फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   साक्षी के कोच पर फिर बढ़ा विवाद, विज ने कहा पांच कोच बता रही, अब किसे दे इनाम

साक्षी के कोच पर फिर बढ़ा विवाद, विज ने कहा पांच कोच बता रही, अब किसे दे इनाम

Sat, 21 Oct 2017 02:34 AM IST
Updated Sat, 21 Oct 2017 02:34 AM IST
विज्ञापन
साक्षी के कोच पर फिर बढ़ा विवाद, विज ने कहा पांच कोच बता रही, अब किसे दे इनाम
अंकित चौहान
विज्ञापन

सोनीपत।
रियो ओलंपिक में पहला मेडल दिलाकर देश का खाता खोलने वाली साक्षी मलिक के कोच को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया है। साक्षी के कोच होने के पांच दावे सरकार के पास आ चुके हैं और सरकार के लिए यह तय करना टेढ़ी खीर हो गया है कि साक्षी का कोच किसे माना जाए। क्योंकि खेल मंत्री अनिल विज कहते हैं कि इन सभी पांच कोच के लिए साक्षी मलिक ने खुद शपथ पत्र दिया है। इसलिए सरकार इन सभी के कागजात की जांच करा रही है कि किस कोच से कोचिंग लेकर साक्षी ने मेडल जीता है। इस तरह कोच का यह विवाद लंबा खिंचता दिख रहा है, जिससे साक्षी के कोच को मिलने वाली इनामी राशि का मामला भी अटक गया है।
साक्षी मलिक के रियो ओलंपिक में मेडल जीतकर वापस लौटने पर अगस्त 2016 में बहादुरगढ़ में प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह रखा गया था। जहां खुद सीएम खट्टर के अलावा प्रदेश सरकार के कई मंत्री शामिल हुए थे। वहां सीएम खट्टर ने अपने हाथों से साक्षी को ढाई करोड़ रुपये का डमी चेक सौंपा था तो कोच कुलदीप मलिक व मनदीप सिंह को भी दस-दस लाख रुपये के डमी चैक दिए गए थे।
विज्ञापन

इनमें से कुलदीप मलिक ओलंपिक में साक्षी के चीफ कोच रहे है तो मनदीप सिंह उसको छोटूराम स्टेडियम में कुश्ती के गुर सिखाते हैं। उसके बाद साक्षी मलिक के कोच होने के कई दावे सरकार के पास आए, जिनमें से एक ईश्वर सिंह दहिया है जिन्होंने साक्षी को स्टेडियम में सबसे पहले कुश्ती के दांवपेच सिखाए। झज्जर के डीएसओ रहे राजबीर सिंह ने भी साक्षी के कोच होने का दावा ठोक दिया था कि जब वह 2009 में छोटूराम स्टेडियम में कुश्ती कोच थे, तब साक्षी ने चार साल तक उनसे कुश्ती के गुर सीखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बीच ही साक्षी के गांव के रहने वाले एक कोच ने भी दावा कर दिया कि वह शुरूआत में साक्षी का कोच रहा है। इतने दावे आने के बाद सरकार ने साफ कर दिया था कि साक्षी मलिक जिस कोच के लिए अपना शपथ पत्र देगी, उसे उसका कोच माना जाएगा। पहले साक्षी ने मनदीप व ईश्वर सिंह दहिया के लिए शपथ पत्र दिया था और उसके बाद कुलदीप के लिए शपथ पत्र दिया गया। सरकार इन तीन कोच में से तय करने में लगी थी कि साक्षी का कोच किसे माना जाए और उसे जल्द ही इनामी राशि 10 लाख रुपये दिए जाए। लेकिन खेलमंत्री अनिल विज की माने तो यह विवाद कम होने की जगह बढ़ गया है। अनिल विज ने कहा कि साक्षी ने खुद ही इन सभी पांच कोच के लिए शपथ पत्र दिया है कि उन्होंने उसे कुश्ती सिखाई है। अब ऐसे में सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि किसे कोच माना जाए, क्योंकि सरकार किसी एक को 10 लाख रुपये का इनाम देगी। खेलमंत्री ने कहा कि इसका जल्द ही कोई हल निकाला जाएगा और साक्षी का कोच तय करके उसे इनामी राशि दी जाएगी। इसमें अभी कुछ समय जरूर लग सकता है।
साक्षी नहीं करना चाहती एमडीयू में नौकरी
ओलंपिक में मेडल जीतकर आने पर साक्षी मलिक को सरकार ने एमडीयू में खेल विभाग में नौकरी देने की बात कही थी, जिसके लिए यूनिवर्सिटी में पद भी सृजित किया गया। खेलमंत्री बोले कि साक्षी मलिक के लिए सरकार ने अपना हर वादा पूरा किया है और उसको नौकरी देने के लिए पद भी सृजित किया गया। इसके बावजूद वह अपने प्रदेश में नौकरी नहीं करना चाहती है। यहां साक्षी नौकरी क्यों नहीं करना चाहती है, यह खुद साक्षी ही बता सकती है।


वर्जन
ओलंपिक मेडल जीतकर आने के बाद जब साक्षी मलिक को इनाम दिया गया था, उसके कोच को भी उसी समय इनाम दिया जा रहा था। लेकिन उसके किस कोच को इनाम दिया जाए, उस समय यह तय नहीं हो पाया। जब सरकार इनाम देना चाहती है, तभी साक्षी की ओर से कोच के लिए शपथ पत्र आ जाता है। वह खुद पांच कोच के लिए शपथ पत्र दे चुकी है, जबकि सरकार को केवल एक कोच को इनाम देना है। इसमें सरकार की जांच प्रक्रिया चल रही है, उम्मीद है कि जल्द कोच तय करके इनाम दिया जाएगा।
अनिल विज, खेलमंत्री, हरियाणा सरकार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed