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काकोरी कांड के शहीदों को किया याद
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काकोरी कांड के शहीदों को किया याद
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। विधायक जगबीर सिंह मलिक ने कहा कि काकोरी कांड के क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां व राम प्रसाद बिस्मिल हिंदू व मुस्लिम एकता के अनुपम मिशाल थे। वह बुधवार को अंजुमल नुरूल अंसार कमेटी की ओर से ईदगाह बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में शहीदी दिवस पर क्रांतिकारियों को नमन कर रहे थे।
विधायक जगबीर सिंह मलिक ने बताया कि अशफाक उल्ला खां को फैजाबाद जेल व राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई थी। दोनों ने देेश की आजादी के लिए अंग्रेजी हुकुमत को चुनौती दी थी। जिसके बाद क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां व राम प्रसाद बिस्मिल को गिरफ्तार कर लिया गया व मुकदमा चलाने के बाद फांसी दे दी गई। इस दौरान अध्यक्ष दिलबाग खां, आजाद सिंह दांगी, मौलाना मौमीन, शकुर अहमद, साजिद खां, भरत सिंह, आजाद सिंह मलिक, कर्मवीर पांचाल आदि लोग उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। विधायक जगबीर सिंह मलिक ने कहा कि काकोरी कांड के क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां व राम प्रसाद बिस्मिल हिंदू व मुस्लिम एकता के अनुपम मिशाल थे। वह बुधवार को अंजुमल नुरूल अंसार कमेटी की ओर से ईदगाह बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में शहीदी दिवस पर क्रांतिकारियों को नमन कर रहे थे।
विधायक जगबीर सिंह मलिक ने बताया कि अशफाक उल्ला खां को फैजाबाद जेल व राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई थी। दोनों ने देेश की आजादी के लिए अंग्रेजी हुकुमत को चुनौती दी थी। जिसके बाद क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां व राम प्रसाद बिस्मिल को गिरफ्तार कर लिया गया व मुकदमा चलाने के बाद फांसी दे दी गई। इस दौरान अध्यक्ष दिलबाग खां, आजाद सिंह दांगी, मौलाना मौमीन, शकुर अहमद, साजिद खां, भरत सिंह, आजाद सिंह मलिक, कर्मवीर पांचाल आदि लोग उपस्थित रहे।
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