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Sonipat News: 26वां बाल सलाह, परामर्श एवं कल्याण केंद्र स्थापित
Mon, 22 Dec 2025 01:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 22 Dec 2025 01:54 AM IST
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फोटो 13- सोनीपत के खरखौदा के गांव मौजमनगर फरमाना स्थित पैरामाउंट स्कूल बनाए गए बाल सलाह, परामर्
खरखौदा। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्यस्तरीय परियोजना के तहत गांव मौजमनगर फरमाना स्थित पैरामाउंट स्कूल ऑफ साइंस में प्रदेश का 197वां व जिले का 26वां बाल सलाह, परामर्श एवं कल्याण केंद्र स्थापित किया गया। केंद्र की स्थापना रोहतक मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने की।
कार्यक्रम में अभिभावकों के लिए नया व्यावहारिक साहसी दृष्टिकोण एवं प्रयास आउट ऑफ बाॅक्स पेरेंटिंग विषय पर सेमिनार का आयोजन भी किया गया। मुख्य वक्ता अनिल मलिक ने बताया कि परवरिश केवल बेहतर पालन-पोषण तक सीमित नहीं है बल्कि बच्चों को शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना भी उतना ही जरूरी है।
डिजिटल युग में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, कौशल विकास व सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा का संतुलन आवश्यक है ताकि बच्चे भविष्य में जिम्मेदार व आत्मविश्वासी नागरिक बन सकें। उन्होंने बताया कि माता-पिता स्वयं व्यावहारिक रोल मॉडल बनें, बच्चों को स्वतंत्र व मौलिक सोच के लिए प्रेरित करें।
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बच्चों के व्यवहार के पीछे के कारणों को समझते हुए दंड के बजाय धैर्य व समाधान का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। परामर्शदाता नीरज कुमार ने सुरक्षित जीवन, सही कॅरिअर व लक्ष्य चयन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्राचार्य मोनिका फोगाट, नीरज कुमार, अनिल देशवाल, संदीप गुलिया, जोगिंद्र मलिक, तेजबीर मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में अभिभावकों के लिए नया व्यावहारिक साहसी दृष्टिकोण एवं प्रयास आउट ऑफ बाॅक्स पेरेंटिंग विषय पर सेमिनार का आयोजन भी किया गया। मुख्य वक्ता अनिल मलिक ने बताया कि परवरिश केवल बेहतर पालन-पोषण तक सीमित नहीं है बल्कि बच्चों को शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना भी उतना ही जरूरी है।
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डिजिटल युग में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, कौशल विकास व सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा का संतुलन आवश्यक है ताकि बच्चे भविष्य में जिम्मेदार व आत्मविश्वासी नागरिक बन सकें। उन्होंने बताया कि माता-पिता स्वयं व्यावहारिक रोल मॉडल बनें, बच्चों को स्वतंत्र व मौलिक सोच के लिए प्रेरित करें।
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बच्चों के व्यवहार के पीछे के कारणों को समझते हुए दंड के बजाय धैर्य व समाधान का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। परामर्शदाता नीरज कुमार ने सुरक्षित जीवन, सही कॅरिअर व लक्ष्य चयन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्राचार्य मोनिका फोगाट, नीरज कुमार, अनिल देशवाल, संदीप गुलिया, जोगिंद्र मलिक, तेजबीर मौजूद रहे।