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जेल भेजे गए 151 में 147 किसान-युवा आए बाहर, धरना स्थलों पर पहुंचे
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सोनीपत। किसान आंदोलन लंबा होने के साथ ही सरकार से बातचीत का जहां रास्ता नहीं खुल रहा है, वहीं इस बीच किसानों को एक बड़ी राहत मिली है। दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान बवाल होने के बाद अभी तक 151 किसानों व युवाओं को पुलिस ने जेल भेजा था, जिनमें से 147 बाहर आ चुके हैं। वह जेल से बाहर आकर धरनास्थलों पर दोबारा पहुंच रहे हैं और अब केवल चार किसानों की जमानत बाकी है। इसके साथ ही किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि दिल्ली पुलिस किसी को पकड़ने जाती है तो उसका घेराव करके वापस भेज देना है।
संयुक्त किसान मोर्चा की लीगल कमेटी के संयोजक प्रेम सिंह भंगू का कहना है कि ट्रैक्टर परेड के बाद से किसानों को लगातार नोटिस भेजे जा रहे थे। पुलिस के नोटिस को उसके सामने ही कई किसानों ने रद्दी की टोकरी में फेंक दिया था। उन्होंने कहा कि नोटिस से डरना नहीं है और किसी के सामने पेश नहीं होना है। पुलिस किसी को गिरफ्तार करने आती है तो उनसे पहले वारंट व एफआईआर के बारे में पूछताछ करनी है। उनके पास कोई जवाब नहीं होगा और उन पुलिस टीमों का घेराव करके वापस भेज देना है।
भंगू ने बताया कि जितने भी जेल से बाहर आ रहे हैं, उनका धरनास्थल पर दोबारा पहुंचने पर सम्मान किया जा रहा है। उनके अनुसार मोर्चा जितना मजबूत होगा, उतना ही सरकार पर दबाव बनेगा और उसे बातचीत का रास्ता भी खोलना पड़ेगा। पंजाब में भाजपा के विरोध के बाद हरियाणा में ऐसा हालात है कि भाजपा व जजपा वाले किसी भी जगह नहीं जा सकते और उनका हर जगह विरोध हो रहा है। उन्होंने किसानों से कहा कि फसलों की कटाई में एक-दूसरे का सहयोग करके आंदोलन को कमजोर नहीं होने देना है। किसान नेता राजिंदर सिंह दीपसिंहवाला ने कहा कि सभी किसानों की इस सप्ताह के अंदर जमानत होने की उम्मीद है और उसके बाद एक भी किसान जेल के अंदर नहीं रहेगा।
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संयुक्त किसान मोर्चा की लीगल कमेटी के संयोजक प्रेम सिंह भंगू का कहना है कि ट्रैक्टर परेड के बाद से किसानों को लगातार नोटिस भेजे जा रहे थे। पुलिस के नोटिस को उसके सामने ही कई किसानों ने रद्दी की टोकरी में फेंक दिया था। उन्होंने कहा कि नोटिस से डरना नहीं है और किसी के सामने पेश नहीं होना है। पुलिस किसी को गिरफ्तार करने आती है तो उनसे पहले वारंट व एफआईआर के बारे में पूछताछ करनी है। उनके पास कोई जवाब नहीं होगा और उन पुलिस टीमों का घेराव करके वापस भेज देना है।
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भंगू ने बताया कि जितने भी जेल से बाहर आ रहे हैं, उनका धरनास्थल पर दोबारा पहुंचने पर सम्मान किया जा रहा है। उनके अनुसार मोर्चा जितना मजबूत होगा, उतना ही सरकार पर दबाव बनेगा और उसे बातचीत का रास्ता भी खोलना पड़ेगा। पंजाब में भाजपा के विरोध के बाद हरियाणा में ऐसा हालात है कि भाजपा व जजपा वाले किसी भी जगह नहीं जा सकते और उनका हर जगह विरोध हो रहा है। उन्होंने किसानों से कहा कि फसलों की कटाई में एक-दूसरे का सहयोग करके आंदोलन को कमजोर नहीं होने देना है। किसान नेता राजिंदर सिंह दीपसिंहवाला ने कहा कि सभी किसानों की इस सप्ताह के अंदर जमानत होने की उम्मीद है और उसके बाद एक भी किसान जेल के अंदर नहीं रहेगा।
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