{"_id":"59da5cdf4f1c1b9e678b4c36","slug":"141507482847-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिप के फर्नीचर खरीद में मेरी कोई भूमिका नहीं: नरवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिप के फर्नीचर खरीद में मेरी कोई भूमिका नहीं: नरवाल
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिप के फर्नीचर खरीद में मेरी कोई भूमिका नहीं: नरवाल
-जिला परिषद चेयरपर्सन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया निराधार
अमर उजाला ब्यूरो।
गोहाना। जिला परिषद की चेयरपर्सन मीना नरवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए वाइस चेयरमैन बिजेंद्र मलिक समेत कई पार्षदों ने डीसी को शिकायत सौंपी तो चेयरपर्सन को आगे आकर सफाई देनी पड़ी। चेयरपर्सन मीना नरवाल ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप निराधार हैं और जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, उसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है। फर्नीचर की खरीद कमेटी द्वारा की गई है और उस कमेटी से उनका कोई मतलब नहीं है।
जिला परिषद चेयरपर्सन मीना नरवाल ने रविवार को सिंचाई विश्राम गृह में पत्रकारों के सामने सफाई देते हुए कहा कि उन पर फर्नीचर खरीद मामले में घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह आरोप लगाने वाले पार्षदों के पास कोई सबूत है तो वह सामने लेकर आए। वह हर बात का जवाब देने के लिए तैयार हैं। परिषद के सीईओ और डिप्टी सीईओ के साथ ही एक अन्य अधिकारी की कमेटी ने तीन लाख रुपये का फर्नीचर खरीदा है। जिसके लिए उनको किसी भी चैक पर हस्ताक्षर करने का अधिकार तक नहीं होता। मीना नरवाल ने कहा कि पंचायती राज के निदेशक द्वारा पूरे प्रदेश के जिला परिषदों के चेयरमैनों के लिए मकान अलॉट करने के आदेश दिए गए है और उसके तहत ही उनका मकान मिला हुआ है। इसके लिए भी केवल 3 हजार रुपये मिलते है, जबकि बाकी रुपया उनके पास से जाता है। ग्रांट राशि एक समान न वितरित किए जाने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि जिन पार्षदों ने जिस कार्य के लिए एस्टीमेट बनाकर दिए थे, उसी के हिसाब से राशि जारी कर दी गई। उनके साथ पार्षद नंद किशोर, कविता, अशोक मलिक, अमरजीत चहल, रेखा, अनिल, संजय खानपुर, आशा रानी मौजूद रहे।
विज्ञापन
-जिला परिषद चेयरपर्सन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया निराधार
अमर उजाला ब्यूरो।
गोहाना। जिला परिषद की चेयरपर्सन मीना नरवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए वाइस चेयरमैन बिजेंद्र मलिक समेत कई पार्षदों ने डीसी को शिकायत सौंपी तो चेयरपर्सन को आगे आकर सफाई देनी पड़ी। चेयरपर्सन मीना नरवाल ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप निराधार हैं और जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, उसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है। फर्नीचर की खरीद कमेटी द्वारा की गई है और उस कमेटी से उनका कोई मतलब नहीं है।
जिला परिषद चेयरपर्सन मीना नरवाल ने रविवार को सिंचाई विश्राम गृह में पत्रकारों के सामने सफाई देते हुए कहा कि उन पर फर्नीचर खरीद मामले में घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह आरोप लगाने वाले पार्षदों के पास कोई सबूत है तो वह सामने लेकर आए। वह हर बात का जवाब देने के लिए तैयार हैं। परिषद के सीईओ और डिप्टी सीईओ के साथ ही एक अन्य अधिकारी की कमेटी ने तीन लाख रुपये का फर्नीचर खरीदा है। जिसके लिए उनको किसी भी चैक पर हस्ताक्षर करने का अधिकार तक नहीं होता। मीना नरवाल ने कहा कि पंचायती राज के निदेशक द्वारा पूरे प्रदेश के जिला परिषदों के चेयरमैनों के लिए मकान अलॉट करने के आदेश दिए गए है और उसके तहत ही उनका मकान मिला हुआ है। इसके लिए भी केवल 3 हजार रुपये मिलते है, जबकि बाकी रुपया उनके पास से जाता है। ग्रांट राशि एक समान न वितरित किए जाने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि जिन पार्षदों ने जिस कार्य के लिए एस्टीमेट बनाकर दिए थे, उसी के हिसाब से राशि जारी कर दी गई। उनके साथ पार्षद नंद किशोर, कविता, अशोक मलिक, अमरजीत चहल, रेखा, अनिल, संजय खानपुर, आशा रानी मौजूद रहे।
विज्ञापन