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Haryana: सिरसा पहुंचे राकेश टिकैत, बोले- जब मौसम ठंडा होगा तो एक बार फिर गर्म होगा किसान आंदोलन

Tue, 04 Jul 2023 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) Updated Tue, 04 Jul 2023 12:54 AM IST
सार

बीमा क्लेम और मुआवजे की मांग पूरी न होने पर किसानों ने तहसील कार्यालय नाथूसरी चोपटा पर तालाबंदी का फैसला लिया। एलान किया कि जब तक खरीफ-2022 का बीमा क्लेम उनके खातों में नहीं आएगा, तब तक तहसील का ताला नहीं खोला जाएगा।

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When the weather cools down, the farmer's movement will once again heat up: Rakesh Tikait
किसान नेता राकेश टिकैत के साथ बातचीत करते अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के सिरसा के चोपटा क्षेत्र में राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की कई मांगों को लेकर एक बार पुनः आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब मौसम ठंडा होगा तो आंदोलन गर्म होगा। बीमा क्लेम व मुआवजे की मांग को लेकर पिछले 2 महीने से चल रहे किसान आंदोलन में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंचे।
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यहां पर किसानों ने महापंचायत की। इसमें नाथूसरी चोपटा तहसील कार्यालय पर तालाबंदी का फैसला लिया गया। किसानों ने एलान किया कि जब तक खरीफ-2022 का बीमा क्लेम उनके खातों में नहीं आएगा, तब तक तहसील का ताला नहीं खोला जाएगा।

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नाथूसरी चोपटा तहसील कार्यालय में चल रहे बीमा क्लेम व मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का धरना दो महीने से जारी है। सोमवार को किसानों ने महापंचायत की। इसमें क्षेत्र के किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर रैली स्थल पर पहुंचे और सरकार को जमकर कोसा।

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महापंचायत में राकेश टिकैत खुद ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे। इस दौरान मंच पर अमन बैनीवाल, भरत सिंह झाझड़ा, नरेंद्र पाल, सरपंच संतोष बैनीवाल, रीटा कासनिया, सुमित बैनीवाल, दीवान सहारण सहित कई किसानों ने पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।


राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने बीमा कंपनियों को जो लाइसेंस दिए हैं, वह किसानों को बीमा क्लेम देने के लिए नहीं है बल्कि कंपनियों के मालिकों के घर भरने के लिए दिए हैं। सरकार एमएसपी का नाम लेकर किसानों को ठग रही है। उन्होंने सरकार से मांग की थी कि किसान के खेत को एक इकाई माना जाए। जिस भी किसान के खेत में अगर एक एकड़ में भी नुकसान है तो उसका भी मुआवजा दिया जाए।


किसान सरकार का काम रोक देंगे : मान
किसान नेता रत्न मान ने कहा कि अगर सरकार किसानों का काम रोकेगी तो किसान सरकार का काम रोक देंगे। युवा प्रदेश अध्यक्ष किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि किसान खरीफ 2022 की फसल खराबे के बीमा क्लेम की मांग को लेकर दो महीने से बैठे हैं। यह 750 करोड़ रुपये का मामला है। 750 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों से निकलवाने की किसान लड़ाई लड़ रहे हैं। सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष बैनीवाल व सरपंच रीटा कासनियां ने कहा कि किसानों की लड़ाई में हर कदम पर उनके साथ रहेंगे।

तालाबंदी करने का लिया निर्णय
किसान नेताओं स्थानीय प्रशासन को आधे घंटे का समय दिया कि अगर अधिकारी उनकी समस्या का समाधान करते हैं तो ठीक है, नहीं तो बड़ा फैसला लिया जाएगा। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद कोई भी अधिकारी या कर्मचारी का संदेश नहीं आने पर महापंचायत में फैसला लिया कि नाथूसरी चोपटा तहसील कार्यालय को स्थायी रूप से ताला लगा दिया जाएगा।

 

इसके बाद जिला प्रशासन की तरफ से डीडीए राजेश कुमार, एसडीएम वेद प्रकाश, नायब तहसीलदार अरविंद यादव, नाथूसरी चोपटा थाना प्रभारी राजाराम सहित तहसील परिसर में पहुंचे और किसानों के साथ बैठक शुरू की। उन्होंने भी समस्या के जल्दी समाधान का कोई आश्वासन नहीं दिया।

 

इसके बाद किसान ताला लेकर कार्यालय की तरफ पहुंच गए। इस दौरान तहसील कार्यालय में एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य कई अधिकारी शाम साढ़े छह बजे तक बैठे रहे। इसके बाद किसानों ने बाहर ही धरना दे दिया। किसानों ने कहा कि अधिकारियों के जाने के बाद वह कार्यालय को ताला लगाएंगे और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक उनका ताला लगा रहेगा।

दुकानदारों ने बंद रखीं दुकानें
किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए विभिन्न गांवों से महिलाएं भी पहुंचीं। महिलाएं ने किसान एकता के नारे लगाए। किसानों के समर्थन में दुकानदारों ने पूरे दिन दुकानें बंद रखीं।



आज सुबह 11 बजे तक लिखित में आश्वासन देंगे अधिकारी
नाथूसरी चोपटा तहसील कार्यालय में धरने किसानों के साथ शाम सात बजे अधिकारियों ने बैठक की। इस दौरान एसडीएम वेदप्रकाश ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि मंगलवार सुबह 11 बजे तक वह उनको लिखित में मांगों के संबंध में आश्वासन देंगे। उन्होंने कहा कि कि 31 जुलाई तक किसानाें की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। किसानों ने इस मामले को लेकर सुबह 11 बजे बैठक कर आगे का निर्णय लेने की बात कही है।

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