{"_id":"5a5126e34f1c1bf61b8b71f8","slug":"141515267811-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशुपालन योजना के नाम पर बड़ा घोटाला: कागजों में खुली डेयरी, नौकरी वाले ले गए सब्सिडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशुपालन योजना के नाम पर बड़ा घोटाला: कागजों में खुली डेयरी, नौकरी वाले ले गए सब्सिडी
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंकित चौहान
सोनीपत। गरीब और बेरोजगार परिवारों को रोजगार देने के लिए डेयरी खुलवाने की योजना में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। योजना का फायदा गरीब परिवारों को देने के बजाय अधिकारियों और उनके चहेतों को दे दिया गया। गाय और भैंस की डेयरी खुलवाने के नाम पर घोटाला कर दिया गया। नियमों के खिलाफ जाकर कई सरकारी कर्मियों को और उनके परिवार वालों को इस योजना का लाभ दिया गया। यही नहीं कुछ को तो आवेदन करने से पहले ही रुपया दे दिया गया। मामले का खुलासा होने पर जब खुद पशुपालन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने जांच की तो कई जगह केवल कागजों में डेयरियां खुलवाकर लाखों रुपये का घोटाला सामने आया।
पशुपालन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पीके महापात्रा के पास सोनीपत से घोटाले की शिकायत पहुंची तो वह खुद जांच करने पहुंच गए। उन्होंने इस मामले की जांच कराई, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ। गन्नौर के एक परिवार को आवेदन करने से पांच महीने पहले ही 75 हजार रुपये की सब्सिडी पहुंचा दी गई। मुरथल के एक परिवार में दो भाइयों को सब्सिडी दे दी गई। गोहाना और सोनीपत तहसील के 12 परिवार ऐसे मिले, जिनको कई बार योजना का फायदा देकर सब्सिडी जारी कर दी गई। सोनीपत और गोहाना तहसील के कई परिवारों को 75 हजार से एक लाख 5 हजार रुपये तक सब्सिडी जारी कर दी गई, लेकिन वहां कोई डेयरी ही नहीं चल रही है। वहीं कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनके परिवार के लोग सरकारी कर्मचारी भी हैं। यह केवल चंद उदाहरण हैं, बल्कि ऐसे काफी मामले रिपोर्ट में आए है।
कई जिलों घोटाला, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी कर रहे जांच
सोनीपत में घोटाला सामने आने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में जांच शुरू करा दी गई है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी का कहना है कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में डेयरी खुलवाने के नाम पर घोटाला किया गया है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पीके महापात्रा ने कहा कि इसमें जल्द ही बड़ा खुलासा होगा, जो दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
नियमों के खिलाफ जाकर दिया योजना का लाभ
सरकार ने गरीबों व जरूरतमंद लोगों को रोजगार करने के लिए डेयरी खोलने की स्कीम शुरू की हुई है। इस स्कीम के तहत 3, 5, 10, 20, 25 गाय और भैंस की डेयरी खोली जा सकती है। इसमें गाय की डेयरी पर सरकार से 50 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है तो भैंस की डेयरी पर सामान्य जाति के लिए 25 प्रतिशत और अन्य के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी है। जबकि बाकी रुपया बैंक से लोन दिलाया जाता है। इसका लाभ भी वह उठा सकते हैं, जिनके घर से कोई प्राइवेट या सरकारी नौकरी पर नहीं होना चाहिए। वहीं दोबारा जब तक लाभ नहीं लिया जा सकता है, जब तक पहला लोन नहीं चुकाया जाता है।
रिपोर्ट तैयार, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
मैने डेयरी के लिए सब्सिडी जारी करने के मामले की जांच कराई थी, जिसमें काफी गड़बड़ी मिली है। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और इसमें दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह अन्य जिलों में गड़बड़ी तो नहीं हुई है, इसकी भी जांच कराई जा रही है। विभाग में कोई भी गलत काम नहीं होने दिया जाएगा।
-पीके महापात्रा, एडिशन चीफ सेक्रेटरी, पशुपालन विभाग
विज्ञापन
सोनीपत। गरीब और बेरोजगार परिवारों को रोजगार देने के लिए डेयरी खुलवाने की योजना में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। योजना का फायदा गरीब परिवारों को देने के बजाय अधिकारियों और उनके चहेतों को दे दिया गया। गाय और भैंस की डेयरी खुलवाने के नाम पर घोटाला कर दिया गया। नियमों के खिलाफ जाकर कई सरकारी कर्मियों को और उनके परिवार वालों को इस योजना का लाभ दिया गया। यही नहीं कुछ को तो आवेदन करने से पहले ही रुपया दे दिया गया। मामले का खुलासा होने पर जब खुद पशुपालन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने जांच की तो कई जगह केवल कागजों में डेयरियां खुलवाकर लाखों रुपये का घोटाला सामने आया।
पशुपालन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पीके महापात्रा के पास सोनीपत से घोटाले की शिकायत पहुंची तो वह खुद जांच करने पहुंच गए। उन्होंने इस मामले की जांच कराई, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ। गन्नौर के एक परिवार को आवेदन करने से पांच महीने पहले ही 75 हजार रुपये की सब्सिडी पहुंचा दी गई। मुरथल के एक परिवार में दो भाइयों को सब्सिडी दे दी गई। गोहाना और सोनीपत तहसील के 12 परिवार ऐसे मिले, जिनको कई बार योजना का फायदा देकर सब्सिडी जारी कर दी गई। सोनीपत और गोहाना तहसील के कई परिवारों को 75 हजार से एक लाख 5 हजार रुपये तक सब्सिडी जारी कर दी गई, लेकिन वहां कोई डेयरी ही नहीं चल रही है। वहीं कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनके परिवार के लोग सरकारी कर्मचारी भी हैं। यह केवल चंद उदाहरण हैं, बल्कि ऐसे काफी मामले रिपोर्ट में आए है।
विज्ञापन
कई जिलों घोटाला, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी कर रहे जांच
सोनीपत में घोटाला सामने आने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में जांच शुरू करा दी गई है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी का कहना है कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में डेयरी खुलवाने के नाम पर घोटाला किया गया है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पीके महापात्रा ने कहा कि इसमें जल्द ही बड़ा खुलासा होगा, जो दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
नियमों के खिलाफ जाकर दिया योजना का लाभ
सरकार ने गरीबों व जरूरतमंद लोगों को रोजगार करने के लिए डेयरी खोलने की स्कीम शुरू की हुई है। इस स्कीम के तहत 3, 5, 10, 20, 25 गाय और भैंस की डेयरी खोली जा सकती है। इसमें गाय की डेयरी पर सरकार से 50 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है तो भैंस की डेयरी पर सामान्य जाति के लिए 25 प्रतिशत और अन्य के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी है। जबकि बाकी रुपया बैंक से लोन दिलाया जाता है। इसका लाभ भी वह उठा सकते हैं, जिनके घर से कोई प्राइवेट या सरकारी नौकरी पर नहीं होना चाहिए। वहीं दोबारा जब तक लाभ नहीं लिया जा सकता है, जब तक पहला लोन नहीं चुकाया जाता है।
रिपोर्ट तैयार, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
मैने डेयरी के लिए सब्सिडी जारी करने के मामले की जांच कराई थी, जिसमें काफी गड़बड़ी मिली है। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और इसमें दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह अन्य जिलों में गड़बड़ी तो नहीं हुई है, इसकी भी जांच कराई जा रही है। विभाग में कोई भी गलत काम नहीं होने दिया जाएगा।
-पीके महापात्रा, एडिशन चीफ सेक्रेटरी, पशुपालन विभाग