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खेल में राजनीति करना गलत, खिलाडियों को वोट बैंक की तरह ना करें इस्तेमाल : कुलदीप मलिक
Updated Thu, 15 Nov 2018 01:26 AM IST
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कहीं से खेले हरियाणा मूल का हर खिलाड़ी सम्मान का हकदार: मलिक
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। भारतीय महिला कुश्ती टीम के चीफ कोच मेजर ध्यानचंद अवार्डी कुलदीप मलिक खेल में राजनीति हावी होने से काफी आहत दिखे। कहा कि सरकारें खिलाड़ियों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना चाहती हैं। इससे उनके प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह तरीका भी गलत है कि वही हरियाणा का खिलाड़ी माना जाएगा, जो प्रदेश की तरफ से हिस्सा लेगा। जो लोग सर्विसिज या रेलवे से खेलते हैं वह भी तो देश के लिए ही खेल रहे हैं। अगर वह मूलरूप से हरियाणा के निवासी हैं तो प्रदेश को उन पर गर्व करते हुए सम्मान देना चाहिए। इसमें शर्त लगाना बेहद गलत है। उन्होंने सम्मान राशि को लेकर कहा कि इसे लेकर भी राजनीति हो रही है।
कुलदीप मलिक प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता के सफल आयोजन के बाद धन्यवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि साक्षी मलिक के ओलंपिक में पदक जीतने के बाद सरकार ने घोषणा की थी कि उनके कोच को भी दस लाख रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा। पहले तो कोच को लेकर ही विवाद पैदा किया गया और जब साक्षी ने शपथपत्र देकर कुलदीप मलिक को अपना कोच मान लिया, तो अब सरकार सम्मान को लेकर देरी कर रही है। इतना ही नहीं इस राशि को अब कम कर छह लाख रुपये कर दिया है। मलिक ने कहा कि खेल विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका ने उनको बताया कि अब नई नीति के तहत उन्हें छह लाख रुपये दिए जाएंगे। यह सम्मान 26 जनवरी को दिए जाने की बात कही गई है। मलिक ने कहा कि सम्मान देना, नहीं देना सरकार का काम है, लेकिन इसकी आड़ में खिलाड़ियों को अपमानित नहीं करना चाहिए। उन्होंने माना कि खेल में राजनीति हावी हो रही है। कुलदीप मलिक ने कहा कि कई खेल तो ऐसे हैं, जिनके अभ्यास के लिए प्रदेश में संसाधन ही नहीं हैं। ऐसे में वह खिलाड़ी बाहर अभ्यास करते हैं और कई बार उन्हीं राज्यों से मैदान में उतरने पर भी मजबूर होते हैं। उन्हें हरियाणा का नहीं मानना गलत है। उन्होंने कहा कि खेल नीति में कई तरह के झोल हैं, इसे खिलाड़ियों के अनुरूप तैयार करना चाहिए। खिलाड़ी छोटा हो या बड़ा उसका सम्मान और हौसला बढ़ाना सरकार का काम है।
उन्होंने कुश्ती प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए कुश्ती संघ तथा पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और बताया कि चार बार प्रतियोगिता का आयोजन सोनीपत जिला कर चुका है। जिसमें प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के पहलवानों ने शिरकत की। इसमें ओवरऑल ट्राफी सोनीपत के हिस्से आई है। इस दौरान अशोक खत्री, महताब खत्री, जगबीर मलिक, शमशेर मलिक मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। भारतीय महिला कुश्ती टीम के चीफ कोच मेजर ध्यानचंद अवार्डी कुलदीप मलिक खेल में राजनीति हावी होने से काफी आहत दिखे। कहा कि सरकारें खिलाड़ियों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना चाहती हैं। इससे उनके प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह तरीका भी गलत है कि वही हरियाणा का खिलाड़ी माना जाएगा, जो प्रदेश की तरफ से हिस्सा लेगा। जो लोग सर्विसिज या रेलवे से खेलते हैं वह भी तो देश के लिए ही खेल रहे हैं। अगर वह मूलरूप से हरियाणा के निवासी हैं तो प्रदेश को उन पर गर्व करते हुए सम्मान देना चाहिए। इसमें शर्त लगाना बेहद गलत है। उन्होंने सम्मान राशि को लेकर कहा कि इसे लेकर भी राजनीति हो रही है।
कुलदीप मलिक प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता के सफल आयोजन के बाद धन्यवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि साक्षी मलिक के ओलंपिक में पदक जीतने के बाद सरकार ने घोषणा की थी कि उनके कोच को भी दस लाख रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा। पहले तो कोच को लेकर ही विवाद पैदा किया गया और जब साक्षी ने शपथपत्र देकर कुलदीप मलिक को अपना कोच मान लिया, तो अब सरकार सम्मान को लेकर देरी कर रही है। इतना ही नहीं इस राशि को अब कम कर छह लाख रुपये कर दिया है। मलिक ने कहा कि खेल विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका ने उनको बताया कि अब नई नीति के तहत उन्हें छह लाख रुपये दिए जाएंगे। यह सम्मान 26 जनवरी को दिए जाने की बात कही गई है। मलिक ने कहा कि सम्मान देना, नहीं देना सरकार का काम है, लेकिन इसकी आड़ में खिलाड़ियों को अपमानित नहीं करना चाहिए। उन्होंने माना कि खेल में राजनीति हावी हो रही है। कुलदीप मलिक ने कहा कि कई खेल तो ऐसे हैं, जिनके अभ्यास के लिए प्रदेश में संसाधन ही नहीं हैं। ऐसे में वह खिलाड़ी बाहर अभ्यास करते हैं और कई बार उन्हीं राज्यों से मैदान में उतरने पर भी मजबूर होते हैं। उन्हें हरियाणा का नहीं मानना गलत है। उन्होंने कहा कि खेल नीति में कई तरह के झोल हैं, इसे खिलाड़ियों के अनुरूप तैयार करना चाहिए। खिलाड़ी छोटा हो या बड़ा उसका सम्मान और हौसला बढ़ाना सरकार का काम है।
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उन्होंने कुश्ती प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए कुश्ती संघ तथा पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और बताया कि चार बार प्रतियोगिता का आयोजन सोनीपत जिला कर चुका है। जिसमें प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के पहलवानों ने शिरकत की। इसमें ओवरऑल ट्राफी सोनीपत के हिस्से आई है। इस दौरान अशोक खत्री, महताब खत्री, जगबीर मलिक, शमशेर मलिक मौजूद रहे।
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