हर मरीज व कर्मचारियों को मास्क लगाना अनिवार्य है। सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए आरएमओ को निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही इमरजेंसी वार्ड के बाहर मरीजों के लिए स्ट्रेचर रखवाए जाएंगे।
- डॉ. जयभगवान जाटान, पीएमओ नागरिक अस्पताल