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धड़ल्ले से चल रहे गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल
amarujala/Sirsa
Updated Wed, 26 Apr 2017 11:53 PM IST
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शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार कोई भी प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के नहीं चल सकता लेकिन प्रदेश में ऐसे दो हजार से अधिक स्कूल हैं जिनके पास मान्यता नहीं हैं और वे धड़ल्ले से चल रहे हैं। इन पर तालाबंदी की कार्रवाई हो सकती है। इस बार ये स्कूल बंद होंगे या जारी रहेंगे इस संशय में अभिभावक परेशान हैं क्योंकि वे अपने बच्चों का दाखिला ऐसे स्कूल में करवाना चाहते हैं जहां पर किसी प्रकार की दिक्कत न आए। काफी अभिभावक ऐसे स्कूलों में अज्ञानता के कारण दाखिले करवा रहे हैं जिन्हें आने वाले दिनों में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। जिले में 265 मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल हैं जबकि नौ एडिड स्कूल हैं।
गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग सकता है क्योंकि अब सरकार एक्शन मूड में दिखाई दे रही है। प्रदेश में करीब ढाई हजार स्कूलों पर तालाबंदी की तलवार लटक रही है। ऐसे स्कूलों के संचालक निजी स्वार्थ के लिए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से जरा भी परहेज नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि वे अभिभावकों को यह कहकर गुमराह कर रहे हैं कि उनका स्कूल मान्यता प्राप्त है। यदि सरकार ने एक्शन ले लिया और स्कूलों पर ताला लटक गया तो बच्चे कहां जाएंगे और उनके उस समय तक के किए गए खर्च का नुकसान कैसे पूरा होगा? शिक्षा निदेशालय ने ऐसे प्राइवेट स्कूलों की सूची मांगी है जो बिना मान्यता के चल रहे हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने खंडों में ऐसे स्कूलों की सूची बनाकर निदेशालय में भेज दी है। अब फैसला निदेशालय को करना है। यदि स्कूलों में तालाबंदी के निर्देश हुए तो हजारों बच्चों को दूसरे स्कूलों में जाकर पुन: दाखिला लेना होगा और उनका पहले जो खर्च हुआ है उसका नुकसान भी होगा।
दरअसल काफी अरसे से ऐसे स्कूल चल रहे हैं जो निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं उतरते, इसलिए उनकी मान्यता के लिए आवेदन भी नहीं किया जा सकता। हालांकि सरकार ने मान्यता के लिए जो मापदंड निर्धारित किए हैं उनमें ऐसे स्कूलों को कुछ राहत भी दी है जो नियम बनने से पहले से चल रहे हैं पर फिर भी जिले में 41 स्कूल ऐसे हैं जो मान्यता के लिए पात्र नहीं हैं। इसके अलावा नियम बनने के बाद जो स्कूल खुले हैं उनमें भी कोई न कोई कमी है इसलिए वे मान्यता के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। अब तक सरकार ऐसे स्कूलों को एक वर्ष की छूट देती आई है ताकि बच्चों का भविष्य दांव पर न लगे परंतु इस बार भी ऐसे स्कूलों में धड़ल्ले से दाखिले किए गए हैं जबकि सरकार दाखिलों से पूर्व ही एक्शन मूड में दिख रही थी।
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क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधिकारी
देखो क्या होता है गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरकार एक वर्ष की छूट देती है या फिर बंद करने के निर्देश देती है। अभी तक इस बारे में कोई निर्देश हमारे पास आए नहीं हैं। जो निर्देश आएंगे उसी के अनुसार कार्रवाई करेंगे। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची निदेशालय में भेज दी गई है।
-डॉ. यज्ञदत्त वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
इस प्रकार है गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का विवरण
खंड का नाम स्कूलों की संख्या
डबवाली 02
ऐलनाबाद 10
नाथूसरी चोपटा 03
ओढां 06
रानियां 05
सिरसा 15
कुल 41
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गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग सकता है क्योंकि अब सरकार एक्शन मूड में दिखाई दे रही है। प्रदेश में करीब ढाई हजार स्कूलों पर तालाबंदी की तलवार लटक रही है। ऐसे स्कूलों के संचालक निजी स्वार्थ के लिए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से जरा भी परहेज नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि वे अभिभावकों को यह कहकर गुमराह कर रहे हैं कि उनका स्कूल मान्यता प्राप्त है। यदि सरकार ने एक्शन ले लिया और स्कूलों पर ताला लटक गया तो बच्चे कहां जाएंगे और उनके उस समय तक के किए गए खर्च का नुकसान कैसे पूरा होगा? शिक्षा निदेशालय ने ऐसे प्राइवेट स्कूलों की सूची मांगी है जो बिना मान्यता के चल रहे हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने खंडों में ऐसे स्कूलों की सूची बनाकर निदेशालय में भेज दी है। अब फैसला निदेशालय को करना है। यदि स्कूलों में तालाबंदी के निर्देश हुए तो हजारों बच्चों को दूसरे स्कूलों में जाकर पुन: दाखिला लेना होगा और उनका पहले जो खर्च हुआ है उसका नुकसान भी होगा।
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दरअसल काफी अरसे से ऐसे स्कूल चल रहे हैं जो निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं उतरते, इसलिए उनकी मान्यता के लिए आवेदन भी नहीं किया जा सकता। हालांकि सरकार ने मान्यता के लिए जो मापदंड निर्धारित किए हैं उनमें ऐसे स्कूलों को कुछ राहत भी दी है जो नियम बनने से पहले से चल रहे हैं पर फिर भी जिले में 41 स्कूल ऐसे हैं जो मान्यता के लिए पात्र नहीं हैं। इसके अलावा नियम बनने के बाद जो स्कूल खुले हैं उनमें भी कोई न कोई कमी है इसलिए वे मान्यता के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। अब तक सरकार ऐसे स्कूलों को एक वर्ष की छूट देती आई है ताकि बच्चों का भविष्य दांव पर न लगे परंतु इस बार भी ऐसे स्कूलों में धड़ल्ले से दाखिले किए गए हैं जबकि सरकार दाखिलों से पूर्व ही एक्शन मूड में दिख रही थी।
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क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधिकारी
देखो क्या होता है गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरकार एक वर्ष की छूट देती है या फिर बंद करने के निर्देश देती है। अभी तक इस बारे में कोई निर्देश हमारे पास आए नहीं हैं। जो निर्देश आएंगे उसी के अनुसार कार्रवाई करेंगे। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची निदेशालय में भेज दी गई है।
-डॉ. यज्ञदत्त वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
इस प्रकार है गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का विवरण
खंड का नाम स्कूलों की संख्या
डबवाली 02
ऐलनाबाद 10
नाथूसरी चोपटा 03
ओढां 06
रानियां 05
सिरसा 15
कुल 41