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13 की उम्र में बोन कैंसर, 1
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:02 AM IST
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अंकित चौहान
सोनीपत। हिम्मत व हौंसले के सहारे किस तरह जग जीता जा सकता है, इसका बड़ा उदाहरण सोनीपत के विशाल नगर का रहने वाला मोहित है। उसको 13 साल की उम्र में बोन कैंसर हो गया तो 18 साल की उम्र में पैर काटना पड़ा। अपनी जिंदगी में इतना कुछ होने के बाद भी मोहित ने हिम्मत नहीं हारी और वह तकलीफों से लड़ता रहा। उसने घर में हताश होकर बंद रहने की जगह जिम जाना शुरू कर दिया और वह कड़ी मेहनत करके बॉडी बिल्डर बन गया। इस बॉडी बिल्डिंग के सहारे ही उसने अपने घर में मेडल का ढ़ेर लगा दिया है। वह बॉडी बिल्डिंग की नेशनल प्रतियोगिताओं में तीन गोल्ड, दो सिल्वर, दो ब्रांज के अलावा कई ट्राफी जीत चुका है। अब मोहित की हिम्मत को देखकर हर कोई दाद देता है।
सोनीपत के विशाल नगर में रहने वाले महेंद्र सिंह रेलवे में नौकरी करते है। उनके बेटे मोहित को वर्ष 2010 में 13 साल की उम्र मढें पैर में परेशानी होने लगी तो उसकी जांच कराने पर पता चला कि उसको बोन कैंसर हो गया। उसके बोन कैंसर की शुरूआत पैर की हड्डी से हुई थी। मोहित का परिवार वालों ने रेलवे अस्पताल में इलाज शुरू करा दिया। डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि पहले इलाज करके देखा जाएगा और उससे कोई असर नहीं होता है तो जिस पैर से कैंसर शुरू हुआ है, उसे काटना पड़ेगा। क्योंकि उसे नहीं काटा जाएगा तो कैंसर पूरे शरीर में फैल सकता है। इस तरह 2015 तक मोहित का इलाज चलता रहा और कैंसर खत्म होता नहीं दिखा तो 18 साल की उम्र में उसका पैर काट दिया गया। इस तरह पैर कटने से मोहित की जिंदगी नीरस बन गई और वह घर के अंदर ही बंद होकर रहने लगा। जब मोहित ने 2016 में फिर से जिंदगी में रंग भरने का जज्बा दिखाया और वह समय बिताने के लिए घर के पास ही जिम में जाने लगा। वहां कुछ समय जाने के बाद मोहित को अच्छा लगने लगा और वह कई-कई घंटे जिम में एक्सरसाइज करने लगा। इससे उसका शरीर ढ़लता चला गया तो उसने पहली बार 2017 में सोनीपत में हुई नेशनल बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वहां उसने गोल्ड मेडल जीता तो उसका हौंसला बढ़ता चला गया। वह फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य जगहों पर नेशनल बॉडी बिल्डिंग में सात मेडल समेत कई ट्राफी जीत चुका है।
सबसे बड़ी बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में कल हिस्सा लेगा
मुंबई में हर साल सबसे बड़ी बॉल्डिंग प्रतियोगिता होती है जो बॉडी पावर के नाम से कराई जाती है। इस प्रतियोगिता में बॉलीवुड अभिनेताओं से लेकर खिलाड़ी, विदेशी खिलाड़ी सभी आते हैं। यह प्रतियोगिता शनिवार से मुंबई में शुरू हो रही है और इसमें हिस्सा लेने के लिए ही मोहित शुक्रवार को यहां से रवाना होंगे। मोहित कहते है कि किसी भी युवा को अपनी जिंदगी में कितने भी उतार-चढ़ाव आने के बाद भी हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। युवाओं को हिम्मत व हौंसला दिखाते हुए आगे बढना चाहिए और ऐसा करने पर एक दिन कामयाबी जरूर मिलती है।
