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वार्ड ब्वॉय की हत्या के विरोध में बिफरे अस्पताल कर्मी, हड़ताल रख जताया रोष

Sat, 03 Jun 2017 07:23 PM IST
Updated Sat, 03 Jun 2017 07:23 PM IST
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वार्ड ब्वॉय की हत्या के विरोध में बिफरे अस्पताल कर्मी, हड़ताल रख जताया रोष
वार्ड ब्वॉय की हत्या के विरोध में बिफरे अस्पताल कर्मी, हड़ताल रख जताया रोष
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
सामान्य अस्पताल के गेट पर वार्ड ब्वॉय की हत्या के विरोध में शनिवार को अस्पताल कर्मी बिफर गए। उन्होंने सुबह हड़ताल कर धरना शुरू कर दिया। करीब ढाई घंटे तक चली हड़ताल के दौरान ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद रहीं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों के न तो ओपीडी कार्ड बन पाए और न ही चिकित्सक अपने ओपीडी रूम में दिखे। हड़ताल की सूचना पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव जैन, डीएसपी राहुल देव व थाना सिविल लाइन प्रभारी अनिरुद्ध पहुंचे। साथ ही सीएमओ डॉ. जेएस पूनिया, पीएमओ डॉ. सीपी अरोड़ा, उप सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर भी थे। राजीव जैन ने कर्मियों की मांगों को जल्द पूरा करवाने का आश्वासन दिया। इस पर करीब ढाई घंटे बाद कर्मी काम पर लौटने को तैयार हुए। साथ ही कर्मियों ने अल्टीमेटम दिया कि तीन दिन में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे।
परिजनों को मुआवजे का आश्वासन
बता दें कि तेजधार हथियार से वार कर अस्पताल में वार्ड ब्वॉय आशीष की शुक्रवार को हत्या कर दी गई थी। हत्या के विरोध में और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल कर्मचारियों ने शनिवार सुबह हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान हरियाणा महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कमलेश पांचाल, हरियाणा कर्मचारी महासंघ से राजेंद्र राठी, एमपीएचडब्ल्यू स्टेट यूनियन की महासचिव कृष्णा राठी, आप नेता विमल किशोर सहित अन्य भी मौजूद रहे। बाद में मौके पर पहुंचे भाजपा नेता राजीव जैन ने आश्वासन दिया कि आशीष के परिजनों को मुआवजा राशि अवश्य दिलवाएंगे। साथ ही उनकी पत्नी को सिविल अस्पताल में डीसी रेट पर नौकरी दिलाई जाएगी और सरकारी नौकरी के लिए डिमांड की जाएगी। उनके साथ पहुंचे डीएसपी राहुल देव ने कहा कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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ये रखी कर्मियों ने मांग
-मामले में सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
-आशीष के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
-आशीष की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।
उपचार के लिए करना पड़ा इंतजार
अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कई मरीज तो बगैर इलाज कराए ही लौट गए। कुछ मरीज अस्पताल में ही बैठे नजर आए। उनके चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। हालांकि उन्होंने वार्ड ब्वाय की हत्या के चलते हो रहे विरोध प्रदर्शन पर कुछ बोलने से मना कर दिया।
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अस्पताल में पहले भी होती रही वारदात
सामान्य अस्पताल में कर्मी की हत्या का मामला कोई नई बात नहीं है। इससे पहले ही रेडियोग्राफर सुनील को हमलावरों ने गोली मार दी थी। उन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बचाया जा सका था। कुछ माह पहले एक चिकित्सक को भी धमकी दी गई थी। इतना ही नहीं एक महिला चिकित्सक से भी दुर्व्यवहार हो चुका है।
सुरक्षा की भी उठी मांग
सिविल अस्पताल में सुरक्षा की मांग को लेकर भी कर्मियों ने आवाज उठाई। उनका कहना था कि यहां पर लगातार कोई न कोई वारदात होती रहती है। उसके बावजूद यहां पुलिस चौकी तक स्थापित नहीं हो सकी है, जिससे चिकित्सकों व कर्मियों को हर समय अनहोनी का अंदेशा लगा रहता है।

वर्जन
सुबह कुछ समय के लिए अस्पताल कर्मी हड़ताल पर चले गए थे। उनसे बातचीत के बाद उन्हें शांत कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन वार्ड ब्वॉय की मदद के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्हें किसी तरह की परेशानी होने दी जाएगी।
-डॉ. जसवंत पूनिया, सीएमओ।
फोटो :07 : सामान्य अस्पताल में हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत करते भाजपा नेता राजीव जैन
फोटो : 08 : अस्पताल में कर्मियों की हड़ताल के चलते ओपीडी का गेट बंद होने पर बाहर इंतजार करते मरीज।
फोटो 09- हड़ताल के दौरान बंद पड़ी ओपीडी के खुलने के इंतजार में बैठे मरीज
फोटो : 10 : अस्पताल में हड़ताल के दौरान चिकित्सकों के आने का इंतजार में बैठे दंपति व अन्य मरीज।
फोटो : 11 : सामान्य अस्पताल में हड़ताल के दौरान ओपीडी में खाली पड़े चिकित्सकों के कमरे।
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