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भाजपा नेता की कार लुटने से दहशत में आए कांग्रेस विधायक ने फिर लिए दो सुरक्षा कर्मी
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:43 PM IST
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जिले में जिस तरह से आए दिन लूट व गोली मारने की घटनाएं हो रही हैं, उससे विधायक भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। बढ़ते अपराध से दहशत में आए राई से कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया ने फिर से पुलिस सुरक्षा ले ली है। उनके राई हल्के के गांव कमासपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल मोहन बड़ौली के पेट्रोल पंप से दिनदहाड़े उनकी कार लूटी गई तो उसकी दहशत विधायक के अंदर भी दिखाई दी। इसे आधार बनाते हुए कांग्रेस विधायक ने दोबारा सुरक्षा मांगी और उन्हें अब दो सुरक्षाकर्मी मिल गए हैं। वीआईपी कल्चर खत्म करने के आदेश के तहत तीन माह पूर्व जयतीर्थ दहिया ने सुरक्षा कर्मी लौटाए थे। लेकिन अब उन्हें अब अपनी जान खतरे में दिख रही है।
जिले में कुछ दिन पहले तक आए दिन लूट, गोली मारने व हत्या की घटनाएं हो रही थी। पेट्रोल पंप पर दिनदहाड़े लूट हो रही थी तो पॉश इलाकों में लोगों को गोलियां मारी जा रही थीं। इस बीच ही एक महीने पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल मोहन लाल बड़ौली के पेट्रोल पंप पर दिनदहाड़े गन प्वाइंट पर कार लूट ली गई थी। वह पेट्रोल पंप राई हल्के के कमासपुर गांव में पड़ता है जो कांग्रेस के विधायक जयतीर्थ दहिया का हल्का है। इस तरह लगातार आपराधिक घटनाएं होती देख विधायक जयतीर्थ दहिया भी दहशत में आ गए और उन्होंने सुरक्षा कर्मी लेने मन बनाया। क्योंकि पीएम मोदी के वीआईपी कल्चर खत्म करने के आदेश पर जयतीर्थ दहिया ने तीन माह पूर्व अपने सुरक्षा कर्मी लौटा दिए थे।
लेकिन बढ़ते अपराध से उन्हें अब गलती का अहसास हुआ। बता दें कि जयतीर्थ दहिया के कई चुनावी पिटीशन के अलावा भी कई मामले चल रहे हैं। वह पेशे से वकील रह चुके हैं। इन सभी बातों को देखते हुए विधायक को अपनी जान को खतरा लगा और उन्होंने सुरक्षा कर्मी वापस मांग लिए। विधायक को सुरक्षा के लिए जिला पुलिस की ओर से दो पुलिसकर्मी मिल गए हैं।
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जिस तरह से जिले में लगातार लूट और हत्या जैसी अपराधिक घटनाएं हो रही हैं, उसे देख मुझे भी दहशत होने लगी थी। यहां तक कि भाजपा नेता भी सुरक्षित नहीं रहे और उनके यहां भी दिनदहाड़े लूट हो गई। ऐसे में कौन खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। इन सभी को देखते हुए मुझे दोबारा सुरक्षा कर्मी लेने पड़े।
जयतीर्थ दहिया, विधायक राई
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जिले में जिस तरह से आए दिन लूट व गोली मारने की घटनाएं हो रही हैं, उससे विधायक भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। बढ़ते अपराध से दहशत में आए राई से कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया ने फिर से पुलिस सुरक्षा ले ली है। उनके राई हल्के के गांव कमासपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल मोहन बड़ौली के पेट्रोल पंप से दिनदहाड़े उनकी कार लूटी गई तो उसकी दहशत विधायक के अंदर भी दिखाई दी। इसे आधार बनाते हुए कांग्रेस विधायक ने दोबारा सुरक्षा मांगी और उन्हें अब दो सुरक्षाकर्मी मिल गए हैं। वीआईपी कल्चर खत्म करने के आदेश के तहत तीन माह पूर्व जयतीर्थ दहिया ने सुरक्षा कर्मी लौटाए थे। लेकिन अब उन्हें अब अपनी जान खतरे में दिख रही है।
जिले में कुछ दिन पहले तक आए दिन लूट, गोली मारने व हत्या की घटनाएं हो रही थी। पेट्रोल पंप पर दिनदहाड़े लूट हो रही थी तो पॉश इलाकों में लोगों को गोलियां मारी जा रही थीं। इस बीच ही एक महीने पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल मोहन लाल बड़ौली के पेट्रोल पंप पर दिनदहाड़े गन प्वाइंट पर कार लूट ली गई थी। वह पेट्रोल पंप राई हल्के के कमासपुर गांव में पड़ता है जो कांग्रेस के विधायक जयतीर्थ दहिया का हल्का है। इस तरह लगातार आपराधिक घटनाएं होती देख विधायक जयतीर्थ दहिया भी दहशत में आ गए और उन्होंने सुरक्षा कर्मी लेने मन बनाया। क्योंकि पीएम मोदी के वीआईपी कल्चर खत्म करने के आदेश पर जयतीर्थ दहिया ने तीन माह पूर्व अपने सुरक्षा कर्मी लौटा दिए थे।
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लेकिन बढ़ते अपराध से उन्हें अब गलती का अहसास हुआ। बता दें कि जयतीर्थ दहिया के कई चुनावी पिटीशन के अलावा भी कई मामले चल रहे हैं। वह पेशे से वकील रह चुके हैं। इन सभी बातों को देखते हुए विधायक को अपनी जान को खतरा लगा और उन्होंने सुरक्षा कर्मी वापस मांग लिए। विधायक को सुरक्षा के लिए जिला पुलिस की ओर से दो पुलिसकर्मी मिल गए हैं।
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जिस तरह से जिले में लगातार लूट और हत्या जैसी अपराधिक घटनाएं हो रही हैं, उसे देख मुझे भी दहशत होने लगी थी। यहां तक कि भाजपा नेता भी सुरक्षित नहीं रहे और उनके यहां भी दिनदहाड़े लूट हो गई। ऐसे में कौन खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। इन सभी को देखते हुए मुझे दोबारा सुरक्षा कर्मी लेने पड़े।
जयतीर्थ दहिया, विधायक राई