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सोनीपत। हिम्मत व हौंसले के सहारे किस तरह जग जीता जा सकता है, इसका बड़ा उदाहरण सोनीपत के विशाल नगर का रहने वाला मोहित है। उसको 13 साल की उम्र में बोन कैंसर हो गया तो 18 साल की उम्र में पैर काटना पड़ा। अपनी जिंदगी में इतना कुछ होने के बाद भी मोहित ने हिम्मत नहीं हारी और वह तकलीफों से लड़ता रहा। उसने घर में हताश होकर बंद रहने की जगह जिम जाना शुरू कर दिया और वह कड़ी मेहनत करके बॉडी बिल्डर बन गया। इस बॉडी बिल्डिंग के सहारे ही उसने अपने घर में मेडल का ढ़ेर लगा दिया है। वह बॉडी बिल्डिंग की नेशनल प्रतियोगिताओं में तीन गोल्ड, दो सिल्वर, दो ब्रांज के अलावा कई ट्राफी जीत चुका है। अब मोहित की हिम्मत को देखकर हर कोई दाद देता है।
सोनीपत के विशाल नगर में रहने वाले महेंद्र सिंह रेलवे में नौकरी करते है। उनके बेटे मोहित को वर्ष 2010 में 13 साल की उम्र मढें पैर में परेशानी होने लगी तो उसकी जांच कराने पर पता चला कि उसको बोन कैंसर हो गया। उसके बोन कैंसर की शुरूआत पैर की हड्डी से हुई थी। मोहित का परिवार वालों ने रेलवे अस्पताल में इलाज शुरू करा दिया। डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि पहले इलाज करके देखा जाएगा और उससे कोई असर नहीं होता है तो जिस पैर से कैंसर शुरू हुआ है, उसे काटना पड़ेगा। क्योंकि उसे नहीं काटा जाएगा तो कैंसर पूरे शरीर में फैल सकता है। इस तरह 2015 तक मोहित का इलाज चलता रहा और कैंसर खत्म होता नहीं दिखा तो 18 साल की उम्र में उसका पैर काट दिया गया। इस तरह पैर कटने से मोहित की जिंदगी नीरस बन गई और वह घर के अंदर ही बंद होकर रहने लगा। जब मोहित ने 2016 में फिर से जिंदगी में रंग भरने का जज्बा दिखाया और वह समय बिताने के लिए घर के पास ही जिम में जाने लगा। वहां कुछ समय जाने के बाद मोहित को अच्छा लगने लगा और वह कई-कई घंटे जिम में एक्सरसाइज करने लगा। इससे उसका शरीर ढ़लता चला गया तो उसने पहली बार 2017 में सोनीपत में हुई नेशनल बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वहां उसने गोल्ड मेडल जीता तो उसका हौंसला बढ़ता चला गया। वह फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य जगहों पर नेशनल बॉडी बिल्डिंग में सात मेडल समेत कई ट्राफी जीत चुका है।
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सबसे बड़ी बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में कल हिस्सा लेगा
मुंबई में हर साल सबसे बड़ी बॉल्डिंग प्रतियोगिता होती है जो बॉडी पावर के नाम से कराई जाती है। इस प्रतियोगिता में बॉलीवुड अभिनेताओं से लेकर खिलाड़ी, विदेशी खिलाड़ी सभी आते हैं। यह प्रतियोगिता शनिवार से मुंबई में शुरू हो रही है और इसमें हिस्सा लेने के लिए ही मोहित शुक्रवार को यहां से रवाना होंगे। मोहित कहते है कि किसी भी युवा को अपनी जिंदगी में कितने भी उतार-चढ़ाव आने के बाद भी हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। युवाओं को हिम्मत व हौंसला दिखाते हुए आगे बढना चाहिए और ऐसा करने पर एक दिन कामयाबी जरूर मिलती है।
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