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शिक्षा के साथ अब खेल हब के रूप में भी मिलेगी सोनीपत को पहचान
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सोनीपत पहले ही एजुकेशन हब के रूप में उत्तर भारत में विख्यात है। अब शिक्षा के साथ यह खेल जगत में भी जाना जाएगा। सोनीपत के राई में प्रदेश सरकार ने खेल यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसके बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। इस यूनिवर्सिटी के बनने से खेलों के उत्थान के साथ ही खिलाड़ियों को भी लाभ मिल सकेगा। यहां पहले से चल रहे स्कूल को यथावत रखा जाएगा। खेल स्कूल के विद्यार्थियों को आगे भी खेल शिक्षा के लिए एक विकल्प मिलेगा।
सोनीपत में खेल विवि की मंजूरी से पहले भारतीय खेल प्राधिकरण का केंद्र भी संचालित है। यहां प्रदेश के साथ अन्य राज्यों के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। हरियाणा के खिलाड़ियों का रुतबा पूरे देश में जाना जाता है। ऐसे में खेल पर आधारित यूनिवर्सिटी बनने से खिलाड़ियों को और अधिक लाभ होगा। राई में मोतीलाल नेहरू खेलकूद वर्ष 1973 में प्रदेश सरकार द्वारा करीब 250 एकड़ में बनाया गया था। इसकी स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में खिलाड़ियों की पौध तैयार करना था। जिससे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को भेजा जा सके। लंबे समय से खेल स्कूल को खेल यूनिवर्सिटी बनाने की मांग की जा रही थी। इस पर वर्तमान सरकार में सीएम मनोहर लाल व खेल मंत्री अनिज विज ने सहमति जताते हुए घोषणा की थी। अब बुधवार को इसकी विधिवत मंजूरी दी गई है। जल्द ही यूनिवर्सिटी का पूरा प्रारूप तैयार होगा और इसमें किस तरह की शिक्षा दी जाएगी, यह भी तय होगा। इसकी पहली प्राथमिकता खेल रहेगी और इस के साथ शिक्षा का समावेश किया जाएगा।
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सोनीपत। सोनीपत पहले ही एजुकेशन हब के रूप में उत्तर भारत में विख्यात है। अब शिक्षा के साथ यह खेल जगत में भी जाना जाएगा। सोनीपत के राई में प्रदेश सरकार ने खेल यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसके बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। इस यूनिवर्सिटी के बनने से खेलों के उत्थान के साथ ही खिलाड़ियों को भी लाभ मिल सकेगा। यहां पहले से चल रहे स्कूल को यथावत रखा जाएगा। खेल स्कूल के विद्यार्थियों को आगे भी खेल शिक्षा के लिए एक विकल्प मिलेगा।
सोनीपत में खेल विवि की मंजूरी से पहले भारतीय खेल प्राधिकरण का केंद्र भी संचालित है। यहां प्रदेश के साथ अन्य राज्यों के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। हरियाणा के खिलाड़ियों का रुतबा पूरे देश में जाना जाता है। ऐसे में खेल पर आधारित यूनिवर्सिटी बनने से खिलाड़ियों को और अधिक लाभ होगा। राई में मोतीलाल नेहरू खेलकूद वर्ष 1973 में प्रदेश सरकार द्वारा करीब 250 एकड़ में बनाया गया था। इसकी स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में खिलाड़ियों की पौध तैयार करना था। जिससे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को भेजा जा सके। लंबे समय से खेल स्कूल को खेल यूनिवर्सिटी बनाने की मांग की जा रही थी। इस पर वर्तमान सरकार में सीएम मनोहर लाल व खेल मंत्री अनिज विज ने सहमति जताते हुए घोषणा की थी। अब बुधवार को इसकी विधिवत मंजूरी दी गई है। जल्द ही यूनिवर्सिटी का पूरा प्रारूप तैयार होगा और इसमें किस तरह की शिक्षा दी जाएगी, यह भी तय होगा। इसकी पहली प्राथमिकता खेल रहेगी और इस के साथ शिक्षा का समावेश किया जाएगा।
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