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अभी नहीं हटेगा सोनीपत का टोल, सरकार ने एनएचएआई को पत्र लिख की खानापूर्ति
Updated Wed, 27 Dec 2017 02:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। हाईवे पर गांव भिगान के पास लगाया गया टोल प्लाजा अभी नहीं हटाया जाएगा। अगर अधिकारियों की मानें तो अब यह टोल यहां से हट पाना संभव नहीं है। करीब एक माह पहले टोल हटाओ संघर्ष समिति की ओर से लिखे गए पत्र के जवाब में सरकार ने महज खानापूर्ति करते हुए इसे आगे एनएचएआई को भेज दिया है। केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय की तरफ से टोल हटाने से संबंधित पत्र को एनएचएआई के अध्यक्ष के पास भेजा गया है। वहीं, एनएचएआई के अधिकारियों ने फिलहाल किसी तरह का पत्र प्राप्त होने से साफ इंकार किया है। अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें पत्र प्राप्त होगा, तो वह जवाब लिख भेज देंगे। जबकि सांसद ने भी दावा किया था कि 15 दिन में टोल हट जाएगा। सीएम ने भी इसे कुछ समय के लिए स्थगित करने की बात कही थी। हालांकि अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
विदित रहे कि 21 अक्तूबर को हाईवे पर भिगान गांव के पास टोल प्लाजा शुरू कर दिया गया था। टोल शुरू होने के साथ ही इसे हटवाने के दावे भी किए जाने लगे थे। सांसद रमेश कौशिक के बाद सीएम मनोहर लाल ने टोल से राहत दिलाने की बात कही थी, लेकिन कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई। ऐसे में टोल हटाओ संघर्ष समिति सहित कई संगठनों ने टोल को हटवाने के लिए अभियान छेड़ा। इस अभियान को भी गति नहीं मिली, क्योंकि समय मांगे जाने के डेढ़ माह बाद तक भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मिलने का समय तक नहीं दिया है।
मंत्रालय से आए पत्र में आगे भेजने की बात आई सामने
इस मुद्दे पर पिछले महीने समिति व गीता भवन चौक मार्केट की तरफ से भेजे गए एक पत्र का जवाब जरूर आया है। टोल के कारण जाम व 70 किलोमीटर के दायरे में तीन टोल प्लाजा होने के कारण भिगान टोल को गैर जरूरी बताते हुए शहरवासियों ने टोल हटवाने की मांग मंत्री नितिन गडकरी से की थी। इसके जवाब में मंत्रालय से जवाब आया है कि टोल हटाने से संबंधित पत्र को एनएचएआई के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। टोल को हटाने या स्थगित करने का काम मंत्रालय का था और मंत्रालय को इसमें निर्देश देने चाहिए थे। मंत्री के निजी सचिव वैभव डांगे ने पत्र का जवाब डीसी के साथ-साथ गीता भवन रेलवे रोड मार्केट के प्रधान जतिन डेम्बला को भेजा है। जतिन डेम्बला ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि अगर टोल हटाने को इस तरह कार्रवाई होती रही तो बड़े आंदोलन की नीवं रखनी पड़ेगी।
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पत्र आगे भेजने से नहीं होगा समाधान
टोल हटाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी सतपाल अहलावत का कहना है कि संघर्ष समिति ने पत्र लिखकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने का समय मांगा था, लेकिन समय अभी तक नहीं मिला है। पत्राचार से फिलहाल संपर्क जारी है। टोल प्लाजा हटाने के लिए समिति का संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल, समय मिलने का इंतजार है। मंत्री से मिलकर यहां की समस्या को ठोस तरीके से उनके सामने रखा जाएगा। लेकिन जिस तरह से पत्र आगे भेजने की बात है, इससे समाधान नहीं होगा, विभाग को निर्देश देने होंगे।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से फिलहाल कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। जब पत्र मिलेगा तो उसका जवाब लिखकर भेज देंगे। भिगान टोल हटाने की बात है तो यह टोल हटने की निकट भविष्य में कोई संभावना नहीं है।
