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Sirsa News: खुले में गेहूं... शोलों सी बरसीं बूंदें
Fri, 17 Apr 2026 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 17 Apr 2026 11:58 PM IST
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रानियां में मंडी में खुले में पड़ा गेहूं।
सिरसा। जिले में शुक्रवार को हुई बेमौसमी बारिश व तेज हवाओं के कारण खेतों में कटाई का काम प्रभावित हुआ। वहीं मंडियों में पड़ा गेहूं भी भीग गया। हालांकि बारिश ज्यादा नहीं होने के कारण नुकसान नहीं हुआ है। मंडी में उठान धीमा होने के कारण खुले में गेहूं पड़ा हुआ है। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
वहीं, बारिश के चलते आढ़तियों ने तिरपाल की व्यवस्था पहले ही कर ली थी। राजस्थान के साथ लगते चोपटा क्षेत्र की बात करें तो कागदाना, नाथूसरी चौपटा व शक्कर मंदोरी की मंडियों व खरीद केंद्रों में गेहूं बारिश में भीगने का खतरा बना हुआ है।
खरीद केंद्रों पर एक छोटा शेड होता है बाकी गेहूं खुले में रहता है। वहीं, सिरसा की एडिशनल मंडी खुले में चल रही है। शेड की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हजारों मीट्रिक टन गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। बारिश होने की सूरत में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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बता दें कि कागदाना खरीद केंद्र में भी गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है और बारिश होने से गेहूं को भीगने से नहीं बचाया जा सका है। शक्कर मंदोंरी खरीद केंद्र में भी लाखों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे बारिश में भीग गया। उधर, कुम्हारिया, कागदाना, गिगोरानी, नाथूसरी कलां, जोडकिया, खेड़ी, गुसाईं आना सहित कई गांवों में शुक्रवार दोपहर को आई तेज हवा के साथ बारिश से खेतों में गेहूं और तूड़ी को नुकसान हुआ है।
पशुओं के लिए चारे की कमी होने का संकट भी गहरा सकता है। किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई तो कर ली है अब कढ़ाई का कार्य चल रहा है ऐसे में अगर मौसम साफ रहे तो गेहूं तो मंडियों में पहुंचाया जा सकता है और पशुओं के लिए सूखा चारा एकत्रित कर लिया जाएगा। लेकिन तेज हवा से खेतों में पड़ा सूखा चारा उड़ सकता है। किसान रामकुमार, महेंद्र सिंह, जगदीश इत्यादि ने बताया कि सरकार और प्रकृति दोनों ही किसान की दुश्मन बनी हुई है।
रानियां में भी शेड के बाहर गेहूं
रानियां क्षेत्र में मंडी के साथ साथ खरीद केंद्रों में खुले में गेहूं पड़ा है जिससे गेहूं की भराई नहीं हुई है। उसको लेकर आढ़तियों व किसानों की चिंता बनी हुई है। बोरियों में भरे हुए गेहूं को लेकर एजेंसियों की चिंता बनी हुई है। दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी ही देखने को मिली। इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। रोड़ी, डबवाली और ऐलनाबाद में भी ऐसे ही हालात देखने को मिल रहे हैं।
खराब मौसम ने बढ़ाई किसानों व आढ़तियों की चिंता
कालांवाली अनाज मंडी व अतिरिक्त अनाज मंडी में खुले आसमान तले पड़ी गेहूं की ढेरियां व गेहूं से भरे पड़े लाखों की संख्या में बैगों के चलते शुक्रवार दोपहर को बदले मौसम ने किसानों व आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं का सीजन होने के चलते अनाज मंडियों में गेहूं की आवक जारी है परंतु उठान कार्य धीमा होने के कारण अनाज मंडियां गेहूं की ढेरियों व बैगों से अटी हुई हैं। आढ़तियों को गेहूं की ढेरियां करवाने के लिए बैगों के चट्ठे लगवाने पड़ रहे हैं जिसकी मजदूरी उन्हें अपनी जेब से खर्च करनी पड़ती है। मौसम खराब होने से किसानों व आढ़तियों की चिंता ओर बढ़ गई है। वहीं कालांवाली के एसडीएम मोहित महाराणा ने शुक्रवार को अतिरिक्त मंडी का औचक निरीक्षण कर गेहूं की खरीद व उठान कार्य आदि का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम ने गेहूं के भरे हुए बैगों का वजन करवाया तो कई बैगों का वजन कम पाया गया।
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वहीं, बारिश के चलते आढ़तियों ने तिरपाल की व्यवस्था पहले ही कर ली थी। राजस्थान के साथ लगते चोपटा क्षेत्र की बात करें तो कागदाना, नाथूसरी चौपटा व शक्कर मंदोरी की मंडियों व खरीद केंद्रों में गेहूं बारिश में भीगने का खतरा बना हुआ है।
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खरीद केंद्रों पर एक छोटा शेड होता है बाकी गेहूं खुले में रहता है। वहीं, सिरसा की एडिशनल मंडी खुले में चल रही है। शेड की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हजारों मीट्रिक टन गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। बारिश होने की सूरत में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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बता दें कि कागदाना खरीद केंद्र में भी गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है और बारिश होने से गेहूं को भीगने से नहीं बचाया जा सका है। शक्कर मंदोंरी खरीद केंद्र में भी लाखों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे बारिश में भीग गया। उधर, कुम्हारिया, कागदाना, गिगोरानी, नाथूसरी कलां, जोडकिया, खेड़ी, गुसाईं आना सहित कई गांवों में शुक्रवार दोपहर को आई तेज हवा के साथ बारिश से खेतों में गेहूं और तूड़ी को नुकसान हुआ है।
पशुओं के लिए चारे की कमी होने का संकट भी गहरा सकता है। किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई तो कर ली है अब कढ़ाई का कार्य चल रहा है ऐसे में अगर मौसम साफ रहे तो गेहूं तो मंडियों में पहुंचाया जा सकता है और पशुओं के लिए सूखा चारा एकत्रित कर लिया जाएगा। लेकिन तेज हवा से खेतों में पड़ा सूखा चारा उड़ सकता है। किसान रामकुमार, महेंद्र सिंह, जगदीश इत्यादि ने बताया कि सरकार और प्रकृति दोनों ही किसान की दुश्मन बनी हुई है।
रानियां में भी शेड के बाहर गेहूं
रानियां क्षेत्र में मंडी के साथ साथ खरीद केंद्रों में खुले में गेहूं पड़ा है जिससे गेहूं की भराई नहीं हुई है। उसको लेकर आढ़तियों व किसानों की चिंता बनी हुई है। बोरियों में भरे हुए गेहूं को लेकर एजेंसियों की चिंता बनी हुई है। दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी ही देखने को मिली। इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। रोड़ी, डबवाली और ऐलनाबाद में भी ऐसे ही हालात देखने को मिल रहे हैं।
खराब मौसम ने बढ़ाई किसानों व आढ़तियों की चिंता
कालांवाली अनाज मंडी व अतिरिक्त अनाज मंडी में खुले आसमान तले पड़ी गेहूं की ढेरियां व गेहूं से भरे पड़े लाखों की संख्या में बैगों के चलते शुक्रवार दोपहर को बदले मौसम ने किसानों व आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं का सीजन होने के चलते अनाज मंडियों में गेहूं की आवक जारी है परंतु उठान कार्य धीमा होने के कारण अनाज मंडियां गेहूं की ढेरियों व बैगों से अटी हुई हैं। आढ़तियों को गेहूं की ढेरियां करवाने के लिए बैगों के चट्ठे लगवाने पड़ रहे हैं जिसकी मजदूरी उन्हें अपनी जेब से खर्च करनी पड़ती है। मौसम खराब होने से किसानों व आढ़तियों की चिंता ओर बढ़ गई है। वहीं कालांवाली के एसडीएम मोहित महाराणा ने शुक्रवार को अतिरिक्त मंडी का औचक निरीक्षण कर गेहूं की खरीद व उठान कार्य आदि का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम ने गेहूं के भरे हुए बैगों का वजन करवाया तो कई बैगों का वजन कम पाया गया।