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प्राचार्य पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर हड़ताल पर गए आईटीआई के छात्र
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के छात्रों ने प्राचार्य पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। छात्रों ने शहर में जुलूस निकाला और डीसी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने डीसी की गैर मौजूदगी में तहसीलदार को तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों का आरोप था कि प्राचार्य उनसे गाली-गलौच तक करता है।
बुधवार सुबह आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में पढने वाले छात्रों ने जमकर बवाल काटा। विद्यार्थियों ने प्राचार्य गाली-गलौज व प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए संस्थान का गेट बंद कर दिया। वह प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। यहां पर तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के नाम तहसीलदार हितेंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपकर प्राचार्य का तबादला करने की मांग की। इस दौरान कई छात्र संगठनों ने आंदोलनरत विद्यार्थियों का सहयोग किया।
ज्ञापन में यह लगाई गुहार
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने बताया कि आईटीआई का प्राचार्य जगमेंद्र उनके साथ न केवल गाली-गलौज करते हैं, बल्कि अभिभावकों को बुलाकर उनके साथ भी दुर्व्यवहार करते हैं। इसके अलावा मानसिक व शारीरिक रूप से छात्रों को प्रताड़ित किया जाता है। कई बार छात्रों के फोन भी छीन लिए गए। अब तंग आकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
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कई छात्र संगठन समर्थन में आए
आईटीआई के छात्रों को समर्थन देने के लिए कई छात्र संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। इनेलो की युवा विंग के संयुक्त सचिव संदीप मलिक ने छात्रों की ओर से तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र भी भेजा। इसके अलावा छात्र एकता मंच के पवन, कृष्ण, विजय, मोहित, दीपक, सचिन, अजमेर, अंकित ने विद्यार्थियों के पक्ष में नारेबाजी की।
प्राचार्य ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
आईटीआई के प्राचार्य जगमेंद्र ने बताया कि उन्होंने किसी भी छात्र के साथ गाली-गलौज नहीं की, बल्कि उनका सहयोग किया है। वह अनुशासन पसंद व्यक्ति है और विद्यार्थियों व स्टाफ से भी अनुशासन की अपेक्षा रखते हैं। इस मामले में थोड़ी सख्ती की है, तो काम से दूर भागने वाले कुछ स्टाफ सदस्यों ने ही विद्यार्थियों को भड़का दिया। छात्रों व स्टाफ से सहयोग की उम्मीद करते हैं।
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सोनीपत। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के छात्रों ने प्राचार्य पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। छात्रों ने शहर में जुलूस निकाला और डीसी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने डीसी की गैर मौजूदगी में तहसीलदार को तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों का आरोप था कि प्राचार्य उनसे गाली-गलौच तक करता है।
बुधवार सुबह आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में पढने वाले छात्रों ने जमकर बवाल काटा। विद्यार्थियों ने प्राचार्य गाली-गलौज व प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए संस्थान का गेट बंद कर दिया। वह प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। यहां पर तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के नाम तहसीलदार हितेंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपकर प्राचार्य का तबादला करने की मांग की। इस दौरान कई छात्र संगठनों ने आंदोलनरत विद्यार्थियों का सहयोग किया।
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ज्ञापन में यह लगाई गुहार
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने बताया कि आईटीआई का प्राचार्य जगमेंद्र उनके साथ न केवल गाली-गलौज करते हैं, बल्कि अभिभावकों को बुलाकर उनके साथ भी दुर्व्यवहार करते हैं। इसके अलावा मानसिक व शारीरिक रूप से छात्रों को प्रताड़ित किया जाता है। कई बार छात्रों के फोन भी छीन लिए गए। अब तंग आकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
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कई छात्र संगठन समर्थन में आए
आईटीआई के छात्रों को समर्थन देने के लिए कई छात्र संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। इनेलो की युवा विंग के संयुक्त सचिव संदीप मलिक ने छात्रों की ओर से तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र भी भेजा। इसके अलावा छात्र एकता मंच के पवन, कृष्ण, विजय, मोहित, दीपक, सचिन, अजमेर, अंकित ने विद्यार्थियों के पक्ष में नारेबाजी की।
प्राचार्य ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
आईटीआई के प्राचार्य जगमेंद्र ने बताया कि उन्होंने किसी भी छात्र के साथ गाली-गलौज नहीं की, बल्कि उनका सहयोग किया है। वह अनुशासन पसंद व्यक्ति है और विद्यार्थियों व स्टाफ से भी अनुशासन की अपेक्षा रखते हैं। इस मामले में थोड़ी सख्ती की है, तो काम से दूर भागने वाले कुछ स्टाफ सदस्यों ने ही विद्यार्थियों को भड़का दिया। छात्रों व स्टाफ से सहयोग की उम्मीद करते हैं।