- एके जैन, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
सोनीपत। हाईवे पर गांव भिगान के पास लगाया गया टोल प्लाजा अभी नहीं हटाया जाएगा। अगर अधिकारियों की मानें तो अब यह टोल यहां से हट पाना संभव नहीं है। करीब एक माह पहले टोल हटाओ संघर्ष समिति की ओर से लिखे गए पत्र के जवाब में सरकार ने महज खानापूर्ति करते हुए इसे आगे एनएचएआई को भेज दिया है। केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय की तरफ से टोल हटाने से संबंधित पत्र को एनएचएआई के अध्यक्ष के पास भेजा गया है। वहीं, एनएचएआई के अधिकारियों ने फिलहाल किसी तरह का पत्र प्राप्त होने से साफ इंकार किया है। अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें पत्र प्राप्त होगा, तो वह जवाब लिख भेज देंगे। जबकि सांसद ने भी दावा किया था कि 15 दिन में टोल हट जाएगा। सीएम ने भी इसे कुछ समय के लिए स्थगित करने की बात कही थी। हालांकि अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
विदित रहे कि 21 अक्तूबर को हाईवे पर भिगान गांव के पास टोल प्लाजा शुरू कर दिया गया था। टोल शुरू होने के साथ ही इसे हटवाने के दावे भी किए जाने लगे थे। सांसद रमेश कौशिक के बाद सीएम मनोहर लाल ने टोल से राहत दिलाने की बात कही थी, लेकिन कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई। ऐसे में टोल हटाओ संघर्ष समिति सहित कई संगठनों ने टोल को हटवाने के लिए अभियान छेड़ा। इस अभियान को भी गति नहीं मिली, क्योंकि समय मांगे जाने के डेढ़ माह बाद तक भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मिलने का समय तक नहीं दिया है।
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मंत्रालय से आए पत्र में आगे भेजने की बात आई सामने
इस मुद्दे पर पिछले महीने समिति व गीता भवन चौक मार्केट की तरफ से भेजे गए एक पत्र का जवाब जरूर आया है। टोल के कारण जाम व 70 किलोमीटर के दायरे में तीन टोल प्लाजा होने के कारण भिगान टोल को गैर जरूरी बताते हुए शहरवासियों ने टोल हटवाने की मांग मंत्री नितिन गडकरी से की थी। इसके जवाब में मंत्रालय से जवाब आया है कि टोल हटाने से संबंधित पत्र को एनएचएआई के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। टोल को हटाने या स्थगित करने का काम मंत्रालय का था और मंत्रालय को इसमें निर्देश देने चाहिए थे। मंत्री के निजी सचिव वैभव डांगे ने पत्र का जवाब डीसी के साथ-साथ गीता भवन रेलवे रोड मार्केट के प्रधान जतिन डेम्बला को भेजा है। जतिन डेम्बला ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि अगर टोल हटाने को इस तरह कार्रवाई होती रही तो बड़े आंदोलन की नीवं रखनी पड़ेगी।
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पत्र आगे भेजने से नहीं होगा समाधान
टोल हटाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी सतपाल अहलावत का कहना है कि संघर्ष समिति ने पत्र लिखकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने का समय मांगा था, लेकिन समय अभी तक नहीं मिला है। पत्राचार से फिलहाल संपर्क जारी है। टोल प्लाजा हटाने के लिए समिति का संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल, समय मिलने का इंतजार है। मंत्री से मिलकर यहां की समस्या को ठोस तरीके से उनके सामने रखा जाएगा। लेकिन जिस तरह से पत्र आगे भेजने की बात है, इससे समाधान नहीं होगा, विभाग को निर्देश देने होंगे।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से फिलहाल कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। जब पत्र मिलेगा तो उसका जवाब लिखकर भेज देंगे। भिगान टोल हटाने की बात है तो यह टोल हटने की निकट भविष्य में कोई संभावना नहीं है।
- एके जैन, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।