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झूठी निकली 10 लाख रुपये लूटने की वारदात, फैक्टरी कर्मी ने रुपये ऐंठने का रचा था ड्रामा, गिरफ्तार

Mon, 15 Jul 2019 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2019 12:57 AM IST
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10 lakh loot
गांव होलंबी कलां के पास फैक्टरी कर्मी से हुई 10 लाख रुपये की लूट का मामला झूठा निकला। कर्मी ने ही नकदी हड़पने के लिए ड्रामा रचा था। पुलिस ने कर्मी और उसके साथी को गिरफ्तार कर मामले से पर्दा उठा दिया। साथ ही 10 लाख रुपये की रकम भी बरामद कर ली। षड्यंत्र के पीछे प्रेमिका से शादी के लिए रकम का इंतजाम करना बताया है। पुलिस उपायुक्त ने मामले को सुलझाने वाली नरेला औद्योगिक थाना क्षेत्र पुलिस को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया 11 जुलाई को नरेला औद्योगिक इलाके में कारखाना चलाने वाले आशीष गर्ग ने अपने कर्मी गगनदीप को करोल बाग से दस लाख रुपये की रकम लाने के भेजा था। उस दिन देर रात गगनदीप ने नरेला औद्योगिक थाना पुलिस को बताया था कि करोलबाग से वापसी के समय जब वह अपनी बाइक से होलंबी गांव के पास से गुजर रहा था तब पल्सर बाइक सवार दो युवकों ने उससे पैसों से भरा बैग छीन लिया। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। उपायुक्त ने बताया कि जांच के लिए एसीपी गिरीश कौशिक के निर्देशन में थाना प्रभारी अरविंद की टीम बनाई गई। जिसमें एसआई मनोज, हवलदार महेश तथा संदीप और सिपाही विनोद शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता के बयान विरोधाभासी लगे। गहन जांच के दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता ने बीडनपुरा से किसी राह चलते व्यक्ति से फोन लेकर आशीष गर्ग को फोन करके अपने साथ लूट होने की बात कही थी। साथ ही उसने यह भी बताया था कि जब उसने बदमाशों का पीछा किया तभी उसकी बाइक खराब हो गई। पुलिस ने इस बयान की सत्यता जांचने के लिए बाइक मैकेनिक से संपर्क किया तो उसने बताया कि बाइक में इग्निशन का तार ढीला था। ऐसा तभी होता है जब तार को जान-बूझकर खींचा जाए। मैकेनिक के इस बयान के बाद जांच दल का गगनदीप पर शक और भी गहरा गया। पुलिस जांच में यह भी पता लगा कि गगनदीप के पिता बीमार रहते हैं इस वजह से घर में पैसे की तंगी है। साथ ही यह भी पता चला कि गगनदीप किसी लड़की से प्यार करता है और 20 जुलाई का उससे शादी रचाने जा रहा है। इसके लिए पैसे की आवश्यकता थी। उसे यह भी पता था कि आशीष गर्ग ने अपना कारोबार पानीपत शिफ्ट कर लिया था और पैसे लाने की यह आखिरी डील थी। इन सभी बातों को लेकर उसने लूट का षड्यंत्र बना डाला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके साथी विवेक राघव को भी काबू कर लिया। पुलिस ने लूटी गई रकम भी बरामद कर ली है।
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