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7 खंडों के प्रत्येक गांव से भरे जाएंगे पानी के सैंपल, 13 हजार जीवाणु जांच किट मिलीं
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्रामीण महिलाओं को किट की जानकारी देते हुए।
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन द्वारा जिले के 335 गांवों में पानी के सैंपल भरकर बैक्टीरिया की जांच की जाएगी। जिले से 8 हजार बैक्टीरिया टेस्ट के सैंपल भरकर जांच करने का लक्ष्य विभाग द्वारा रखा गया है। विभाग के पास तमिलनाडु से पानी सैंपल की कुल 3 हजार 13 किट पहुंच चुकी है।
विभाग द्वारा जिले के 335 गांवों में पानी के बैक्टीरिया टेस्ट करने की तैयारी की जा रही है। जिसमें मुख्य तौर पर प्रत्येेक गांव से 5 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक गांव से 15 पानी के सैंपल लिए जाएंगे। पानी का सैंपल गांव के घरों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र व स्कूल से सैंपल लिए जाएंगे। जिले के 7 खंडों में 7 ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर को नियुक्त किया गया है। जो अपने स्तर पर प्रत्येक गांव में पांच महिलाओं को प्रशिक्षण देने का काम करेंगे। विभाग के पास तमिलनाडु से पहले चरण के लिए 3 हजार 13 पहुंच चुकी है वहीं दूसरे चरण के लिए 5000 किट आनी बाकी है। किट के माध्यम से गांवों के घरों में कैसा पानी सप्लाई हो रहा है यह जांचा जाएगा।
किट 24 घंटे में देगी रिजल्ट
किट की छोटी बोतल में वाटर सप्लाई चलने के दौरान पानी भरकर रखा जाएगा। 24 घंटे में अगर पानी का रंग काला हो गया तो इसमें बैक्टीरिया है। अगर पानी का रंग बदलता नहीं है तो वह शुद्ध पानी है। किट की छोटी बोतल में बैक्टीरिया का सोल्यूशन पहले से ही मौजूद है अगर पानी में मौजूद बैक्टीरिया सोल्यूशन को खा लेता है तो पानी काले रंग का हो जाएगा। वहीं पानी में सोल्यूशन नहीं है तो पानी का रंग काला नहीं होगा। वहीं सैंपल फेल हो गया तो संबंधित जेई व एसडीओ वहां से सैंपल लेकर विभाग की लैब में जांच कराएंगे। क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि कुछ बैक्टीरिया हानिकारक नहीं होते है। इस किट में सभी प्रकार के बैक्टीरिया आएंगे।
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किट प्रयोग करने से पहले बरतनी होगी सावधानी
पानी के सैंपल भरने से पहले यह ध्यान देना होगा कि पानी की सप्लाई चलती हो। टेस्ट करने से पहले हाथ अच्छे धुले होने चाहिए, तापमान सामान्य 30 से 35 के बीच का होना चाहिए, सैंपल लेते वक्त दूसरी टोंटी पर हाथ न लगाए क्योंकि इससे दूसरी टोंटी के कीटाणु हाथ से सैंपल में सकते है, वहीं सैंपल लेकर किट को बच्चों की पहुंच से दूर रखना अनिवार्य है।
18 रुपये की है जांच किट
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा बैक्टीरिया जांच के लिए 1 अगस्त से महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसके अंतर्गत प्रत्येक गांव में 5 महिलाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य विभाग द्वारा रखा गया है। दिसंबर तक विभाग द्वारा लक्ष्य पूरा करने का समय रखा गया है। वहीं एक बैक्टीरिया जांच किट 18 रुपये के हिसाब से विभाग ने तमिलनाडु की एक कंपनी से खरीदी है।
विभाग द्वारा 337 गांवों में बैक्टीरिया जांच के लिए प्रत्येक गांव में 5 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं जांच के लिए तमिलनाडु से बैक्टीरिया जांच के लिए किट आ चुकी है। प्रत्येक गांव से 15 सैंपल लिए जाएंगे।
-आरके शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग सिरसा।
विभाग द्वारा जिला के 335 गांवों में पानी के सैंपल लेकर बैक्टीरिया जांच करवाई जानी है। जिसके लिए विभाग के पास तमिलनाडु से 3 हजार 13 बैक्टीरिया जांच किट आ चुकी है। वहीं प्रत्येक गांव से 5 महिलाओं को सैंपल लेने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
-राकेश सोगलान, जिला सलाहकार, जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन
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विभाग द्वारा जिले के 335 गांवों में पानी के बैक्टीरिया टेस्ट करने की तैयारी की जा रही है। जिसमें मुख्य तौर पर प्रत्येेक गांव से 5 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक गांव से 15 पानी के सैंपल लिए जाएंगे। पानी का सैंपल गांव के घरों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र व स्कूल से सैंपल लिए जाएंगे। जिले के 7 खंडों में 7 ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर को नियुक्त किया गया है। जो अपने स्तर पर प्रत्येक गांव में पांच महिलाओं को प्रशिक्षण देने का काम करेंगे। विभाग के पास तमिलनाडु से पहले चरण के लिए 3 हजार 13 पहुंच चुकी है वहीं दूसरे चरण के लिए 5000 किट आनी बाकी है। किट के माध्यम से गांवों के घरों में कैसा पानी सप्लाई हो रहा है यह जांचा जाएगा।
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किट 24 घंटे में देगी रिजल्ट
किट की छोटी बोतल में वाटर सप्लाई चलने के दौरान पानी भरकर रखा जाएगा। 24 घंटे में अगर पानी का रंग काला हो गया तो इसमें बैक्टीरिया है। अगर पानी का रंग बदलता नहीं है तो वह शुद्ध पानी है। किट की छोटी बोतल में बैक्टीरिया का सोल्यूशन पहले से ही मौजूद है अगर पानी में मौजूद बैक्टीरिया सोल्यूशन को खा लेता है तो पानी काले रंग का हो जाएगा। वहीं पानी में सोल्यूशन नहीं है तो पानी का रंग काला नहीं होगा। वहीं सैंपल फेल हो गया तो संबंधित जेई व एसडीओ वहां से सैंपल लेकर विभाग की लैब में जांच कराएंगे। क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि कुछ बैक्टीरिया हानिकारक नहीं होते है। इस किट में सभी प्रकार के बैक्टीरिया आएंगे।
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किट प्रयोग करने से पहले बरतनी होगी सावधानी
पानी के सैंपल भरने से पहले यह ध्यान देना होगा कि पानी की सप्लाई चलती हो। टेस्ट करने से पहले हाथ अच्छे धुले होने चाहिए, तापमान सामान्य 30 से 35 के बीच का होना चाहिए, सैंपल लेते वक्त दूसरी टोंटी पर हाथ न लगाए क्योंकि इससे दूसरी टोंटी के कीटाणु हाथ से सैंपल में सकते है, वहीं सैंपल लेकर किट को बच्चों की पहुंच से दूर रखना अनिवार्य है।
18 रुपये की है जांच किट
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा बैक्टीरिया जांच के लिए 1 अगस्त से महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसके अंतर्गत प्रत्येक गांव में 5 महिलाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य विभाग द्वारा रखा गया है। दिसंबर तक विभाग द्वारा लक्ष्य पूरा करने का समय रखा गया है। वहीं एक बैक्टीरिया जांच किट 18 रुपये के हिसाब से विभाग ने तमिलनाडु की एक कंपनी से खरीदी है।
विभाग द्वारा 337 गांवों में बैक्टीरिया जांच के लिए प्रत्येक गांव में 5 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं जांच के लिए तमिलनाडु से बैक्टीरिया जांच के लिए किट आ चुकी है। प्रत्येक गांव से 15 सैंपल लिए जाएंगे।
-आरके शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग सिरसा।
विभाग द्वारा जिला के 335 गांवों में पानी के सैंपल लेकर बैक्टीरिया जांच करवाई जानी है। जिसके लिए विभाग के पास तमिलनाडु से 3 हजार 13 बैक्टीरिया जांच किट आ चुकी है। वहीं प्रत्येक गांव से 5 महिलाओं को सैंपल लेने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
-राकेश सोगलान, जिला सलाहकार, जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन